- आरोपी ने छह-छह सदस्यों वाले बारह गुटों में हथियारबंद हमलावरों को बांटने का प्लान बनाया था
- आरोप है कि हमलों का मकसद अरब नागरिकों और फिलिस्तीनियों को देश से भगाना और हिंसा के जरिए अराजकता फैलाना था
- आरोपी ने सार्वजनिक रूप से एक राजनीतिक नेता को योजना में सहयोग के लिए धमकी भी दी
सोमवार को इजरायल में कुछ ऐसा हुआ, जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी. सरकारी वकील के दफ्तर ने बार-इलान यूनिवर्सिटी के एक गणित के लेक्चरर पर आरोप तय किए. आरोप है कि उसने राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित होकर इजरायल के सैकड़ों अरब नागरिकों और फिलिस्तीनियों के खिलाफ कई बड़े आतंकवादी हमले करने की योजना बनाई थी. आरोपी पेटा टिकवा का रहने वाला है और 60 साल से ज्यादा उम्र का है. अदालत ने उसके नाम के प्रकाशन पर रोक लगा रखी है, इसलिए उसका नाम नहीं बताया जा सकता.
फरवरी 2023 से बना रहा था प्लान
लेक्चरर पर लोद की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में आतंकवाद-रोधी कानून के तहत आतंकवादी घटना को अंजाम देने की तैयारी करने, धमकी देकर जबरन वसूली करने और न्याय में बाधा डालने का आरोप लगाया गया. सरकारी वकीलों ने कोर्ट से यह भी कहा कि कानूनी कार्यवाही पूरी होने तक उसे हिरासत में रखा जाए. आरोप-पत्र के अनुसार, उसने फरवरी 2023 की शुरुआत से लेकर लगभग दो हफ्ते पहले अपनी गिरफ्तारी तक यह योजना बनाई थी. अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह योजना शुरू में मई 2021 में 'ऑपरेशन गार्डियन ऑफ द वॉल्स' के दौरान हुए दंगों से प्रेरित थी और 'स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन' युद्ध शुरू होने के बाद और तेज हो गई.
करना क्या चाहता था लेक्चरर
लेक्चरर का मकसद यह था कि अलग-अलग जगहों पर एक ही समय में कई आतंकवादी गुटों को सक्रिय किया जाए. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने हमले के संभावित रास्तों और पहुंचने के तरीकों का पता लगाने के लिए तूबा-ज़ंगहरिया के आस-पास रेकी भी की थी. इस कथित योजना में 72 यहूदी हमलावरों को शामिल करने की बात थी, जिनमें आरोपी भी शामिल था; इनमें से कम से कम आधे लोगों के पास हथियार रखने का लाइसेंस होना था. उन्हें छह-छह लोगों के 12 गुटों में बांटा जाना था और उन्हें हैंडगन, राइफल, कुल्हाड़ी और हथौड़े जैसे कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल करना था. हमले के लिए इजरायल भर के मिश्रित आबादी वाले शहरों और अरब समुदायों को चुना गया था, जिनमें उत्तर में स्थित तूबा-ज़ंगहरिया भी शामिल था; आरोप-पत्र में इसे मुख्य निशाना बताया गया है.
महिलाओं-बच्चों तक को मारना चाहता था
इस प्लान में यह भी कहा गया था कि आतंकवादी गुटों को IDF के भीतर से ही भर्ती किए गए विद्रोही तत्वों से पहले से तय मदद और समर्थन मिले. इसमें एयर फ़ोर्स, आर्टिलरी कोर और आर्मर्ड कोर द्वारा अरब आबादी वाले इलाकों पर बमबारी करना भी शामिल था. आरोप-पत्र के अनुसार, प्लान के व्यावहारिक हिस्से में आम लोगों से कहा गया था कि वे बड़े पैमाने पर हत्याएं करने और तनाव वाले इलाकों, सड़कों, अरब बस्तियों के आने-जाने के रास्तों, मिली-जुली आबादी वाले शहरों और अस्पतालों पर तेजी से कब्जा करने में शामिल हों... महिलाओं या उनके क्रूर और घिनौने बच्चों पर भी दया न करें; गिड़गिड़ाने पर भी न रुकें; अपने दिल पत्थर के कर लें.जरा सी भी देरी से ऐसी अराजकता फैलेगी जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकेगा, और उसके बाद यहूदियों का कत्लेआम होगा."
कैसे पकड़ा गया ये लेक्चरर
आरोप-पत्र में कहा गया है कि आरोपी ने लगभग डेढ़ साल तक अपने साथ समर्थक जोड़ने की कोशिश की, लेकिन कोई भी सहमत नहीं हुआ. इसके बाद, उसने कथित तौर पर ज़ेहुत के चेयरमैन मोशे फिग्लिन को भर्ती करने की कोशिश की, जो संयुक्त 'रिलिजियस ज़ायोनिस्ट पार्टी-ज़ेहुत' चुनावी सूची में दूसरे नंबर पर हैं. उसका इरादा फिग्लिन को शामिल करने और उनकी मदद से इस योजना में हिस्सा लेने के लिए और कार्यकर्ताओं को भर्ती करने का था.
आरोप-पत्र के अनुसार, आरोपी फिग्लिन के दो सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुआ और उनसे मुलाकात करके उन्हें योजना का ब्यौरा देने की कोशिश की, लेकिन फिग्लिन ने उसकी किसी भी कोशिश का कोई जवाब नहीं दिया.
इसके लगभग दो दिन बाद, वह कथित तौर पर फिग्लिन के घर गया, वहां से गुजर रही एक पड़ोसन को पत्र दिया और उससे वह पत्र फिग्लिन तक पहुंचाने को कहा. बाद में वह यरूशलेम के महाने येहुदा बाजार में आयोजित 'ज़ेहुत' पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल हुआ और एक अन्य महिला के जरिए पार्टी के महानिदेशक को उस पत्र की कई प्रतिया और एक दूसरा पत्र सौंपा, जिसमें वैसी ही धमकी दी गई थी. फिग्लिन की टीम ने कहा कि चिट्ठी मिलते ही उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी.
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