दीर्घकालिक कर्ज
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अदाणी समूह का ऋण भारतीय, विदेशी बैंकों और वैश्विक पूंजी बाजारों में सही से बंटा हुआ
- Friday November 22, 2024
- Reported by: NDTVProfit.com
अदाणी समूह द्वारा शुक्रवार को साझा किए गए क्रेडिट प्रोफाइल के अनुसार, अदाणी समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बैंकों से आता है, और समूह की उधारी का एक चौथाई से अधिक हिस्सा वैश्विक बैंकों और पूंजी बाजारों से आता है. 30 सितंबर 2024 तक बंदरगाहों को मैनेज से लेकर बिजली बनाने वाले समूह का कुल कर्ज लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये है. इसमें से 2.37 लाख करोड़ रुपये दीर्घकालिक ऋण है और 20,724 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल डेट (कार्यशील पूंजी ऋण) है. वर्किंग कैपिटल डेट किसी कंपनी के दैनिक कार्यों के निष्पादन के लिए होते हैं. हालांकि, समूह के पास 53,024 करोड़ रुपये नकद शेष (कैश बैलेंस) हैं. इसमें कैश और कैश समकक्ष, बैंक बैलेंस, वर्तमान निवेश, मार्केटिंग योग्य प्रतिभूतियों का बाजार मूल्य (नॉन करेंट इंवेस्टमेंट), मार्जिन मनी के रूप में रखी गई शेष राशि और 12 महीने से अधिक की जमा राशि शामिल है.
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ndtv.in
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भारत का विदेशी कर्ज मार्च-2016 अंत में बढ़कर 485.6 अरब डॉलर
- Tuesday September 20, 2016
- भाषा
भारत का विदेशी ऋण मार्च 2016 की समाप्ति पर एक साल पहले के मुकाबले 10.6 अरब डॉलर यानी 2.2 प्रतिशत बढ़कर 485.6 अरब डॉलर हो गया. विदेशी ऋण में यह वृद्धि विशेषतौर पर प्रवासी भारतीय जमा और दीर्घकालिक कर्ज बढ़ने की वजह से हुई. मार्च 2016 की समाप्ति पर दीर्घकालिक विदेशी ऋण 402.2 अरब डॉलर था.
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अदाणी समूह का ऋण भारतीय, विदेशी बैंकों और वैश्विक पूंजी बाजारों में सही से बंटा हुआ
- Friday November 22, 2024
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अदाणी समूह द्वारा शुक्रवार को साझा किए गए क्रेडिट प्रोफाइल के अनुसार, अदाणी समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बैंकों से आता है, और समूह की उधारी का एक चौथाई से अधिक हिस्सा वैश्विक बैंकों और पूंजी बाजारों से आता है. 30 सितंबर 2024 तक बंदरगाहों को मैनेज से लेकर बिजली बनाने वाले समूह का कुल कर्ज लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये है. इसमें से 2.37 लाख करोड़ रुपये दीर्घकालिक ऋण है और 20,724 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल डेट (कार्यशील पूंजी ऋण) है. वर्किंग कैपिटल डेट किसी कंपनी के दैनिक कार्यों के निष्पादन के लिए होते हैं. हालांकि, समूह के पास 53,024 करोड़ रुपये नकद शेष (कैश बैलेंस) हैं. इसमें कैश और कैश समकक्ष, बैंक बैलेंस, वर्तमान निवेश, मार्केटिंग योग्य प्रतिभूतियों का बाजार मूल्य (नॉन करेंट इंवेस्टमेंट), मार्जिन मनी के रूप में रखी गई शेष राशि और 12 महीने से अधिक की जमा राशि शामिल है.
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भारत का विदेशी कर्ज मार्च-2016 अंत में बढ़कर 485.6 अरब डॉलर
- Tuesday September 20, 2016
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भारत का विदेशी ऋण मार्च 2016 की समाप्ति पर एक साल पहले के मुकाबले 10.6 अरब डॉलर यानी 2.2 प्रतिशत बढ़कर 485.6 अरब डॉलर हो गया. विदेशी ऋण में यह वृद्धि विशेषतौर पर प्रवासी भारतीय जमा और दीर्घकालिक कर्ज बढ़ने की वजह से हुई. मार्च 2016 की समाप्ति पर दीर्घकालिक विदेशी ऋण 402.2 अरब डॉलर था.
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