Vikram Aur Betaal Cast
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1985 का वो शो जिसने रचा था इतिहास, 26 एपिसोड में दिखे थे रामायण-महाभारत के सभी एक्टर, IMDb रेटिंग 8.3
- Friday January 9, 2026
- Written by: शिखा यादव
त करेंगे उस पुराने टीवी शो की जो 41 साल बाद भी लोगों को याद है. दूरदर्शन पर आने वाला यह शो अपनी लोककथाओं और पौराणिक कहानियों पर बेस्ड था. इस शो में वो सभी कलाकार नजर आए थे, जो रामायण और महाभारत में भी देखे गये थे.
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थियेटर का उस्ताद था ये एक्टर, सपोर्टिंग रोल करते हुए की 150 से ज्यादा फिल्में, पर दूरदर्शन के एक सीरियल से छोड़ी ऐसी छाप की भूल नहीं पाए फैंस
- Tuesday April 9, 2024
- Edited by: रोज़ी पंवार
बॉलीवुड की दुनिया में एक स्टार ऐसा भी हुआ है जिसने तकरीबन 150 फिल्मों में काम किया. बतौर सपोर्टिंग एक्टर उनके काम को तारीफें भी मिलीं लेकिन एक मुकम्मल पहचान कभी नहीं बन सकी.
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साल 1985, दिन रविवार, समय शाम साढ़े चार बजे सूनी हो जाती थीं गलियां, जब आता था दूरदर्शन का यह धारावाहिक
- Sunday March 17, 2024
- Written by: नरेंद्र सैनी
दूरदर्शन के सुनहरी दिनों के तो क्या कहने. एक से एक बढ़कर एक कहानी आती थी. टीवी का पिटाना अपना विस्तार कर रहा था और ऐसी कहानियां पेश कर रहा था जिन्हें देखते हुए टीवी के आगे से उठना दूभर हो जाता था.
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1985 का वो शो जिसने रचा था इतिहास, 26 एपिसोड में दिखे थे रामायण-महाभारत के सभी एक्टर, IMDb रेटिंग 8.3
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त करेंगे उस पुराने टीवी शो की जो 41 साल बाद भी लोगों को याद है. दूरदर्शन पर आने वाला यह शो अपनी लोककथाओं और पौराणिक कहानियों पर बेस्ड था. इस शो में वो सभी कलाकार नजर आए थे, जो रामायण और महाभारत में भी देखे गये थे.
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थियेटर का उस्ताद था ये एक्टर, सपोर्टिंग रोल करते हुए की 150 से ज्यादा फिल्में, पर दूरदर्शन के एक सीरियल से छोड़ी ऐसी छाप की भूल नहीं पाए फैंस
- Tuesday April 9, 2024
- Edited by: रोज़ी पंवार
बॉलीवुड की दुनिया में एक स्टार ऐसा भी हुआ है जिसने तकरीबन 150 फिल्मों में काम किया. बतौर सपोर्टिंग एक्टर उनके काम को तारीफें भी मिलीं लेकिन एक मुकम्मल पहचान कभी नहीं बन सकी.
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साल 1985, दिन रविवार, समय शाम साढ़े चार बजे सूनी हो जाती थीं गलियां, जब आता था दूरदर्शन का यह धारावाहिक
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दूरदर्शन के सुनहरी दिनों के तो क्या कहने. एक से एक बढ़कर एक कहानी आती थी. टीवी का पिटाना अपना विस्तार कर रहा था और ऐसी कहानियां पेश कर रहा था जिन्हें देखते हुए टीवी के आगे से उठना दूभर हो जाता था.
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