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IMPS ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ी! एक बार में 2 लाख नहीं, अब 5 लाख तक का कर सकेंगे लेन-देन
- Friday October 8, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र, Edited by: तूलिका कुशवाहा
IMPS Transaction Limit : RBI ने IMPS यानी Immediate Payment Service के तहत किए जाने वाले ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ा दी है. अब ग्राहक एक बार में IMPS से 5 लाख तक का ट्रांजैक्शन कर पाएंगे.
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RTGS सुविधा शनिवार की मध्यरात्रि से रविवार दोपहर दो बजे तक नहीं करेगी काम, RBI ने बताई वजह
- Tuesday April 13, 2021
- Reported by: भाषा
आरटीजीएस सुविधा पिछले साल 14 दिसंबर से 24 घंटे उपलब्ध है. इसके साथ भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जहां यह सुविधा 24 घंटे काम करती है.
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अगर SBI में है आपका एकाउंट, तो बदले हुए इन नियमों को जानना आपके लिए बेहद ज़रूरी है
- Tuesday October 1, 2019
- Edited by: विवेक रस्तोगी
1 अक्टूबर, 2019 से बैंक ने विभिन्न प्रकार की सेवाओं पर लगने वाले सेवा शुल्क, यानी सर्विस चार्जेज़ में कई तरह के बदलाव किए हैं. इन बदले हुए नियमों में औसत मासिक बैलेंस, नकदी जमा, नकदी निकासी तथा नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (National Electronic Funds Transfer या NEFT) अथवा रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (Real Time Gross Settlement या RTGS) के ज़रिये किए जाने वाले राशि ट्रांसफर से जुड़े नियम शामिल हैं.
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कैश ट्रांसफर के लिए आ गया नया अपडेट, पैसे भेजने से पहले पढ़ें ये जरूरी खबर
- Wednesday May 29, 2019
- भाषा
यह व्यवस्था एक जून से प्रभावी होगी. आरबीआई ने मंगलवार को यह जानकारी दी. फिलहाल आरटीजीएस के जरिए शाम साढे चार बजे तक ही धन अंतरण की सुविधा है. रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) व्यवस्था के तहत, पूंजी हस्तांतरण का काम तुरंत-तुरंत होता है.
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एसबीआई के ग्राहकों को अब इस तरह से लेनदेन करने में लगेगा 75 फीसदी कम शुल्क...
- Thursday July 13, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग को प्रोत्साहन देने के लिए इलेक्ट्रानिक लेनदेन पर लगने वाले शुल्क में भारी कटौती की है. डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनईएफटी और आरटीजीएस के जरिए इलेक्ट्रानिक तरीके से धन हस्तांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत तक कटौती की है.
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IMPS ट्रांजैक्शन की लिमिट बढ़ी! एक बार में 2 लाख नहीं, अब 5 लाख तक का कर सकेंगे लेन-देन
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- Tuesday April 13, 2021
- Reported by: भाषा
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- Tuesday October 1, 2019
- Edited by: विवेक रस्तोगी
1 अक्टूबर, 2019 से बैंक ने विभिन्न प्रकार की सेवाओं पर लगने वाले सेवा शुल्क, यानी सर्विस चार्जेज़ में कई तरह के बदलाव किए हैं. इन बदले हुए नियमों में औसत मासिक बैलेंस, नकदी जमा, नकदी निकासी तथा नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (National Electronic Funds Transfer या NEFT) अथवा रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (Real Time Gross Settlement या RTGS) के ज़रिये किए जाने वाले राशि ट्रांसफर से जुड़े नियम शामिल हैं.
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग को प्रोत्साहन देने के लिए इलेक्ट्रानिक लेनदेन पर लगने वाले शुल्क में भारी कटौती की है. डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनईएफटी और आरटीजीएस के जरिए इलेक्ट्रानिक तरीके से धन हस्तांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत तक कटौती की है.
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