महाराष्ट्र में नई सरकार का शपथग्रहण कब होगा, ये साफ नहीं है. लेकिन इससे पहले चुनाव जीतने वाले दोनों प्रमुख के बीच खींचतान बढ़ गई है. इस बार ज्यादातर शिवसैनिक चाहते हैं कि सीएम पद शिवसेना को मिले और आदित्य ठाकरे को सीएम बनाया जाए. मातोश्री में शिवसेना के विधायकों की बैठक हुई, जिसमें विधायकों का कहना है कि उद्धव जो फैसला लेंगे, विधायक उनके साथ खड़े हैं. ऐसा लग रहा है कि शिवसेना को बीजेपी पर विश्वास नहीं है. विधायक दल की बैठक में फैसला लिया गया है कि पहले बीजेपी लिखित में दे कि वह ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री वाले यानी 50-50 वाले फॉर्मूले पर राजी है. शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने कहा कि बीजेपी जब तक लिखित में नहीं देगी तब तक शिवसेना सरकार में शामिल नहीं होगी.