हरदीप पुरी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ विधानभवन जाकर नामांकन दाखिल किया.
- मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे की वजह से खाली हुई थी यह सीट
- सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ राजभवन जाकर किया नामांकन
- केंद्र सरकार में आवास एवं नगर विकास मंत्री हैं हरदीप पुरी
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लखनऊ:
केंद्रीय आवास एवं नगर विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. पुरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय के साथ विधानभवन पहुंचे और नामांकन दाखिल किया. यह सीट गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के इस्तीफे की वजह से रिक्त हुई है. पूर्व रक्षा मंत्री पर्रिकर ने गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी. हालांकि उनका कार्यकाल 25 नवंबर 2020 तक था. मुख्यमंत्री ने पुरी के नामांकन के अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि पुरी एक सक्षम व्यक्ति हैं और प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर उनका लम्बा अनुभव है.
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पुरी ने कहा कि राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करके उन्हें खुशी होगी. वह इसे एक जिम्मेदारी के तौर पर ले रहे हैं और उसका निर्वाह करेंगे. वह पहले मंत्री पद मिलने और अब राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को धन्यवाद देते हैं.
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राजनयिक से राजनेता बने 65 वर्षीय पुरी को पिछले साल सितंबर में केंद्रीय आवास एवं नगर विकास मंत्री बनाया गया था. चूंकि वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लिहाजा पद की शपथ लेने के बाद छह माह के अंदर उन्हें संसद के किसी सदन की सदस्यता लेना जरूरी है.
वर्ष 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी रहे पुरी संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 312 विधायकों की मौजूदगी के मद्देनजर पुरी का इस राज्यसभा सीट पर निर्वाचन तय माना जा रहा है.
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निर्वाचन आयोग ने पिछले शुक्रवार को राज्यसभा उपचुनाव की घोषणा की थी. इसके लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच जनवरी है. उसके अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि आठ जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. मतदान और मतगणना 16 जनवरी को होगी.
(इनपुट : भाषा)
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पुरी ने कहा कि राज्यसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करके उन्हें खुशी होगी. वह इसे एक जिम्मेदारी के तौर पर ले रहे हैं और उसका निर्वाह करेंगे. वह पहले मंत्री पद मिलने और अब राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को धन्यवाद देते हैं.
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राजनयिक से राजनेता बने 65 वर्षीय पुरी को पिछले साल सितंबर में केंद्रीय आवास एवं नगर विकास मंत्री बनाया गया था. चूंकि वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लिहाजा पद की शपथ लेने के बाद छह माह के अंदर उन्हें संसद के किसी सदन की सदस्यता लेना जरूरी है.
वर्ष 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी रहे पुरी संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 312 विधायकों की मौजूदगी के मद्देनजर पुरी का इस राज्यसभा सीट पर निर्वाचन तय माना जा रहा है.
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निर्वाचन आयोग ने पिछले शुक्रवार को राज्यसभा उपचुनाव की घोषणा की थी. इसके लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच जनवरी है. उसके अगले दिन नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि आठ जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. मतदान और मतगणना 16 जनवरी को होगी.
(इनपुट : भाषा)
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