- ChatGPT बनाने वाली कंपनी में सुरक्षा चूक, कॉन्फ्रेंस रूम में रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला
- OpenAI कर्मचारी पर जासूसी का आरोप, FBI ने किया अरेस्ट
- सऊदी इंजीनियर पर गंभीर आरोप, कंपनी से निकाला गया
ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI में एक इंजीनियर को कथित रूप से कॉन्फ्रेंस रूम में आवाज सुनने वाली डिवाइस (Listening Device) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. कंपनी ने डिवाइस मिलने के बाद आंतरिक जांच की और मामले की जानकारी FBI को दी. जांच एजेंसी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. OpenAI का कहना है कि फिलहाल मॉडल वेट्स, सोर्स कोड या ग्राहक डेटा तक अनधिकृत पहुंच के कोई संकेत नहीं मिले हैं. कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को तय की गई है.
कॉन्फ्रेंस रूम में मिली थी डिवाइस
न्यूज एजेंसी AP के अनुसार क्रिमिनल कोर्ट सैन फ्रांसिस्को के अदालती दस्तावेजों के मुताबिक गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान 35 वर्षीय सऊदी नागरिक अब्दुलरहमान अलफोजान के रूप में हुई है. उसे पिछले शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि उसने OpenAI के एक कॉन्फ्रेंस रूम में गुप्त रूप से ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था. जांच में सामने आया कि यह डिवाइस एक सप्ताह पहले कंपनी के अधिकारियों को मिला था. इसके बाद कंपनी ने तुरंत जांच शुरू की और मामले की जानकारी FBI को दी.
OpenAI की जांच में हुई कर्मचारी की पहचान
OpenAI ने एक बयान में बताया कि कंपनी को अपने एक ऑफिस में छिपाया गया एक अत्याधुनिक रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला था. आंतरिक जांच के दौरान यह पता लगाया गया कि एक कर्मचारी ने कुछ दिन पहले इसे वहां लगाया था. कंपनी के अनुसार, डिवाइस को इस तरह तैयार किया गया था कि वह आसानी से पकड़ में न आए. इसमें उन्नत एन्क्रिप्शन और ऑडियो निगरानी जैसी सुविधाएं मौजूद थीं. OpenAI का यह भी दावा है कि आरोपी कार्यालय के अन्य हिस्सों में भी ऐसे उपकरण लगाने की योजना बना रहा था.
FBI and partners arrested this individual after he allegedly concealed a recording device inside his employer's executive conference room to secretly capture sensitive communications about the company's super intelligence tech - Thank you to @ODNIgov Jay Clayton @AGToddBlanche and our law enforcement partners for their support in this case. Investigation ongoing. Protecting American SI innovation is critically important and FBI views it as one of our highest counterintelligence priorities.
— FBI Director Kash Patel (@FBIDirectorKash) October 13, 2026
CCTV फुटेज से बढ़ा शक
एफबीआई जांच के अनुसार जिस कॉन्फ्रेंस रूम में डिवाइस मिला, वहां उस समय सुरक्षा कैमरा नहीं था. हालांकि ऑफिस परिसर के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कई बार उस क्षेत्र के आसपास घूमता दिखाई दिया. जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी को उस कमरे में जाने या वहां होने वाली बैठकों में शामिल होने का कोई अधिकार नहीं था. बाद में कंपनी ने कमरे में कैमरा लगवाया, जिसमें आरोपी को टेलीविजन के पीछे उस स्थान की जांच करते हुए देखा गया जहां रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया गया था.
टॉयलेट पेपर में छिपाकर लगायी डिवाइस
शिकायत के मुताबिक रिकॉर्डिंग डिवाइस 30 सितंबर को एक कार्यकारी कॉन्फ्रेंस रूम में मिला था. इसे टॉयलेट पेपर के अंदर छिपाकर टेलीविजन के पीछे लगे यूएसबी पोर्ट में लगाया गया था. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कंपनी के उत्पादकता टूल का इस्तेमाल कर इमारत के पते, मीटिंग रूम, उनकी क्षमता और मीटिंग कैलेंडर से जुड़ी जानकारी कई बार खोजी थी.
एक और रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने का दावा
एफबीआई के अनुसार गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले आरोपी ने कंपनी के एक अन्य कमरे में एक बैग छोड़ दिया था. जब कर्मचारियों ने उसे खोला तो उसमें उसका बटुआ, पहचान पत्र और एक अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइस मिला. बताया गया कि यह उपकरण भी कॉन्फ्रेंस रूम में मिले डिवाइस जैसा ही था.
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि OpenAI जैसी कंपनी की संवेदनशील जानकारियां और अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से जुड़ी बौद्धिक संपदा की चोरी देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है.
जांच जारी, 19 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब्दुलरहमान अलफोजान पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग कर मौखिक बातचीत को रिकॉर्ड करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है. उसने मंगलवार को अदालत में पहली बार पेशी दी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी ओर से कौन वकील पैरवी कर रहा है. मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को निर्धारित की गई है. वहीं FBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिकॉर्ड की गई जानकारी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश मौजूद थी.
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