पवित्र काशी नगरी में आयोजित 2 दिवसीय वर्ल्ड सिम्पोजियम ऑन एशियन विसडम में अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने भारतीय सभ्यता और प्राचीन ज्ञान की प्रासंगिकता पर प्रेरक संबोधन दिया. उन्होंने आयोजकों प्रोफेसर जेफ्री सैक्स और श्री निरुपम बजपई का आभार जताते हुए कहा कि वाराणसी में कुछ रहस्यमय है, जहां मानवता के सबसे पुराने सवाल आज भी भविष्य के लिए प्रासंगिक हैं. काशी की विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर की पवित्र ऊर्जा ने सदियों से संतों को ज्ञान की खोज के लिए आकर्षित किया है. भगवान बुद्ध और गुरु नानक देव जी ने इसी धरती से प्रवचन दिए और 4 जैन तीर्थंकरों का जन्म भी यहीं हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पवित्र शहर को अपनी संसदीय सीट के रूप में चुना और उनके नेतृत्व में वाराणसी आज संस्कृतियों का संगम और भारत की वैश्विक उपस्थिति का प्रतीक बन गया है.