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Iranian Conspiracy

'Iranian Conspiracy' - 2 News Result(s)
  • डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्‍या की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्‍तानी दोषी करार

    डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्‍या की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्‍तानी दोषी करार

    डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्या के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ साजिश रचने के आरोपी में पाकिस्तान के नागरिक आसिफ मर्चेंट को ब्रुकलिन की एक अदालत ने दोषी पाया है.

  • निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    क्या हिंदुस्तान में किसी महिला के नाखून काटने पर या बाल काटने पर यहां के समाज और सत्ता को डर लग सकता है? निश्चय ही यह सवाल ही मजाकिया लगता है! यहां ऐसी घटनाएं खबरों में आकर गायब हो जाएंगी, लोग इन बातों को हंसी-मजाक में उड़ा देंगे. नाख़ून काटने और बाल काटने में कोई अंतर नहीं. दोनों ही शरीर के अतिरिक्त हिस्से हैं जिसकी कटाई छंटाई अपने मनमुताबिक की जाती है. लेकिन यह मजाकिया लगने वाली बातें भी बड़े विद्रोह का माध्यम बन सकती है. अगर महिलाएं बाल काटकर प्रतिरोध कर रही हैं तो इससे समझा जा सकता है कि मजहबी कानूनों से संचालित देशों में इक्कीसवीं सदी में महिलाओं की हैसियत क्या है! दासता जितनी मजबूत होती है, प्रतिरोध के तरीके उतने छोटे और मजाकिया लगते हैं. ईरान की महिलाओं का विद्रोह उसकी दासता की चरम स्थिति को बताता है, इसलिए वहां महिलाओं के विरोध के तरीके भी ऐसे ही हैं. 

'Iranian Conspiracy' - 2 News Result(s)
  • डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्‍या की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्‍तानी दोषी करार

    डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्‍या की साजिश रचने के आरोप में पाकिस्‍तानी दोषी करार

    डोनाल्‍ड ट्रंप की हत्या के लिए ईरान के अधिकारियों के साथ साजिश रचने के आरोपी में पाकिस्तान के नागरिक आसिफ मर्चेंट को ब्रुकलिन की एक अदालत ने दोषी पाया है.

  • निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    निर्वस्त्रता को अपना अस्त्र घोषित करतीं ईरानी महिलाएं

    क्या हिंदुस्तान में किसी महिला के नाखून काटने पर या बाल काटने पर यहां के समाज और सत्ता को डर लग सकता है? निश्चय ही यह सवाल ही मजाकिया लगता है! यहां ऐसी घटनाएं खबरों में आकर गायब हो जाएंगी, लोग इन बातों को हंसी-मजाक में उड़ा देंगे. नाख़ून काटने और बाल काटने में कोई अंतर नहीं. दोनों ही शरीर के अतिरिक्त हिस्से हैं जिसकी कटाई छंटाई अपने मनमुताबिक की जाती है. लेकिन यह मजाकिया लगने वाली बातें भी बड़े विद्रोह का माध्यम बन सकती है. अगर महिलाएं बाल काटकर प्रतिरोध कर रही हैं तो इससे समझा जा सकता है कि मजहबी कानूनों से संचालित देशों में इक्कीसवीं सदी में महिलाओं की हैसियत क्या है! दासता जितनी मजबूत होती है, प्रतिरोध के तरीके उतने छोटे और मजाकिया लगते हैं. ईरान की महिलाओं का विद्रोह उसकी दासता की चरम स्थिति को बताता है, इसलिए वहां महिलाओं के विरोध के तरीके भी ऐसे ही हैं.