- यमन के हूती विद्रोहियों ने सभी एयरलाइन्स को चेतावनी दी कि सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र अब सुरक्षित नहीं है
- सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में जवाबी हमलों के तहत सौ लड़ाकू विमानों से ऑपरेशन शुरू किया
- गठबंधन ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने और यमनी सेना को चौबीस घंटे हवाई सहायता देने का दावा किया
यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सभी एयरलाइन्स को चेतावनी दी कि सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र आम नागरिकों की उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं है. समूह की समाचार एजेंसी 'सबा' ने यह जानकारी दी. यह चेतावनी तब आई जब सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि वह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार द्वारा घोषित जवाबी हमले में शामिल हो गया है.
'सबा' द्वारा जारी एक बयान में, हूती विद्रोहियों की HOCC एजेंसी ने कहा कि सऊदी अरब का हवाई क्षेत्र "सुरक्षित नहीं है" और यह "हमारी सशस्त्र सेनाओं के ऑपरेशन का इलाका होगा." इस बयान का सीधा मतलब है कि अब हूती सऊदी अरब जाने वाले प्लेनों को निशाना बना सकते हैं.
100 लड़ाकू विमानों का हमला
यमन में सरकार को बहाल करने के लिए लड़ रहे गठबंधन ने बताया कि सोमवार सुबह शुरू हुए "ऑपरेशन डॉन ऑफ़ यमन" में 100 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और 324 अहम ठिकानों को नष्ट कर दिया. गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि उनकी सेनाएं बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए हवाई सुरक्षा दे रही हैं, जबकि चलते-फिरते लक्ष्यों के खिलाफ अभियान जारी है.
बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर कब्जा
गठबंधन ने यह भी कहा कि वह जमीन पर काम कर रही यमनी सेना को चौबीसों घंटे हवाई मदद दे रहा है. वहीं यमन की सरकारी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने एक मिलिट्री ऑपरेशन में रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर कब्जा कर लिया है. इस ऑपरेशन का मकसद हूथी लड़ाकों और उनकी क्षमताओं को निशाना बनाना था. सेना के प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी.
सैन्य कार्रवाई अब भी जारी
प्रवक्ता ने बताया कि 'जायंट्स ब्रिगेड' और 'नेशन शील्ड फोर्सेज' ने "डॉन ऑफ यमन" नाम के इस ऑपरेशन के तहत इलाके पर कब्ज़ा किया. प्रवक्ता के मुताबिक, सरकारी सेना ने धू बाब एयरपोर्ट पर भी कब्जा कर लिया है और धू बाब को मोखा से जोड़ने वाली सड़क पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है. धू बाब में घिरे सैकड़ों हूती लड़ाकों से सरेंडर करने को कहा गया, जबकि कुछ लड़ाके नाव से भाग निकले. ऑपरेशन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अभियान अभी भी जारी है.
यह भी पढ़ें-
गणित के लेक्चरर ने इजरायल में कत्लेआम का बनाया खौफनाक प्लान, उम्र है 60 साल से ज्यादा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं