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Ram Janmbhoomi Dispute

'Ram Janmbhoomi Dispute' - 5 News Result(s)
  • राम जन्मभूमि केस: वकील बोले- अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं, उनकी संपत्ति नहीं कब्जाई जा सकती

    राम जन्मभूमि केस: वकील बोले- अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं, उनकी संपत्ति नहीं कब्जाई जा सकती

    साथ ही वकील ने कहा, 'अगर ये मान भी लिया जाए कि वहां कोई मंदिर नहीं, कोई देवता नहीं, फिर भी लोगों का विश्वास ही बहुत है कि राम जन्मभूमि पर ही भगवान राम का जन्म हुआ था. वहां पर मूर्ति रखना उस स्थान को पवित्रता प्रदान करता है. अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं. नाबालिग की संपत्ति को न तो बेचा जा सकता है और न ही छीना जा सकता है. जब संपत्ति भगवान में निहित होती है तो कोई भी उस संपत्ति को ले नहीं सकता. उस संपत्ति से ईश्वर का हक नहीं छीना जा सकता. ऐसी संपत्ति पर एडवर्स पजेशन का कानून लागू नहीं होगा.'

  • अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला

    अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला

    अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक नई बेंच के गठित करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोध्या मामले पर अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उससे पहले तीन जजों की बेंच नई बेंच बनाई जाएगी, जो इस मामले पर सुनवाई करेगी और यही बेंच तय करेगी कि सुनवाई कब हो.

  • रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद: दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई 

    रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद: दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई 

    इस मामले में पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से इनकार कर दिया था. उस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा था कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है.

  • राम जन्मभूमि मामला : सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका, कहा- जमीन बौद्ध समुदाय की है

    राम जन्मभूमि मामला : सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका, कहा- जमीन बौद्ध समुदाय की है

    अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुनवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट में अब तीसरे पक्ष ने याचिका दायर की है. बौद्ध समुदाय के कुछ लोगों ने दावा किया है कि यह विवादित जमीन बौद्धों की है और यह पहले एक बौद्ध स्थल था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है और कहा है कि मुख्य मुद्दे की सुनवाई वाली बेंच ही मामले की सुनवाई कर सकती है. अयोध्या में रहने वाले विनीत कुमार मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में याचिका दायर की है. उन्होंने विवादित स्थल पर भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा चार बार की जाने वाली खुदाई के आधार पर यह दावा किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर ऐसी अंतिम खुदाई साल 2002-03 में हुई थी.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : बातचीत की असफल मेज से मंदिर-मस्जिद विवाद सुलझने की उम्मीद क्यों?

    प्राइम टाइम इंट्रो : बातचीत की असफल मेज से मंदिर-मस्जिद विवाद सुलझने की उम्मीद क्यों?

    राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का मुद्दा एक बार फिर से पब्लिक में आ गया है. उन्हीं लोगों के बीच आ गया है जो 67 साल में बातचीत कर, आपस में लड़भिड़कर भी नतीजा नहीं निकाल सके. धीरे-धीरे यह मुद्दा राजनीति से निकलकर अदालत की देहरी में समा गया और आम तौर पर व्यापक शांति कायम हो गई. मीडिया ने यूपी के हर चुनाव में बीजेपी से पूछकर इसे पब्लिक में लाने के तमाम प्रयास किए कि मंदिर कब बनेगा मगर बीजेपी भी अदालत के फैसले की बात कर अपनी दूसरी रणनीतियों को अंजाम देने में जुट गई. बार-बार तमाम पक्षों ने दोहराया कि अदालत का फैसला अंतिम रूप से माना जाएगा.

'Ram Janmbhoomi Dispute' - 5 News Result(s)
  • राम जन्मभूमि केस: वकील बोले- अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं, उनकी संपत्ति नहीं कब्जाई जा सकती

    राम जन्मभूमि केस: वकील बोले- अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं, उनकी संपत्ति नहीं कब्जाई जा सकती

    साथ ही वकील ने कहा, 'अगर ये मान भी लिया जाए कि वहां कोई मंदिर नहीं, कोई देवता नहीं, फिर भी लोगों का विश्वास ही बहुत है कि राम जन्मभूमि पर ही भगवान राम का जन्म हुआ था. वहां पर मूर्ति रखना उस स्थान को पवित्रता प्रदान करता है. अयोध्या के भगवान रामलला नाबालिग हैं. नाबालिग की संपत्ति को न तो बेचा जा सकता है और न ही छीना जा सकता है. जब संपत्ति भगवान में निहित होती है तो कोई भी उस संपत्ति को ले नहीं सकता. उस संपत्ति से ईश्वर का हक नहीं छीना जा सकता. ऐसी संपत्ति पर एडवर्स पजेशन का कानून लागू नहीं होगा.'

  • अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला

    अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला

    अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक नई बेंच के गठित करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोध्या मामले पर अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उससे पहले तीन जजों की बेंच नई बेंच बनाई जाएगी, जो इस मामले पर सुनवाई करेगी और यही बेंच तय करेगी कि सुनवाई कब हो.

  • रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद: दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई 

    रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद: दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई 

    इस मामले में पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से इनकार कर दिया था. उस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा था कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है.

  • राम जन्मभूमि मामला : सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका, कहा- जमीन बौद्ध समुदाय की है

    राम जन्मभूमि मामला : सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका, कहा- जमीन बौद्ध समुदाय की है

    अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुनवाई के बीच सुप्रीम कोर्ट में अब तीसरे पक्ष ने याचिका दायर की है. बौद्ध समुदाय के कुछ लोगों ने दावा किया है कि यह विवादित जमीन बौद्धों की है और यह पहले एक बौद्ध स्थल था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है और कहा है कि मुख्य मुद्दे की सुनवाई वाली बेंच ही मामले की सुनवाई कर सकती है. अयोध्या में रहने वाले विनीत कुमार मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में याचिका दायर की है. उन्होंने विवादित स्थल पर भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा चार बार की जाने वाली खुदाई के आधार पर यह दावा किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर ऐसी अंतिम खुदाई साल 2002-03 में हुई थी.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : बातचीत की असफल मेज से मंदिर-मस्जिद विवाद सुलझने की उम्मीद क्यों?

    प्राइम टाइम इंट्रो : बातचीत की असफल मेज से मंदिर-मस्जिद विवाद सुलझने की उम्मीद क्यों?

    राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का मुद्दा एक बार फिर से पब्लिक में आ गया है. उन्हीं लोगों के बीच आ गया है जो 67 साल में बातचीत कर, आपस में लड़भिड़कर भी नतीजा नहीं निकाल सके. धीरे-धीरे यह मुद्दा राजनीति से निकलकर अदालत की देहरी में समा गया और आम तौर पर व्यापक शांति कायम हो गई. मीडिया ने यूपी के हर चुनाव में बीजेपी से पूछकर इसे पब्लिक में लाने के तमाम प्रयास किए कि मंदिर कब बनेगा मगर बीजेपी भी अदालत के फैसले की बात कर अपनी दूसरी रणनीतियों को अंजाम देने में जुट गई. बार-बार तमाम पक्षों ने दोहराया कि अदालत का फैसला अंतिम रूप से माना जाएगा.