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भारतीयता की खुशबू से महकेगा बीटिंग रिट्रीट समारोह, इस बार क्या होगा खास, जानें
- Wednesday January 28, 2026
- Written by: राजीव रंजन, Edited by: मनोज शर्मा
पहले युद्ध के समय शाम होते ही बिगुल बजाकर सैनिकों को संकेत दिया जाता था कि लड़ाई रोक दी जाए और सभी अपने शिविरों में लौट आएं. यही परंपरा बीटिंग रिट्रीट समारोह के रूप में निभाई जाती है.
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Beating Retreat Ceremony 2026: क्या है 'बीटिंग रिट्रीट' और क्यों इसके बिना अधूरा है गणतंत्र दिवस? जानें सब कुछ
- Thursday January 29, 2026
- Written by: सुभाषिनी त्रिपाठी
अगर आपने कभी टीवी पर डूबते सूरज के बीच सेना के बैंड्स को धुन बजाते और राष्ट्रपति भवन को रोशनी से नहाते देखा है, तो समझ लीजिए वही बीटिंग रिट्रीट है. ऐसे में आइए समझते हैं कि आखिर ये प्रोग्राम है क्या और क्यों ये इतना खास है.
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किताब मिली - 'ध्वनियों के आलोक में स्त्री', गायिकाओं का अव्यक्त संघर्ष
- Friday December 25, 2015
- Suryakant Pathak
मृणाल पाण्डे ने 'ध्वनियों के आलोक में स्त्री' के जरिये संगीत साधक महिलाओं के बहाने समाज के दोमुंहेपन को उजागर किया है। यह तार सप्तक पर जमे गायकों के समानांतर मंद्र सप्तक पर धकेल दी गईं गायिकाओं के संघर्ष का ऐसा दस्तावेज है जो कलाकारों, कला रसिकों के साथ-साथ आम पाठक के लिए भी बहुत उपयोगी है।
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भारतीयता की खुशबू से महकेगा बीटिंग रिट्रीट समारोह, इस बार क्या होगा खास, जानें
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पहले युद्ध के समय शाम होते ही बिगुल बजाकर सैनिकों को संकेत दिया जाता था कि लड़ाई रोक दी जाए और सभी अपने शिविरों में लौट आएं. यही परंपरा बीटिंग रिट्रीट समारोह के रूप में निभाई जाती है.
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अगर आपने कभी टीवी पर डूबते सूरज के बीच सेना के बैंड्स को धुन बजाते और राष्ट्रपति भवन को रोशनी से नहाते देखा है, तो समझ लीजिए वही बीटिंग रिट्रीट है. ऐसे में आइए समझते हैं कि आखिर ये प्रोग्राम है क्या और क्यों ये इतना खास है.
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किताब मिली - 'ध्वनियों के आलोक में स्त्री', गायिकाओं का अव्यक्त संघर्ष
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मृणाल पाण्डे ने 'ध्वनियों के आलोक में स्त्री' के जरिये संगीत साधक महिलाओं के बहाने समाज के दोमुंहेपन को उजागर किया है। यह तार सप्तक पर जमे गायकों के समानांतर मंद्र सप्तक पर धकेल दी गईं गायिकाओं के संघर्ष का ऐसा दस्तावेज है जो कलाकारों, कला रसिकों के साथ-साथ आम पाठक के लिए भी बहुत उपयोगी है।
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