भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के आतंकवाद-रोधी और मानवाधिकार मामलों के स्पेशल रैपोर्टियर की एक रिपोर्ट में मौजूद गंभीर तथ्यात्मक गलतियों की ओर इशारा किया है. स्पेशल रैपोर्टियर बेन सॉल ने अपनी जुलाई की रिपोर्ट में कहा था कि सबसे वांटेड आतंकवादियों में से एक, दाऊद इब्राहिम भारत में रह रहा है. अब भारत ने इस झूठ को पेश करने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है, क्योंकि इससे इस वैश्विक संस्था को नुकसान पहुंच सकता है. बता दें कि स्पेशल रैपोर्टियर्स को संयुक्त राष्ट्र से सीधे भुगतान नहीं किया जाता है और उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे UN से स्वतंत्र होकर काम करें.
भारत ने बताई पाकिस्तान की सच्चाई
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने कहा, "मैं रिकॉर्ड के लिए इसे स्पष्ट कर देना चाहता हूं"
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पुरी ने कहा कि यह व्यक्ति 2003 में सूची में शामिल किए जाने से बहुत पहले ही भारत से भाग गया था. इसी दौरान, किसी दूसरे देश से रहते हुए, उसे अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से जुड़े होने के कारण इस लिस्ट में डाला गया था. यहां पुरी का साफ-साफ इशारा पाकिस्तान की ओर था. पाकिस्तान यानी एक ऐसा विफल राष्ट्र, जो सीमा पार आतंकवाद और आम नागरिकों की हत्याओं को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करता है.
पुरी ने कहा, "आज भी वह मेरे देश में एक वांटेड अपराधी है. संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार, वह उसी देश में रह रहा है जहां ओसामा बिन लादेन मिला था और मारा गया था." उन्होंने पाकिस्तान के एबटाबाद शहर की ओर इशारा किया, जो एक सैन्य छावनी वाला इलाका है और जहां ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ पाया गया था.
भारत में वांटेड कई आतंकवादी, जिनमें 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल लोग भी हैं, दशकों से पाकिस्तान में रह रहे हैं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने समय-समय पर इनके खिलाफ केवल दिखावटी कार्रवाई की है. और वह भी तब, जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद रोकने को लेकर सख्ती दिखाई.
"अगर इस पंक्ति को अलग से पढ़ा जाए, तो यह असल हकीकत से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है. यह संगठन और इसका लिस्टेड नेता, दाऊद इब्राहिम, 1993 से ही भारत में आतंकी हमलों के मामलों में वांटेड है. 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत लिस्ट किए जाने के कारणों के विवरण में यह बात साफ तौर पर लिखी गई है. इस तथ्य का जिक्र न करना अफसोसजनक है, और विशेष जनादेश धारकों की ओर से दिखाई गई ऐसी अक्षमता इस संगठन को बहुत नुकसान पहुंचाती है.
बार-बार दुनिया को बता रहा भारत
भारत ने अतीत में कई बार वैश्विक समुदाय को बताया है कि अमेरिका में 9/11 हमलों की साजिश रचने और उन्हें अंजाम देने वाले अल-कायदा के नेता किसी सुनसान या बिना शासन वाले सीमावर्ती इलाके में नहीं छिपे थे, बल्कि वे पाकिस्तान के भीतर एक सुरक्षित और पहरेदार वाले इलाके में एक किलेनुमा परिसर में रह रहे थे. पुरी ने कहा कि आतंकवाद को कभी भी सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के बयान को खारिज करते हुए इसे "महज राजनीतिक फायदे के लिए किया गया कोरा प्रचार" करार दिया.
उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग हैं, हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेंगे. मैं पाकिस्तानी प्रतिनिधि के बयान पर कोई और टिप्पणी करके उसे कोई अहमियत नहीं देना चाहता."
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