Small Parties
- सब
- ख़बरें
- वीडियो
-
यूपी में कांग्रेस ने बड़े दलों से दूरी बनाई, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- सिर्फ छोटे दलों से करेंगे गठबंधन
- Sunday September 5, 2021
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ गठबंधन से वस्तुत: इनकार करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी केवल छोटे दलों के साथ गठबंधन करेगी और चुनावों के लिए किसी बड़े दल से हाथ मिलाने के बारे में “विचार भी नहीं करेगी.” उन्होंने कहा कि पिछले 32 वर्षों में उत्तर प्रदेश पर शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP), बसपा और सपा की सरकारें लोगों के भरोसे पर खरा उतरने में नाकाम रहीं और कांग्रेस (Congress) राज्य में वापसी करने के लिए तैयार है.
-
ndtv.in
-
UP चुनाव 2022: इन 5 दलों का गठजोड़ बना सकते हैं अखिलेश यादव, जानें- दर्जनभर छोटे दलों का रुख़
- Sunday November 22, 2020
UP Assembly Election 2022: सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस भी इस बार नए प्रयोग की तैयारी में है और वह भी छोटे दलों से समझौता कर सकती है. इस बीच बिहार के चुनाव परिणामों से उत्साहित असदुदीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन ने भी उत्तर प्रदेश में सक्रियता बढ़ा दी है
-
ndtv.in
-
UP polls 2017: पिछड़े इलाकों की राजनीति में छोटी पार्टियां की अहम भूमिका
- Sunday February 12, 2017
- Bhasha
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले दो चरण के मतदान उन छोटी पार्टियों के चुनावी भविष्य का फैसला करेंगे जो किसी खास जाति अथवा उपजाति का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनका वोट पिछड़े इलाके की राजनीति के लिए काफी अहम है. ये छोटी पार्टियां देश की राजनीतिक परिदृश्य में कोई खास पहचान नहीं रखतीं लेकिन चुनावों में यह किसी उम्मीदवार के राजनीतिक भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. ऐसी पार्टियों के कुछ नेताओं ने वोट हासिल करने के लिए पार्टियों का नाम जातियों के नाम रखा है और बड़ी पार्टियों को ‘बाहरी’ करार दिया है.
-
ndtv.in
-
यूपी में कांग्रेस ने बड़े दलों से दूरी बनाई, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- सिर्फ छोटे दलों से करेंगे गठबंधन
- Sunday September 5, 2021
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ गठबंधन से वस्तुत: इनकार करते हुए कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी केवल छोटे दलों के साथ गठबंधन करेगी और चुनावों के लिए किसी बड़े दल से हाथ मिलाने के बारे में “विचार भी नहीं करेगी.” उन्होंने कहा कि पिछले 32 वर्षों में उत्तर प्रदेश पर शासन करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP), बसपा और सपा की सरकारें लोगों के भरोसे पर खरा उतरने में नाकाम रहीं और कांग्रेस (Congress) राज्य में वापसी करने के लिए तैयार है.
-
ndtv.in
-
UP चुनाव 2022: इन 5 दलों का गठजोड़ बना सकते हैं अखिलेश यादव, जानें- दर्जनभर छोटे दलों का रुख़
- Sunday November 22, 2020
UP Assembly Election 2022: सूत्र बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस भी इस बार नए प्रयोग की तैयारी में है और वह भी छोटे दलों से समझौता कर सकती है. इस बीच बिहार के चुनाव परिणामों से उत्साहित असदुदीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन ने भी उत्तर प्रदेश में सक्रियता बढ़ा दी है
-
ndtv.in
-
UP polls 2017: पिछड़े इलाकों की राजनीति में छोटी पार्टियां की अहम भूमिका
- Sunday February 12, 2017
- Bhasha
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले दो चरण के मतदान उन छोटी पार्टियों के चुनावी भविष्य का फैसला करेंगे जो किसी खास जाति अथवा उपजाति का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनका वोट पिछड़े इलाके की राजनीति के लिए काफी अहम है. ये छोटी पार्टियां देश की राजनीतिक परिदृश्य में कोई खास पहचान नहीं रखतीं लेकिन चुनावों में यह किसी उम्मीदवार के राजनीतिक भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. ऐसी पार्टियों के कुछ नेताओं ने वोट हासिल करने के लिए पार्टियों का नाम जातियों के नाम रखा है और बड़ी पार्टियों को ‘बाहरी’ करार दिया है.
-
ndtv.in