Migrating Laborers
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मध्यप्रदेश के आगर-मालवा में मजदूरों का राजस्थान पलायन, जानिए क्या है घर छोड़ने की मजबूरी?
- Friday February 27, 2026
- Written by: जफर मुल्तानी, Edited by: विश्वनाथ सैनी
Madhya Pradesh Migrant Workers: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के मजदूर राजस्थान की तरफ रोज़गार के लिए पलायन कर रहे हैं. जीरा और रायड़ा की कटाई में उन्हें बेहतर मजदूरी मिल रही है. मजदूरों का कहना है कि राज्य की योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा और पढ़ाई करने वाले बच्चे भी परिवार के साथ पलायन कर रहे हैं.
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पलायन का दर्द : बिहार के सहरसा जंक्शन पर मजदूरों की 'बाढ़', ट्रेनों की तादाद बहुत कम
- Sunday June 12, 2022
- Reported by: मनीष कुमार, Edited by: सूर्यकांत पाठक
यह मान लेना ही सही है कि पलायन (Migration) बिहार (Bihar) के लोगों की नियति बन चुका है. जनसंख्या के हिसाब से यहां न तो उद्योग-धंधे हैं और न ही दूसरा कोई रोजगार. यहां के मजदूर (Laborers) दूसरे प्रदेशों को समृद्ध बनाने में अपना भरपूर योगदान दे रहे हैं, लेकिन कई पीढ़ियों से उनका खुद का जीवन सुख-समृद्धि से कोसों दूर है. खासकर कोसी नदी के तट पर बसा सहरसा मजदूरों के पलायन का केंद्र बनकर रह गया है. यहां सहरसा के अलावा मधेपुरा, सुपौल, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया और किशनगंज तक के मजदूर दिल्ली और पंजाब जाने के लिए ट्रेन (Trains) पकड़ने आते हैं.
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लॉकडाउन लगने की आशंका में दिल्ली और हरियाणा से मजदूरों का पलायन
- Tuesday April 13, 2021
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: सूर्यकांत पाठक
Coronavirus: दिल्ली और एनसीआर (Delhi NCR) में भले ही लॉकडाउन (Lockdown) नहीं हुआ हो लेकिन लॉकडाउन की आशंका के चलते दिल्ली और हरियाणा से मजदूर अपनी पूरी गृहस्थी लेकर अपने घर जा रहे हैं. दिल्ली के सराय काले ख़ां पर फिर से मज़दूरों का हुजूम इकट्ठा है. महिलाओं के सिर पर उनकी गृहस्थी और धूप में तपते बच्चे. ये बीते साल के लॉकडाउन के बाद पलायन की याद दिलाने वाली तस्वीरें हैं.
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दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश आने वाले लोगों के लिए यूपी सरकार ने किया 200 बसों का इंतजाम
- Saturday March 28, 2020
- Reported by: सौरभ शुक्ला, Edited by: अल्केश कुशवाहा
यूपी सरकार ने दिल्ली-एनसीआर आ रहे पैदल आ रहे लोगों के लिए 200 बसों का इंतजाम किया है. नोएडा-गाजियाबाद से हर दो घंटों में ये बसें चलाई जाएंगी. गौरतलब है कि दिल्ली ग़ाज़ियाबाद बॉर्डर पर हजारों की संख्या में मज़दूर बैठे हुए हैं,यूपी पुलिस ने इन्हें रोका हुआ है. इनसे कहा गया है कि इनके लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है और खाना भी आएगा. गौरतलब है कि 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद पूरे देश में दिहाड़ी मजदूर और कामकागों और छोटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. हालात ये हैं कि हजारों की संख्या में लोग अपने घरों की ओर पैदल भी जा रहे हैं. इन लोगों के लिए 1000 या 500 किलोमीटर की दूरी भी छोटी लग रही है. कई लोगों का कहना है कि काम न होने की वजह से जेब में पैसा नहीं है और खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है. वहीं बीमारी के बारे में कहना है कि जो भी होगा घर परिवार के साथ झेल लिया जाएगा.
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मध्यप्रदेश के आगर-मालवा में मजदूरों का राजस्थान पलायन, जानिए क्या है घर छोड़ने की मजबूरी?
- Friday February 27, 2026
- Written by: जफर मुल्तानी, Edited by: विश्वनाथ सैनी
Madhya Pradesh Migrant Workers: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के मजदूर राजस्थान की तरफ रोज़गार के लिए पलायन कर रहे हैं. जीरा और रायड़ा की कटाई में उन्हें बेहतर मजदूरी मिल रही है. मजदूरों का कहना है कि राज्य की योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा और पढ़ाई करने वाले बच्चे भी परिवार के साथ पलायन कर रहे हैं.
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पलायन का दर्द : बिहार के सहरसा जंक्शन पर मजदूरों की 'बाढ़', ट्रेनों की तादाद बहुत कम
- Sunday June 12, 2022
- Reported by: मनीष कुमार, Edited by: सूर्यकांत पाठक
यह मान लेना ही सही है कि पलायन (Migration) बिहार (Bihar) के लोगों की नियति बन चुका है. जनसंख्या के हिसाब से यहां न तो उद्योग-धंधे हैं और न ही दूसरा कोई रोजगार. यहां के मजदूर (Laborers) दूसरे प्रदेशों को समृद्ध बनाने में अपना भरपूर योगदान दे रहे हैं, लेकिन कई पीढ़ियों से उनका खुद का जीवन सुख-समृद्धि से कोसों दूर है. खासकर कोसी नदी के तट पर बसा सहरसा मजदूरों के पलायन का केंद्र बनकर रह गया है. यहां सहरसा के अलावा मधेपुरा, सुपौल, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया और किशनगंज तक के मजदूर दिल्ली और पंजाब जाने के लिए ट्रेन (Trains) पकड़ने आते हैं.
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लॉकडाउन लगने की आशंका में दिल्ली और हरियाणा से मजदूरों का पलायन
- Tuesday April 13, 2021
- Reported by: मुकेश सिंह सेंगर, Edited by: सूर्यकांत पाठक
Coronavirus: दिल्ली और एनसीआर (Delhi NCR) में भले ही लॉकडाउन (Lockdown) नहीं हुआ हो लेकिन लॉकडाउन की आशंका के चलते दिल्ली और हरियाणा से मजदूर अपनी पूरी गृहस्थी लेकर अपने घर जा रहे हैं. दिल्ली के सराय काले ख़ां पर फिर से मज़दूरों का हुजूम इकट्ठा है. महिलाओं के सिर पर उनकी गृहस्थी और धूप में तपते बच्चे. ये बीते साल के लॉकडाउन के बाद पलायन की याद दिलाने वाली तस्वीरें हैं.
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दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश आने वाले लोगों के लिए यूपी सरकार ने किया 200 बसों का इंतजाम
- Saturday March 28, 2020
- Reported by: सौरभ शुक्ला, Edited by: अल्केश कुशवाहा
यूपी सरकार ने दिल्ली-एनसीआर आ रहे पैदल आ रहे लोगों के लिए 200 बसों का इंतजाम किया है. नोएडा-गाजियाबाद से हर दो घंटों में ये बसें चलाई जाएंगी. गौरतलब है कि दिल्ली ग़ाज़ियाबाद बॉर्डर पर हजारों की संख्या में मज़दूर बैठे हुए हैं,यूपी पुलिस ने इन्हें रोका हुआ है. इनसे कहा गया है कि इनके लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है और खाना भी आएगा. गौरतलब है कि 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद पूरे देश में दिहाड़ी मजदूर और कामकागों और छोटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. हालात ये हैं कि हजारों की संख्या में लोग अपने घरों की ओर पैदल भी जा रहे हैं. इन लोगों के लिए 1000 या 500 किलोमीटर की दूरी भी छोटी लग रही है. कई लोगों का कहना है कि काम न होने की वजह से जेब में पैसा नहीं है और खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है. वहीं बीमारी के बारे में कहना है कि जो भी होगा घर परिवार के साथ झेल लिया जाएगा.
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