एक तरफ़ हम चांद पर जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर 21वीं लिंगभेद की ख़बरें भी सामने आ रही हैं. उत्तरकाशी के 133 गांवों में पिछले तीन महीनों में 216 बच्चों का जन्म हुआ है, लेकिन इनमें एक भी बच्ची नहीं है. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की पोल खोलते ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं और दर्शाते हैं कि इस ज़िले में भ्रूण हत्या कितनी फल फूल रही है. जैसे ही ये आंकड़े सामने आए तो प्रशासन में अफ़रातफ़री मच गई.
असंतुलित लिंग-अनुपात और 'बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ' अभियान...
ज़िलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने आशा कार्यकर्ताओं की आपात बैठक बुलाई और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है. इस बीच खबर है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.
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