- चमोली जिले के बाराहोटी इलाके में हुई है यह घटना
- चीनी सेना का हेलीकॉप्टर भी कर चुका है अतिक्रमण
- चीन से लगी सरहद पर अब तक नहीं हो पाया सीमांकन
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नई दिल्ली:
उत्तराखंड के चमोली ज़िले में चीन की घुसपैठ की खबर है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसको लेकर सीमा पर तैनात आईटीबीपी से रिपोर्ट मांगी है। घुसपैठ की यह घटना 19 जुलाई को हुई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि हाल के दिनों में उत्तराखंड की सीमा पर चीन की सक्रियता काफी बढ़ गई है। इसको लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को इस संबंध में जानकारी दे दी है।
चमोली जिले के बाराहोटी इलाके में हुई है यह घटना
बताया जा रहा है कि चीनी सेना और भारतीय सैनिक सीमा पर करीब 15 से 20 मिनट तक रहे। चार पांच चीनी सैनिक आए थे और फिर वापस चले गए। यह घटना चमोली जिले के बाराहोटी इलाके में हुई है। यहां पर करीब 80 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर चीन अपना दावा करता रहा है। यहां पर दोनों देश के लोग मवेशी चराने आते हैं। यहां पर सेना या आईटीबीपी की हर वक्त तैनाती नहीं रहती है बल्कि यहां जवान पेट्रोलिंग करते आते हैं और फिर चले जाते हैं।
चीनी सेना का हेलीकॉप्टर भी कर चुका है अतिक्रमण
दो साल पहले इसी इलाके में चीनी सेना का हेलीकॉप्टर भी अतिक्रमण कर चुका है। चमोली जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में इससे पहले भी 2013-14 में कई बार चीनी सैनिक आ चुके हैं और पत्थरों पर चीन लिखकर जा चुके हैं। आपको बता दें उत्तराखंड राज्य की करीब 350 किलोमीटर की सीमा चीन से मिलती है। उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्व में भारत से लगी सीमा पर भी चीन की ओर से घुसपैठ की खबरें आती रही हैं। इसके अलावा लेह पर भारत से लगी सीमा पर चीन की सेना कई बार घुसपैठ को अंजाम दे चुकी है।
चीन से लगी सरहद पर अब तक नहीं हो पाया सीमांकन
सेना के मुताबित चीन से लगी सरहद पर सीमांकन अब तक नहीं हो पाया है, जिस वजह से सरहद को लेकर दोनों देशों का अपना अपना नजरिया है। इसी वजह से ऐसी घटनाये चीन से लगी सरहद पर होती रहती है। इस मामलों को भी सुलझा लिया गया है। यह कोई गंभीर चिंता वाली बात नहीं है। इस मामलों को भी सुलझा लिया गया है।
चमोली जिले के बाराहोटी इलाके में हुई है यह घटना
बताया जा रहा है कि चीनी सेना और भारतीय सैनिक सीमा पर करीब 15 से 20 मिनट तक रहे। चार पांच चीनी सैनिक आए थे और फिर वापस चले गए। यह घटना चमोली जिले के बाराहोटी इलाके में हुई है। यहां पर करीब 80 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर चीन अपना दावा करता रहा है। यहां पर दोनों देश के लोग मवेशी चराने आते हैं। यहां पर सेना या आईटीबीपी की हर वक्त तैनाती नहीं रहती है बल्कि यहां जवान पेट्रोलिंग करते आते हैं और फिर चले जाते हैं।
चीनी सेना का हेलीकॉप्टर भी कर चुका है अतिक्रमण
दो साल पहले इसी इलाके में चीनी सेना का हेलीकॉप्टर भी अतिक्रमण कर चुका है। चमोली जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में इससे पहले भी 2013-14 में कई बार चीनी सैनिक आ चुके हैं और पत्थरों पर चीन लिखकर जा चुके हैं। आपको बता दें उत्तराखंड राज्य की करीब 350 किलोमीटर की सीमा चीन से मिलती है। उल्लेखनीय है कि उत्तर पूर्व में भारत से लगी सीमा पर भी चीन की ओर से घुसपैठ की खबरें आती रही हैं। इसके अलावा लेह पर भारत से लगी सीमा पर चीन की सेना कई बार घुसपैठ को अंजाम दे चुकी है।
चीन से लगी सरहद पर अब तक नहीं हो पाया सीमांकन
सेना के मुताबित चीन से लगी सरहद पर सीमांकन अब तक नहीं हो पाया है, जिस वजह से सरहद को लेकर दोनों देशों का अपना अपना नजरिया है। इसी वजह से ऐसी घटनाये चीन से लगी सरहद पर होती रहती है। इस मामलों को भी सुलझा लिया गया है। यह कोई गंभीर चिंता वाली बात नहीं है। इस मामलों को भी सुलझा लिया गया है।
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