- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित की मौत दम घुटने से हुई पाई गई, सर्पदंश की शुरुआती आशंका गलत साबित हुई थी
- मोबाइल कॉल डिटेल और गवाहों के आधार पर अभियोजन ने दोनों के खिलाफ 500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था
- न्यायाधीश ने सजा सुनाते हुए दोनों के बच्चों के भविष्य और देखभाल के लिए जिला प्रशासन को भी निर्देश दिए हैं
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव के चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है. दोनों को पहले हत्या का दोषी ठहराया गया था और शुक्रवार को अदालत ने सजा का ऐलान किया. मेरठ जेल में बंद दोनों आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई.
यह मामला उस समय पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गया था जब 12 अप्रैल 2025 को अमित कश्यप अपने घर में मृत मिले थे. शव के पास एक सांप मिलने के कारण शुरुआती तौर पर इसे सर्पदंश से हुई मौत माना गया. पुलिस ने मौके से सांप को पकड़कर सुरक्षित कर लिया था और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज
जांच की दिशा उस समय बदल गई जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी. इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की. जांच में पता चला कि रविता और पड़ोसी अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे. पुलिस के मुताबिक दोनों ने मिलकर अमित को रास्ते से हटाने की साजिश रची और हत्या के बाद घटनास्थल पर सांप छोड़कर मामले को दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया.
करीब 13 महीने के भीतर अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में फैसला सुना दिया. सजा सुनाते समय न्यायाधीश ने जिला प्रशासन से दोनों के बच्चों के भविष्य और देखभाल पर भी ध्यान देने की बात कही. हाल के दिनों में मेरठ की मुस्कान मामले में भी अदालत द्वारा फांसी की सजा दिए जाने की चर्चा रही थी. अब रविता और अमरदीप को मिली फांसी की सजा ने एक बार फिर प्रेम प्रसंग से जुड़े जघन्य अपराधों पर सख्त संदेश दिया है.
जानकारी के अनुसार, इस मामले में शुरुआत में परिजनों ने उसकी मौत सांप के डसने से होने की आशंका जताई थी. शव के नीचे एक सांप दबा मिला था, जिसे पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया गया था. बाद में सपेरों ने सांप की जांच कर बताया कि उसके विषदंत के नीचे जहर की थैली नहीं थी और उसे निकाल दिया गया था. ऐसे में उसके काटने से अमित की मौत संभव नहीं थी. अमित के गले पर चोट और शरीर पर नाखून जैसे खरोंच के निशान भी मिले.
पोस्टमार्टम में मौत का कारण सर्पदंश के बजाय दम घुटना सामने आया. इसके बाद पुलिस ने हत्या के कोण से जांच शुरू की. जांच में अमित की पत्नी रविता और उसके पड़ोसी अमरदीप के बीच कथित प्रेम संबंधों की जानकारी मिली.
पुलिस ने मामले में 500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया और अभियोजन ने 12 से अधिक गवाह पेश किए. सरकारी वकील फरजाना के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा मोबाइल फोन की कॉल डिटेल महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी.
उन्होंने बताया कि अमित की मौत के बाद भी रविता और अमरदीप के बीच लगातार बातचीत हुई और चार दिन में दोनों के बीच 70 से अधिक बार बातचीत हुई. अमरदीप जिस नंबर से रविता से बात करता था, वह जागृति विहार निवासी सोनू के नाम पर था. सोनू ने अदालत में कहा कि वह नंबर का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही रविता या अमरदीप को जानता था.
जांच में सामने आया कि अमरदीप ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर सिम लिया था. दोनों के बीच इस नंबर से 500 से अधिक बार बातचीत का रिकॉर्ड मिला. जांच के दौरान सांप उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ की गई. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. रविता तब से जेल में थी जबकि अमरदीप जमानत पर बाहर था.
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