Ias Award Controversy
- सब
- ख़बरें
-
पानी को तरसते गांव में जन्म से खंडवा जल अवार्ड विवाद तक, IAS नागार्जुन गौड़ा की पूरी कहानी क्या है?
- Tuesday December 30, 2025
- Written by: विश्वनाथ सैनी
IAS Nagarjun Gowda की कहानी कर्नाटक के सूखा प्रभावित गांव से शुरू होकर मध्यप्रदेश के खंडवा जिले तक पहुंचती है, जहां जल संरक्षण अभियान ने National Water Award दिलाया. MBBS से UPSC तक का सफर, JSJB Scheme के तहत Water Conservation और अब Catch The Rain Portal से जुड़े AI Images Controversy के बीच यह कहानी प्रशासनिक संघर्ष, जन भागीदारी और तथ्यों की सच्चाई को सामने रखती है.
-
ndtv.in
-
IAS Madhya Pradesh: 1.29 लाख तस्वीरों से खंडवा को 2 करोड़ का पुरस्कार, अब 20 AI फोटो की कहानी आई सामने
- Monday December 29, 2025
- Written by: विश्वनाथ सैनी
IAS ऋषव गुप्ता और IAS डॉ. नागार्जुन गौड़ा को मिले National Water Award को लेकर सोशल मीडिया पर AI फोटो और फर्जी आंकड़ों के आरोप सामने आए. खंडवा (Khandwa News) जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल संचय, जनभागीदारी (JSJB 1.0) अभियान के तहत अपलोड की गई 1.29 लाख तस्वीरों का केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सत्यापन हुआ था और वायरल दावों का पुरस्कार से कोई संबंध नहीं है.
-
ndtv.in
-
पानी को तरसते गांव में जन्म से खंडवा जल अवार्ड विवाद तक, IAS नागार्जुन गौड़ा की पूरी कहानी क्या है?
- Tuesday December 30, 2025
- Written by: विश्वनाथ सैनी
IAS Nagarjun Gowda की कहानी कर्नाटक के सूखा प्रभावित गांव से शुरू होकर मध्यप्रदेश के खंडवा जिले तक पहुंचती है, जहां जल संरक्षण अभियान ने National Water Award दिलाया. MBBS से UPSC तक का सफर, JSJB Scheme के तहत Water Conservation और अब Catch The Rain Portal से जुड़े AI Images Controversy के बीच यह कहानी प्रशासनिक संघर्ष, जन भागीदारी और तथ्यों की सच्चाई को सामने रखती है.
-
ndtv.in
-
IAS Madhya Pradesh: 1.29 लाख तस्वीरों से खंडवा को 2 करोड़ का पुरस्कार, अब 20 AI फोटो की कहानी आई सामने
- Monday December 29, 2025
- Written by: विश्वनाथ सैनी
IAS ऋषव गुप्ता और IAS डॉ. नागार्जुन गौड़ा को मिले National Water Award को लेकर सोशल मीडिया पर AI फोटो और फर्जी आंकड़ों के आरोप सामने आए. खंडवा (Khandwa News) जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल संचय, जनभागीदारी (JSJB 1.0) अभियान के तहत अपलोड की गई 1.29 लाख तस्वीरों का केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सत्यापन हुआ था और वायरल दावों का पुरस्कार से कोई संबंध नहीं है.
-
ndtv.in