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अन्ना हजारे की मोदी सरकार को चेतावनी, किसानों के मुद्दों को लेकर जनवरी में आंदोलन शुरू करेंगे
- Tuesday December 29, 2020
- Reported by: भाषा
उन्होंने कहा, ‘‘किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर मैं पहली बार 21 मार्च, 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठा था.’’ हजारे ने कहा, ‘‘सातवें दिन, तत्कालीन कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस मुझसे मिलने आए. उस समय उन्होंने मांगों को स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन दिया, लेकिन वे कभी पूरे नहीं हुए.’’
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अन्ना हजारे ने केन्द्र के किसानों की मांग पूरी ना करने पर ‘अंतिम प्रदर्शन’ की दी धमकी
- Monday December 28, 2020
- Reported by: भाषा
अन्ना हजारे ने 14 दिसम्बर को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि एम. एस. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसाओं को लागू करने और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्तता प्रदान करने संबंधी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल करेंगे.
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दशक में कुछ नहीं बदला, शाहीन बाग और अन्ना आंदोलन एक ही जैसे
- Wednesday January 15, 2020
- Sanket Upadhyay
शाहीन बाग़ का महज़ नाम ले लेने से लगभग युद्ध छिड़ उठता है. प्रशासन की आंखों की किरकिरी बनी हुई हैं शाहीन बाग़ में धरने पर बैठी महिलाएं. और अब शाहीन बाग़ महज़ एक जगह का नाम नहीं रह गया, शाहीन बाग नागरिकता कानून के विरोध का एक प्रतीक बन चुका है. ऐसे ही आंदोलन अब देश भर के कई शहरों में शुरू हो गए हैं. यह किसी भी सरकार को तनाव में लाने के लिए काफी है. और इसको लेकर मोदी सरकार का नाखुश होना लाज़मी है.
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अन्ना हजारे 30 जनवरी को फिर से करेंगे भूख हड़ताल, सियासी दलों को आंदोलन से दूर रहने के लिए कहा
- Saturday January 19, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
पिछले दिनों अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खत लिखा था जिसनें लोकायुक्त की नियुक्ति की बात कही गई थी. अन्ना ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि केंद्र की मोदी सरकार देशवासियों के साथ धोखाधड़ी कर रही है. लोकपाल और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण कानून पर अमल नहीं होना और सरकार का बार-बार झूठ बोलना वह बर्दाश्त नहीं कर सकते.
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एचएस फुल्का ने बताई 'आप' का साथ छोड़ने की वजह, कहा- फिर अन्ना के जैसे आंदोलन की जरूरत
- Friday January 4, 2019
- Reported by: शरद शर्मा, Edited by: सूर्यकांत पाठक
वरिष्ठ वकील और आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फुल्का ने गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. आम आदमी पार्टी छोड़ने के पीछे उन्होंने कहा कि इस्तीफा इसलिए दिया ताकि फिर से अन्ना हजारे के आंदोलन जैसा मूवमेंट खड़ा करें. उन्होंने कहा कि अब वे पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ेंगें और एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) को राजनीतिक पार्टी से मुक्त कराएंगे.
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अब दिल्ली में अंतिम आंदोलन, सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो प्राण त्याग दूंगा : अन्ना हजारे
- Monday December 25, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे मार्च में दिल्ली में अपना अंतिम आंदोलन करेंगे और यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो प्राण त्याग देंगे. हजारे ने यह सख्त चेतावनी सरकार को दी है.
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अन्ना हजारे की दो टूक, बोले- 2018 के आंदोलन में कोई 'केजरीवाल' पैदा नहीं होगा
- Tuesday December 12, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
जनलोकपाल और किसानों की बदहाली के खिलाफ आवाज मुखर करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा. अन्ना हजारे ने कहा कि साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी बना ली तो उन्होंने उनसे कोई वास्ता नहीं रखा.उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2018 से वह एक और आंदोलन शुरू करने वाले हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे कोई नया ‘केजरीवाल’ पैदा नहीं होगा.
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खजुराहो में अन्ना हजारे ने एक दीवार पर कुछ ऐसा लिख दिया कि चर्चा दिल्ली तक!
- Monday December 4, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
खजुराहो वैसे तो चंदेल राजवंश द्वारा सदियों पहले बनवाए गए मंदिरों के लिए जगत प्रसिद्ध है लेकिन रविवार को प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने मध्यप्रदेश के इस पर्यटन स्थल पर कुछ ऐसा कर दिया कि इसकी चर्चा दिल्ली तक में है.
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अण्णा हजारे ने पीएम को लिखा पत्र, पूछा- दिल्ली में किस जगह आंदोलन करें
- Friday December 1, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
एक बार फिर से जन लोकपाल और किसानों के मुद्दे पर समाजसेवी अन्ना हजारे दिल्ली से आंदोलन का शंखनाद करेंगे. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे जन लोकपाल और किसानों के मुद्दों को लेकर अगले साल 23 मार्च से दिल्ली में अपना आंदोलन शुरू करेंगे और आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आंदोलन के लिए जगह बताने को कहा है.
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अन्ना हजारे ने कहा- भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम रही मोदी सरकार, फिर शुरू करेंगे आंदोलन
- Tuesday November 21, 2017
- IANS
इसमें उन्होंने लोगों से भाग लेने की अपील की. अन्ना ने एक बयान में कहा कि 2011 में शुरू किए गए पहले आंदोलन के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार लोकपाल कानून पारित करने पर बाध्य हुई थी, लेकिन उसे इस सरकार ने कमजोर कर दिया है.
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अन्ना हजारे की मोदी सरकार को चेतावनी, किसानों के मुद्दों को लेकर जनवरी में आंदोलन शुरू करेंगे
- Tuesday December 29, 2020
- Reported by: भाषा
उन्होंने कहा, ‘‘किसानों से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर मैं पहली बार 21 मार्च, 2018 को दिल्ली के रामलीला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठा था.’’ हजारे ने कहा, ‘‘सातवें दिन, तत्कालीन कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस मुझसे मिलने आए. उस समय उन्होंने मांगों को स्वीकार करते हुए लिखित आश्वासन दिया, लेकिन वे कभी पूरे नहीं हुए.’’
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अन्ना हजारे ने केन्द्र के किसानों की मांग पूरी ना करने पर ‘अंतिम प्रदर्शन’ की दी धमकी
- Monday December 28, 2020
- Reported by: भाषा
अन्ना हजारे ने 14 दिसम्बर को केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि एम. एस. स्वामीनाथन समिति की अनुशंसाओं को लागू करने और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को स्वायत्तता प्रदान करने संबंधी उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो वह भूख हड़ताल करेंगे.
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दशक में कुछ नहीं बदला, शाहीन बाग और अन्ना आंदोलन एक ही जैसे
- Wednesday January 15, 2020
- Sanket Upadhyay
शाहीन बाग़ का महज़ नाम ले लेने से लगभग युद्ध छिड़ उठता है. प्रशासन की आंखों की किरकिरी बनी हुई हैं शाहीन बाग़ में धरने पर बैठी महिलाएं. और अब शाहीन बाग़ महज़ एक जगह का नाम नहीं रह गया, शाहीन बाग नागरिकता कानून के विरोध का एक प्रतीक बन चुका है. ऐसे ही आंदोलन अब देश भर के कई शहरों में शुरू हो गए हैं. यह किसी भी सरकार को तनाव में लाने के लिए काफी है. और इसको लेकर मोदी सरकार का नाखुश होना लाज़मी है.
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अन्ना हजारे 30 जनवरी को फिर से करेंगे भूख हड़ताल, सियासी दलों को आंदोलन से दूर रहने के लिए कहा
- Saturday January 19, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
पिछले दिनों अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खत लिखा था जिसनें लोकायुक्त की नियुक्ति की बात कही गई थी. अन्ना ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि केंद्र की मोदी सरकार देशवासियों के साथ धोखाधड़ी कर रही है. लोकपाल और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण कानून पर अमल नहीं होना और सरकार का बार-बार झूठ बोलना वह बर्दाश्त नहीं कर सकते.
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एचएस फुल्का ने बताई 'आप' का साथ छोड़ने की वजह, कहा- फिर अन्ना के जैसे आंदोलन की जरूरत
- Friday January 4, 2019
- Reported by: शरद शर्मा, Edited by: सूर्यकांत पाठक
वरिष्ठ वकील और आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फुल्का ने गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. आम आदमी पार्टी छोड़ने के पीछे उन्होंने कहा कि इस्तीफा इसलिए दिया ताकि फिर से अन्ना हजारे के आंदोलन जैसा मूवमेंट खड़ा करें. उन्होंने कहा कि अब वे पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ेंगें और एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) को राजनीतिक पार्टी से मुक्त कराएंगे.
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अब दिल्ली में अंतिम आंदोलन, सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो प्राण त्याग दूंगा : अन्ना हजारे
- Monday December 25, 2017
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वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे मार्च में दिल्ली में अपना अंतिम आंदोलन करेंगे और यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो प्राण त्याग देंगे. हजारे ने यह सख्त चेतावनी सरकार को दी है.
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अन्ना हजारे की दो टूक, बोले- 2018 के आंदोलन में कोई 'केजरीवाल' पैदा नहीं होगा
- Tuesday December 12, 2017
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जनलोकपाल और किसानों की बदहाली के खिलाफ आवाज मुखर करने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा. अन्ना हजारे ने कहा कि साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी बना ली तो उन्होंने उनसे कोई वास्ता नहीं रखा.उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2018 से वह एक और आंदोलन शुरू करने वाले हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे कोई नया ‘केजरीवाल’ पैदा नहीं होगा.
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खजुराहो में अन्ना हजारे ने एक दीवार पर कुछ ऐसा लिख दिया कि चर्चा दिल्ली तक!
- Monday December 4, 2017
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खजुराहो वैसे तो चंदेल राजवंश द्वारा सदियों पहले बनवाए गए मंदिरों के लिए जगत प्रसिद्ध है लेकिन रविवार को प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने मध्यप्रदेश के इस पर्यटन स्थल पर कुछ ऐसा कर दिया कि इसकी चर्चा दिल्ली तक में है.
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अण्णा हजारे ने पीएम को लिखा पत्र, पूछा- दिल्ली में किस जगह आंदोलन करें
- Friday December 1, 2017
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
एक बार फिर से जन लोकपाल और किसानों के मुद्दे पर समाजसेवी अन्ना हजारे दिल्ली से आंदोलन का शंखनाद करेंगे. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे जन लोकपाल और किसानों के मुद्दों को लेकर अगले साल 23 मार्च से दिल्ली में अपना आंदोलन शुरू करेंगे और आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आंदोलन के लिए जगह बताने को कहा है.
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अन्ना हजारे ने कहा- भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम रही मोदी सरकार, फिर शुरू करेंगे आंदोलन
- Tuesday November 21, 2017
- IANS
इसमें उन्होंने लोगों से भाग लेने की अपील की. अन्ना ने एक बयान में कहा कि 2011 में शुरू किए गए पहले आंदोलन के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार लोकपाल कानून पारित करने पर बाध्य हुई थी, लेकिन उसे इस सरकार ने कमजोर कर दिया है.
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