अयोध्या के दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एक छात्र के पास से कथित रूप से बम बनाने से संबंधित जानकारी वाली पर्ची मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है. छात्र से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पर्ची उसके पास कैसे पहुंची और उसका उद्देश्य क्या था.
पैरामेडिकल प्रथम वर्ष का छात्र जांच के घेरे में
जानकारी के अनुसार जांच के दायरे में आया छात्र पैरामेडिकल प्रथम वर्ष का विद्यार्थी है और मूल रूप से बलरामपुर जिले का रहने वाला बताया जा रहा है. उसने इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया है. बीती रात उसकी ड्यूटी कॉलेज की लैब में लगी हुई थी. इसी दौरान उसके पास से एक पर्ची मिलने की बात सामने आई, जिसमें कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री और बम की संरचना से संबंधित विवरण लिखा हुआ था.
-
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स -
हाथ से निकल रही है AI की ताकत! Google DeepMind के पूर्व रिसर्चर ने भारत में दी सबसे बड़ी चेतावनी -
Shashi Tharoor EXCLUSIVE: NDTV World Summit 2026 में बदलते वर्ल्ड ऑर्डर पर शशि थरूर क्या बोले? -
'चीन से व्यापार भी, सतर्कता भी' : NDTV World Summit में शशि थरूर ने बताया क्यों जरूरी है मल्टी-अलाइनमेंट -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद हैं शाहरुख खान, बोलीं- ‘ओम शांति ओम’ के रीमेक में करना चाहती हूं काम -
रिजीम चेंज नहीं... शशि थरूर ने दी नई परिभाषा, चुनाव आयोग और सरकार को भी दी नसीहत -
NDTV World Summit 2026 : शशि थरूर ने बताया- कांग्रेस को लेफ्ट की जरूरत क्यों -
NDTV World Summit में शशि थरूर ने समझाया कूटनीति का असली मतलब -
चीन पर इतनी निर्भरता भारत के लिए ठीक नहीं- NDTV World Summit में बोले शशि थरूर -
NDTV World Summit 2026 | AI से एडवांस्ड टेक्नोलॉजी तक, भारत की रिसर्च को कैसे मिलेगी नई उड़ान?

बम बनाने कि पर्ची
प्रशासन ने तुरंत पुलिस को दी सूचना
पर्ची मिलने की सूचना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्र को अपने साथ लेकर पूछताछ शुरू की. पहले उसे दर्शननगर चौकी ले जाया गया और बाद में कोतवाली अयोध्या में सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी में उससे पूछताछ की गई.
खुफिया एजेंसियां भी जुटीं
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुफिया एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद सामग्री केवल अध्ययन या नोट्स का हिस्सा थी अथवा इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था. फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
जांच पूरी होने के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया जा रहा है. कॉलेज प्रशासन भी जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग दे रहा है.
यह भी पढ़ें- 'गोवा आर्किटेक्चर एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर कॉन्फ्रेंस, CM सावंत ने किया उद्घाटन; इन मुद्दों पर हुआ मंथन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं