Subarnarekha River Bomb
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स्वर्णरेखा नदी में मिला 'दूसरे विश्व युद्ध' का महाविनाशक बम, सेना ने 15 फीट गहरे गड्ढे में किया ब्लास्ट
- Wednesday March 25, 2026
- Written by: हरिबंश शर्मा, Edited by: पुलकित मित्तल
World War 2 Bombs Jharkhand: पूर्वी सिंहभूम की स्वर्णरेखा नदी में मिले द्वितीय विश्व युद्ध के दो जिंदा बमों को भारतीय सेना ने साहस के साथ डिफ्यूज कर दिया. यह बड़ा ऑपरेशन 1.5 KM दूर से रिमोट के जरिए हुआ.
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ndtv.in
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नदी किनारे मिले खतरनाक बम को उठा ले गए ग्रामीण, डिफ्यूज करने उतरी सेना; 1.5 किमी का एरिया सील
- Tuesday March 24, 2026
- Reported by: हरिबंश शर्मा, Edited by: श्यामजी तिवारी
बम को धमाके के साथ निष्क्रिय करने के दौरान होने वाले नुकसान को शून्य करने के लिए सेना द्वारा वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा रही है. वहीं बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है.
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ndtv.in
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झारखंड में मिले अमेरिकी बम का कितना खतरनाक विस्फोट होगा? सेना ने बारीकी से की जांच
- Monday March 23, 2026
- Reported by: हरिबंश शर्मा, Edited by: श्यामजी तिवारी
अमेरिकी बम को करीब 8 दिन पहले पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने देखा था. बम का आकार गैस सिलेंडर जैसा है.
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झारखंड में जिंदा अमेरिकी बम के साथ फोटो ले रहे लोग, एक लापरवाही बन सकती है हादसा
- Sunday March 22, 2026
- Reported by: हरिबंश शर्मा, Edited by: श्यामजी तिवारी
गैस सिलेंडर के आकार वाले बम पर लिखा है-AN-M64 500-LB… American Made… Unexploded (UXO). इस खतरनाक बम को निष्क्रिय करने के लिए रांची से बम स्क्वायड को बुलाया गया है.
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स्वर्णरेखा नदी में मिला 'दूसरे विश्व युद्ध' का महाविनाशक बम, सेना ने 15 फीट गहरे गड्ढे में किया ब्लास्ट
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- Written by: हरिबंश शर्मा, Edited by: पुलकित मित्तल
World War 2 Bombs Jharkhand: पूर्वी सिंहभूम की स्वर्णरेखा नदी में मिले द्वितीय विश्व युद्ध के दो जिंदा बमों को भारतीय सेना ने साहस के साथ डिफ्यूज कर दिया. यह बड़ा ऑपरेशन 1.5 KM दूर से रिमोट के जरिए हुआ.
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बम को धमाके के साथ निष्क्रिय करने के दौरान होने वाले नुकसान को शून्य करने के लिए सेना द्वारा वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा रही है. वहीं बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है.
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अमेरिकी बम को करीब 8 दिन पहले पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे स्थानीय लोगों ने देखा था. बम का आकार गैस सिलेंडर जैसा है.
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