- सऊदी अरब में बढ़ा खतरा, अमेरिका ने राजनयिकों और परिवारों को निकालना शुरू किया
- दमाम एयरपोर्ट पर हमला, 1 की मौत
- सऊदी अरब में लगातार ड्रोन अटैक, तेल क्षेत्र से एयरपोर्ट तक हमले, मध्य पूर्व में बढ़ी सुरक्षा चिंता
सऊदी अरब में बढ़ते ड्रोन हमलों और क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट हो गया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों में तेजी आई है. दूसरी ओर सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों और ऊर्जा ठिकानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.
दमाम एयरपोर्ट पर हमला, एक की मौत
न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक पूर्वी सऊदी अरब के दमाम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार शाम हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए. सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि घायलों में कुछ लोगों की हालत गंभीर है. हमले से हवाई अड्डे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है. फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटरडार24 के अनुसार हमले के बाद कई उड़ानों का रूट बदल दिया गया. हालांकि अधिकारियों ने हमले के तरीके या जिम्मेदार संगठन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
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दमाम एयरपोर्ट पर हमले की पुष्टि
Photo Credit: GACA की ओर से जारी बयान की कॉपी
अमेरिकी दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों को लौटने का आदेश
अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को घोषणा की कि रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और उससे जुड़े वाणिज्य दूतावासों में तैनात गैर-जरूरी कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया गया है.
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि स्थिति तेजी से और अधिक गंभीर रूप ले सकती है.

अमेरिका की तरफ से जारी किया गया अलर्ट
Photo Credit: @USAinKSA
किंग खालिद एयरपोर्ट भी रहा निशाने पर
हाल के दिनों में जारी अमेरिकी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को किसी भी सऊदी हवाई अड्डे का उपयोग करने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी. हूती विद्रोहियों ने बार-बार रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया है. गंभीर हमले के बाद यह एयरपोर्ट 10 अक्टूबर से बंद था. हालांकि बुधवार को सीमित संख्या में सऊदी एयरलाइंस की उड़ानों का संचालन फिर से शुरू हुआ. इसके बावजूद लुफ्थांसा और एयर फ्रांस जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने नवंबर के मध्य तक अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं.
हूती विद्रोहियों ने लगाए हथियारों की सप्लाई के आरोप
हाल के सप्ताहों में सऊदी अरब के कई प्रमुख ठिकाने हूती हमलों का निशाना बने हैं. सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि बुधवार तड़के हूती विद्रोहियों ने पांच ड्रोन सऊदी अरब की ओर भेजे थे. गठबंधन के अनुसार इन ड्रोन को मदीना और पूर्वी क्षेत्र के ऊपर मार गिराया गया. हूती विद्रोहियों ने किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. उनका आरोप है कि इस हवाई अड्डे के जरिए सऊदी सरकार को सैन्य सामग्री पहुंचाई जा रही थी.
तेल क्षेत्र में भी मौतें
तनाव के बीच सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में अरामको के एक तेल क्षेत्र के पास रोके गए ड्रोन के मलबे से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. मारे गए लोगों में एक नेपाली और एक फिलीपींस का नागरिक शामिल था, जबकि घायलों में एक पाकिस्तानी और एक भारतीय नागरिक बताया गया है. इससे पहले भी अरामको के एक प्रशासनिक भवन को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिससे सीमित स्तर पर आग लग गई थी.
पूरे खाड़ी क्षेत्र में बढ़ाई गई सतर्कता
अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि निकासी आदेश केवल सऊदी अरब पर लागू है, लेकिन अन्य खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी दूतावासों में भी अस्थायी स्टाफ बदलाव किए जाएंगे. इन दूतावासों में पहले से ही सीमित परिचालन व्यवस्था लागू है.
जुलाई से फिर बढ़ी हिंसा
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच जुलाई के मध्य से संघर्ष फिर तेज हुआ है. हूती समूह लगातार सऊदी बंदरगाहों, तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों को निशाना बना रहा है.
यह भी पढ़ें : सऊदी अरब के दो बड़े एयरपोर्ट पर हमला; 3 की मौत, 36 लोग घायल, हूतियों ने ली जिम्मेदारी
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