Medical Waste
- सब
- ख़बरें
- फोटो
-
दिल्ली में बढ़ते मेडिकल कचरे को रोकने के लिए सरकार का मास्टरप्लान, नए संयंत्रों को मंजूरी
- Wednesday February 18, 2026
- Reported by: इशिका वर्मा, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
दिल्ली के सभी जिलों से निकलने वाले इस विशाल अपशिष्ट का प्रबंधन केवल दो उपचार संयंत्रों के भरोसे है. स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विस्तार और 2031 तक जनसंख्या वृद्धि के अनुमानों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मौजूदा बुनियादी ढांचा भविष्य में अपर्याप्त साबित होगा.
-
ndtv.in
-
"शवों को बेचने वाला...": आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रमुख ने संदीप घोष पर लगाया बड़ा आरोप
- Wednesday August 21, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रमुख संदीप घोष से इस महीने एक जूनियर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के सिलसिले में सीबीआई ने कड़ी पूछताछ की है. उन पर पिछले साल भ्रष्टाचार और शवों व बायोमेडिकल कचरे की तस्करी का आरोप लगाया गया था. यह आरोप आरजी कर अस्पताल में उप चिकित्सा अधीक्षक रहे अख्तर अली ने लगाए थे. अली अब मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में इसी पद पर हैं.
-
ndtv.in
-
पर्यावरण दिवस : लॉकडाउन में कचरा बना मुसीबत, इकट्ठा करना, छांटने-बीनने और रिसाइकलिंग 25% तक प्रभावित
- Saturday June 5, 2021
- Written by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
World Environment Day: कोरोना काल में अस्पतालों और कोविड केयर केंद्रों (Covid Care Centre) से निकल रहा मेडिकल कचरा भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि ज्यादातर अस्पतालों के पास बायोमेडिकल वेस्ट (Bio Medical Waste) के निपटारे की व्यवस्था ही नहीं है. अग्रणी फूड प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग समाधान कंपनी, टेट्रापैक (Tetrapak) के सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर (एशिया पैसेफिक) जयदीप गोखले का कहना है कि कचरा इकट्ठा करने में असंगठित क्षेत्र के कामगार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण इनमें से काफी कुछ पलायन कर गए. इलेक्ट्रानिक, प्लास्टिक (Plastic Waste) या टेट्रा पैक बीनने-छांटने का काम भी मुश्किल हुआ है. रिसाइकलिंग (Recycling) में श्रमिकों की भी कमी है. शहर के अंदर या बाहर कूड़े के परिवहन या उसको रिसाइकलर तक पहुंचाने में भी मुश्किलें हैं. इस काम को आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है.
-
ndtv.in
-
भारत में 2020 तक रोजाना 775.5 टन मेडिकल अपशिष्ट पैदा होगा: स्टडी
- Friday March 23, 2018
- भाषा
भारत में 2020 तक प्रतिदिन 775.5 टन मेडिकल अपशिष्ट पैदा हो सकता है. इस समय रोजाना 550.9 टन अपशिष्ट उत्सर्जित होता है. यह जानकारी औद्योगिक संगठन एसोचैम और वेलोसेटी के एक संयुक्त अध्ययन से सामने आयी है. गुरुवार को जारी अध्ययन में बताया गया है कि हर साल उत्सर्जित होने वाले मेडिकल अपशिष्ट में सात प्रतिशत उछाल आने की संभावना है.
-
ndtv.in
-
दिल्ली में बढ़ते मेडिकल कचरे को रोकने के लिए सरकार का मास्टरप्लान, नए संयंत्रों को मंजूरी
- Wednesday February 18, 2026
- Reported by: इशिका वर्मा, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
दिल्ली के सभी जिलों से निकलने वाले इस विशाल अपशिष्ट का प्रबंधन केवल दो उपचार संयंत्रों के भरोसे है. स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के विस्तार और 2031 तक जनसंख्या वृद्धि के अनुमानों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि मौजूदा बुनियादी ढांचा भविष्य में अपर्याप्त साबित होगा.
-
ndtv.in
-
"शवों को बेचने वाला...": आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रमुख ने संदीप घोष पर लगाया बड़ा आरोप
- Wednesday August 21, 2024
- Edited by: सूर्यकांत पाठक
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रमुख संदीप घोष से इस महीने एक जूनियर डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के सिलसिले में सीबीआई ने कड़ी पूछताछ की है. उन पर पिछले साल भ्रष्टाचार और शवों व बायोमेडिकल कचरे की तस्करी का आरोप लगाया गया था. यह आरोप आरजी कर अस्पताल में उप चिकित्सा अधीक्षक रहे अख्तर अली ने लगाए थे. अली अब मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज में इसी पद पर हैं.
-
ndtv.in
-
पर्यावरण दिवस : लॉकडाउन में कचरा बना मुसीबत, इकट्ठा करना, छांटने-बीनने और रिसाइकलिंग 25% तक प्रभावित
- Saturday June 5, 2021
- Written by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
World Environment Day: कोरोना काल में अस्पतालों और कोविड केयर केंद्रों (Covid Care Centre) से निकल रहा मेडिकल कचरा भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, क्योंकि ज्यादातर अस्पतालों के पास बायोमेडिकल वेस्ट (Bio Medical Waste) के निपटारे की व्यवस्था ही नहीं है. अग्रणी फूड प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग समाधान कंपनी, टेट्रापैक (Tetrapak) के सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर (एशिया पैसेफिक) जयदीप गोखले का कहना है कि कचरा इकट्ठा करने में असंगठित क्षेत्र के कामगार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण इनमें से काफी कुछ पलायन कर गए. इलेक्ट्रानिक, प्लास्टिक (Plastic Waste) या टेट्रा पैक बीनने-छांटने का काम भी मुश्किल हुआ है. रिसाइकलिंग (Recycling) में श्रमिकों की भी कमी है. शहर के अंदर या बाहर कूड़े के परिवहन या उसको रिसाइकलर तक पहुंचाने में भी मुश्किलें हैं. इस काम को आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया गया है.
-
ndtv.in
-
भारत में 2020 तक रोजाना 775.5 टन मेडिकल अपशिष्ट पैदा होगा: स्टडी
- Friday March 23, 2018
- भाषा
भारत में 2020 तक प्रतिदिन 775.5 टन मेडिकल अपशिष्ट पैदा हो सकता है. इस समय रोजाना 550.9 टन अपशिष्ट उत्सर्जित होता है. यह जानकारी औद्योगिक संगठन एसोचैम और वेलोसेटी के एक संयुक्त अध्ययन से सामने आयी है. गुरुवार को जारी अध्ययन में बताया गया है कि हर साल उत्सर्जित होने वाले मेडिकल अपशिष्ट में सात प्रतिशत उछाल आने की संभावना है.
-
ndtv.in