विज्ञापन

Pallava Bagla

'Pallava Bagla' - 72 News Result(s)
  • Explainer : EVM कितने सुरक्षित; किन लोगों का है इसके पीछे दिमाग और कितनी होती है इसकी कीमत?

    Explainer : EVM कितने सुरक्षित; किन लोगों का है इसके पीछे दिमाग और कितनी होती है इसकी कीमत?

    EVM को लेकर भारत में भी राजनीतिक दल रह-रहकर शोर मचाते हैं और सरकार को घेरने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसकी विश्वसनीयता के कारण ही इसके जरिए लगातार चुनाव हो रहे हैं. यहां पढ़िए, EVM से जुड़ी सारी जानकारी...

  • भारत EVM का इस्तेमाल करने वाला पहला देश, दुनिया को ऐसे दिखाया डिजिटल डेमोक्रेसी का रास्ता

    भारत EVM का इस्तेमाल करने वाला पहला देश, दुनिया को ऐसे दिखाया डिजिटल डेमोक्रेसी का रास्ता

    भारत में EVM को बनाने का काम दो सरकारी कंपनियों के पास है. ये कंपनियां हैं बेंगलुरु स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और हैदराबाद स्थित हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL). कुछ प्राइवेट कंपनियां भी ये मशीनें बनाती हैं, लेकिन सरकारी कंपनियों की तुलना में उनकी बनाई EVM साइबर सिक्योरिटी के लिहाज से अच्छी नहीं मानी जाती.

  • सुनीता विलियम्स कल तीसरी बार भरेंगी अंतरिक्ष के लिए उड़ान, भगवान गणेश से है यह उम्मीद

    सुनीता विलियम्स कल तीसरी बार भरेंगी अंतरिक्ष के लिए उड़ान, भगवान गणेश से है यह उम्मीद

    भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम तीसरी बार अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं. वो मंगलवार सुबह उड़ान भरेंगी. इससे पहले वो 2006 और 2012 में भी अंतरिक्ष में गई थीं. सुनीता को अंतरिक्ष में समोसे खाना पसंद है.

  • जासूसी उपग्रह तकनीक से पानी में मच्छरों के लार्वा पता लगा रहा है एक भारतीय स्टार्टअप

    जासूसी उपग्रह तकनीक से पानी में मच्छरों के लार्वा पता लगा रहा है एक भारतीय स्टार्टअप

    एक भारतीय स्टार्टअप ने मच्छरों के प्रजनन का पता लगाने के लिए जासूसी और निगरानी उपग्रह तकनीकी को और बेहतर बनाया है. गर्मी और मानसून के दौरान मच्छरों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है. दुनिया के 85 देशों में करीब 25 करोड़ लोग मच्छरजनित रोगों से पीड़ित हैं.

  • Election Special: वोटिंग के दौरान उंगली पर लगने वाली नीली स्याही कहां से आई? ये क्यों नहीं मिटती?

    Election Special: वोटिंग के दौरान उंगली पर लगने वाली नीली स्याही कहां से आई? ये क्यों नहीं मिटती?

    What is Election Ink: पानी आधारित स्याही सिल्वर नाइट्रेट, कई तरह के डाई (रंगों) और कुछ सॉल्वैंट्स का एक कॉम्बिनेशन है. इसे लोग इलेक्शन इंक या इंडेलिबल इंक के नाम से जानते हैं. एक बार 40 सेकंड के अंदर उंगली के नाखून और त्वचा पर लागू होने पर यह करीब-करीब अमिट छाप छोड़ती है.

  • Surya Tilak : रामलला के 'सूर्यतिलक' के लिए कौन सी वैज्ञानिक तकनीक का किया गया इस्तेमाल, जानें

    Surya Tilak : रामलला के 'सूर्यतिलक' के लिए कौन सी वैज्ञानिक तकनीक का किया गया इस्तेमाल, जानें

    Surya Tilak : रुड़की के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप चौहान ने एनडीटीवी के साइंस एडिटर पल्लव बागला से बात करते हुए बताया कि रामलला के विशेष सूर्यतिलक के लिए ऑप्टिकल मैकेनिकल सिस्टम को डिजाइन किया गया है.

  • Total Solar Eclipse:भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1 नहीं देख सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ये है वजह

    Total Solar Eclipse:भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1 नहीं देख सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ये है वजह

    पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) की दुर्लभ खगोलीय घटना को पूरे अमेरिका में देख रहे हैं. खास बात यह है कि इस खगोलीय घटना को देखने के लिए स्काइडाइविंग से लेकर स्पेशल फ्लाइट्स तक कई कार्यक्रम तक आयोजित किए जा रहे हैं.

  • स्पेस में योग? जानें दुनिया के पहले 'अंतरिक्ष योगी' बने राकेश शर्मा ने क्या कहा

    स्पेस में योग? जानें दुनिया के पहले 'अंतरिक्ष योगी' बने राकेश शर्मा ने क्या कहा

    राकेश शर्मा से ये पूछे जाने पर कि क्या वो गगनयान कार्यक्रम के लिए नामित भारत के चार अंतरिक्ष यात्रियों को योग की सिफारिश करेंगे, विंग कमांडर शर्मा ने कहा कि ये बाद के मिशनों के दौरान हो सकता है.

  • "प्रेरित करती है उनकी यात्रा..." : ISRO प्रमुख ने की भारत के एकमात्र अंतरिक्ष यात्री की तारीफ

    "प्रेरित करती है उनकी यात्रा..." : ISRO प्रमुख ने की भारत के एकमात्र अंतरिक्ष यात्री की तारीफ

    3 अप्रैल, 1984 को इतिहास रचा गया था, जब स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा ने सोवियत रूस के एक रॉकेट पर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और भारत के पहले गगनयात्री बने. वो सोवियत अंतरिक्ष स्टेशन पर 7 दिन और 21 घंटे तक रहे.

  • "अंतरिक्ष में आपसी सहयोग के अलावा और कोई विकल्प नहीं", भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा

    "अंतरिक्ष में आपसी सहयोग के अलावा और कोई विकल्प नहीं", भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा

    राकेश शर्मा ने कहा कि समावेशिता समय की मांग है. हमें उपनिवेश बनाने की आदत छोड़नी होगी. अंतरिक्ष के क्षेत्र में हम जो भी प्राप्त करते हैं उसे आपस में साझा करना होगा.

  • खगोलीय मुठभेड़ : ऐतिहासिक घटना, जब भारत ने अपने ही सैटेलाइट को मार गिराया था

    खगोलीय मुठभेड़ : ऐतिहासिक घटना, जब भारत ने अपने ही सैटेलाइट को मार गिराया था

    यह भारत के इतिहास में किसी भी अन्य घटना से अलग एक खगोलीय मुठभेड़ थी, जिसमें करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर हमला किया गया था. पांच साल पहले इसी दिन यानी 27 मार्च को भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा बनाए गए एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया था. तब देश ने 'हिट-टू-किल' की अनूठी उपलब्धि का जश्न मनाया था.

  • भारत का 21वीं सदी का पुष्पक 'विमान' सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च

    भारत का 21वीं सदी का पुष्पक 'विमान' सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च

    पुष्पक को भारतीय वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर द्वारा उठाया गया था, और इसे 4.5 किमी की ऊंचाई से छोड़ा गया था. रनवे से 4 किमी की दूरी पर रिलीज होने के बाद, पुष्पक स्वायत्त रूप से क्रॉस रेंज सुधार के साथ रनवे पर पहुंचा.

  • स्पेस स्टार्टअप Agnikul Cosmos शुक्रवार को अपने सब-ऑर्बिटल रॉकेट को करेगा लॉन्च, तैयारी पूरी

    स्पेस स्टार्टअप Agnikul Cosmos शुक्रवार को अपने सब-ऑर्बिटल रॉकेट को करेगा लॉन्च, तैयारी पूरी

    अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक मोइन एसपीएम ने बताया है कि अग्निबाण SOrTeD एक सेमी-क्रायोजेनिक इंजन द्वारा संचालित होगा.

  • इस महिला वैज्ञानिक ने भारत को दिया 'दिव्यास्त्र', DRDO में 'पावरहाउस ऑफ एनर्जी' नाम से हैं मशहूर

    इस महिला वैज्ञानिक ने भारत को दिया 'दिव्यास्त्र', DRDO में 'पावरहाउस ऑफ एनर्जी' नाम से हैं मशहूर

    57 साल की शीना रानी हैदराबाद में DRDO की हाईटेक लैब में साइंटिस्ट हैं. उन्हें बाकी साथी 'पावरहाउस ऑफ एनर्जी' भी कहते हैं. शीना रानी देश की मशहूर मिसाइल टेक्नोलॉजिस्ट 'अग्नि पुत्री' टेसी थॉमस के शानदार नक्शेकदम पर चलती हैं.

  • Exclusive: फैशन टेक्नोलॉजिस्ट ने बताया - कैसा है भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के यूनिफॉर्म का डिजाइन

    Exclusive: फैशन टेक्नोलॉजिस्ट ने बताया - कैसा है भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के यूनिफॉर्म का डिजाइन

    ISRO गगनयान मिशन के तहत कुल चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी में है. इन यात्रियों को पिछले महीने ही पीएम मोदी से भी मिलवाया गया था.

'Pallava Bagla' - 75 Video Result(s)
'Pallava Bagla' - 72 News Result(s)
  • Explainer : EVM कितने सुरक्षित; किन लोगों का है इसके पीछे दिमाग और कितनी होती है इसकी कीमत?

    Explainer : EVM कितने सुरक्षित; किन लोगों का है इसके पीछे दिमाग और कितनी होती है इसकी कीमत?

    EVM को लेकर भारत में भी राजनीतिक दल रह-रहकर शोर मचाते हैं और सरकार को घेरने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसकी विश्वसनीयता के कारण ही इसके जरिए लगातार चुनाव हो रहे हैं. यहां पढ़िए, EVM से जुड़ी सारी जानकारी...

  • भारत EVM का इस्तेमाल करने वाला पहला देश, दुनिया को ऐसे दिखाया डिजिटल डेमोक्रेसी का रास्ता

    भारत EVM का इस्तेमाल करने वाला पहला देश, दुनिया को ऐसे दिखाया डिजिटल डेमोक्रेसी का रास्ता

    भारत में EVM को बनाने का काम दो सरकारी कंपनियों के पास है. ये कंपनियां हैं बेंगलुरु स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और हैदराबाद स्थित हैदराबाद स्थित इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL). कुछ प्राइवेट कंपनियां भी ये मशीनें बनाती हैं, लेकिन सरकारी कंपनियों की तुलना में उनकी बनाई EVM साइबर सिक्योरिटी के लिहाज से अच्छी नहीं मानी जाती.

  • सुनीता विलियम्स कल तीसरी बार भरेंगी अंतरिक्ष के लिए उड़ान, भगवान गणेश से है यह उम्मीद

    सुनीता विलियम्स कल तीसरी बार भरेंगी अंतरिक्ष के लिए उड़ान, भगवान गणेश से है यह उम्मीद

    भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम तीसरी बार अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं. वो मंगलवार सुबह उड़ान भरेंगी. इससे पहले वो 2006 और 2012 में भी अंतरिक्ष में गई थीं. सुनीता को अंतरिक्ष में समोसे खाना पसंद है.

  • जासूसी उपग्रह तकनीक से पानी में मच्छरों के लार्वा पता लगा रहा है एक भारतीय स्टार्टअप

    जासूसी उपग्रह तकनीक से पानी में मच्छरों के लार्वा पता लगा रहा है एक भारतीय स्टार्टअप

    एक भारतीय स्टार्टअप ने मच्छरों के प्रजनन का पता लगाने के लिए जासूसी और निगरानी उपग्रह तकनीकी को और बेहतर बनाया है. गर्मी और मानसून के दौरान मच्छरों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है. दुनिया के 85 देशों में करीब 25 करोड़ लोग मच्छरजनित रोगों से पीड़ित हैं.

  • Election Special: वोटिंग के दौरान उंगली पर लगने वाली नीली स्याही कहां से आई? ये क्यों नहीं मिटती?

    Election Special: वोटिंग के दौरान उंगली पर लगने वाली नीली स्याही कहां से आई? ये क्यों नहीं मिटती?

    What is Election Ink: पानी आधारित स्याही सिल्वर नाइट्रेट, कई तरह के डाई (रंगों) और कुछ सॉल्वैंट्स का एक कॉम्बिनेशन है. इसे लोग इलेक्शन इंक या इंडेलिबल इंक के नाम से जानते हैं. एक बार 40 सेकंड के अंदर उंगली के नाखून और त्वचा पर लागू होने पर यह करीब-करीब अमिट छाप छोड़ती है.

  • Surya Tilak : रामलला के 'सूर्यतिलक' के लिए कौन सी वैज्ञानिक तकनीक का किया गया इस्तेमाल, जानें

    Surya Tilak : रामलला के 'सूर्यतिलक' के लिए कौन सी वैज्ञानिक तकनीक का किया गया इस्तेमाल, जानें

    Surya Tilak : रुड़की के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप चौहान ने एनडीटीवी के साइंस एडिटर पल्लव बागला से बात करते हुए बताया कि रामलला के विशेष सूर्यतिलक के लिए ऑप्टिकल मैकेनिकल सिस्टम को डिजाइन किया गया है.

  • Total Solar Eclipse:भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1 नहीं देख सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ये है वजह

    Total Solar Eclipse:भारत का पहला सोलर मिशन आदित्य एल-1 नहीं देख सकेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ये है वजह

    पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) की दुर्लभ खगोलीय घटना को पूरे अमेरिका में देख रहे हैं. खास बात यह है कि इस खगोलीय घटना को देखने के लिए स्काइडाइविंग से लेकर स्पेशल फ्लाइट्स तक कई कार्यक्रम तक आयोजित किए जा रहे हैं.

  • स्पेस में योग? जानें दुनिया के पहले 'अंतरिक्ष योगी' बने राकेश शर्मा ने क्या कहा

    स्पेस में योग? जानें दुनिया के पहले 'अंतरिक्ष योगी' बने राकेश शर्मा ने क्या कहा

    राकेश शर्मा से ये पूछे जाने पर कि क्या वो गगनयान कार्यक्रम के लिए नामित भारत के चार अंतरिक्ष यात्रियों को योग की सिफारिश करेंगे, विंग कमांडर शर्मा ने कहा कि ये बाद के मिशनों के दौरान हो सकता है.

  • "प्रेरित करती है उनकी यात्रा..." : ISRO प्रमुख ने की भारत के एकमात्र अंतरिक्ष यात्री की तारीफ

    "प्रेरित करती है उनकी यात्रा..." : ISRO प्रमुख ने की भारत के एकमात्र अंतरिक्ष यात्री की तारीफ

    3 अप्रैल, 1984 को इतिहास रचा गया था, जब स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा ने सोवियत रूस के एक रॉकेट पर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और भारत के पहले गगनयात्री बने. वो सोवियत अंतरिक्ष स्टेशन पर 7 दिन और 21 घंटे तक रहे.

  • "अंतरिक्ष में आपसी सहयोग के अलावा और कोई विकल्प नहीं", भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा

    "अंतरिक्ष में आपसी सहयोग के अलावा और कोई विकल्प नहीं", भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा

    राकेश शर्मा ने कहा कि समावेशिता समय की मांग है. हमें उपनिवेश बनाने की आदत छोड़नी होगी. अंतरिक्ष के क्षेत्र में हम जो भी प्राप्त करते हैं उसे आपस में साझा करना होगा.

  • खगोलीय मुठभेड़ : ऐतिहासिक घटना, जब भारत ने अपने ही सैटेलाइट को मार गिराया था

    खगोलीय मुठभेड़ : ऐतिहासिक घटना, जब भारत ने अपने ही सैटेलाइट को मार गिराया था

    यह भारत के इतिहास में किसी भी अन्य घटना से अलग एक खगोलीय मुठभेड़ थी, जिसमें करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर हमला किया गया था. पांच साल पहले इसी दिन यानी 27 मार्च को भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा बनाए गए एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया था. तब देश ने 'हिट-टू-किल' की अनूठी उपलब्धि का जश्न मनाया था.

  • भारत का 21वीं सदी का पुष्पक 'विमान' सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च

    भारत का 21वीं सदी का पुष्पक 'विमान' सफलतापूर्वक हुआ लॉन्च

    पुष्पक को भारतीय वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर द्वारा उठाया गया था, और इसे 4.5 किमी की ऊंचाई से छोड़ा गया था. रनवे से 4 किमी की दूरी पर रिलीज होने के बाद, पुष्पक स्वायत्त रूप से क्रॉस रेंज सुधार के साथ रनवे पर पहुंचा.

  • स्पेस स्टार्टअप Agnikul Cosmos शुक्रवार को अपने सब-ऑर्बिटल रॉकेट को करेगा लॉन्च, तैयारी पूरी

    स्पेस स्टार्टअप Agnikul Cosmos शुक्रवार को अपने सब-ऑर्बिटल रॉकेट को करेगा लॉन्च, तैयारी पूरी

    अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक मोइन एसपीएम ने बताया है कि अग्निबाण SOrTeD एक सेमी-क्रायोजेनिक इंजन द्वारा संचालित होगा.

  • इस महिला वैज्ञानिक ने भारत को दिया 'दिव्यास्त्र', DRDO में 'पावरहाउस ऑफ एनर्जी' नाम से हैं मशहूर

    इस महिला वैज्ञानिक ने भारत को दिया 'दिव्यास्त्र', DRDO में 'पावरहाउस ऑफ एनर्जी' नाम से हैं मशहूर

    57 साल की शीना रानी हैदराबाद में DRDO की हाईटेक लैब में साइंटिस्ट हैं. उन्हें बाकी साथी 'पावरहाउस ऑफ एनर्जी' भी कहते हैं. शीना रानी देश की मशहूर मिसाइल टेक्नोलॉजिस्ट 'अग्नि पुत्री' टेसी थॉमस के शानदार नक्शेकदम पर चलती हैं.