भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रही रितु रानी (फाइल फोटो)
- 36 साल में पहली बार महिला हॉकी टीम ने ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई किया
- खराब प्रदर्शन और गलत व्यवहार के कारण रितु को टीम से किया गया बाहर
- रानी रामपाल को दी जा सकती है कप्तानी की जिम्मेदारी
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नई दिल्ली:
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रितु रानी को खराब प्रदर्शन और व्यवहार संबंधित समस्याओं के कारण रियो जाने वाली ओलिंपिक टीम से बाहर कर दिया गया है। सोलह खिलाड़ियों की अंतिम टीम को तीन दिन के भीतर चुन लिया जाएगा, लेकिन टीम प्रबंधन के वरिष्ठ सदस्य ने पुष्टि की कि रितु बेंगलुरु में चल रहे राष्ट्रीय शिविर को छोड़कर चली गई हैं।
उन्होंने कहा, 'यह सही है कि रितु ओलिंपिक टीम में नहीं है। उसे बाहर करने के मुख्य रूप से दो कारण है - उसका खराब प्रदर्शन और दूसरा उसका रवैया।' इस सदस्य ने कहा, 'उसे बार-बार कहा गया कि उसे अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी। शिविर बेंगलुरु में चल रहा है। यह शनिवार को खत्म हो जाएगा और रविवार को हम दिल्ली पहुंच रहे हैं। रितु परसों ही शिविर छोड़कर चली गई थी।'
रितु की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1980 के बाद 36 साल में पहली बार ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई किया। वह एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय महिला हॉकी की अगुवा रही है और मिडफील्ड की अहम खिलाड़ी रही है। लगातार प्रयास के बावजूद रितु से बातचीत नहीं हो सकी। रितु की अनुपस्थिति में कप्तानी की जिम्मेदारी एक अन्य सीनियर खिलाड़ी रानी रामपाल को दी जा सकती है। हालांकि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने इस मुद्दे को दबाने का प्रयास किया और खिलाड़ी के व्यवहार को 'अपरिपक्व' करार किया।
बत्रा ने कहा, 'यह सचमुच रितु की अपरिपक्वता है क्योंकि टीम अभी तक घोषित नहीं हुई है। यह अधिकारिक रूप से 12 जुलाई को घोषित की जाएगी जब मैं सार्वजनिक रूप से सील किया हुआ लिफाफा खोलूंगा।' उन्होंने कहा, 'हां, टीम प्रबंधन ने टीम की कप्तान और उप कप्तान दोनों के बारे में मुझे अपनी सिफारिशें दी हैं। 11 जुलाई को हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की बैठक के दौरान ही इस पर फैसला किया जाएगा।'
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने कहा, 'यह सही है कि रितु ओलिंपिक टीम में नहीं है। उसे बाहर करने के मुख्य रूप से दो कारण है - उसका खराब प्रदर्शन और दूसरा उसका रवैया।' इस सदस्य ने कहा, 'उसे बार-बार कहा गया कि उसे अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी। शिविर बेंगलुरु में चल रहा है। यह शनिवार को खत्म हो जाएगा और रविवार को हम दिल्ली पहुंच रहे हैं। रितु परसों ही शिविर छोड़कर चली गई थी।'
रितु की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1980 के बाद 36 साल में पहली बार ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई किया। वह एक दशक से ज्यादा समय से भारतीय महिला हॉकी की अगुवा रही है और मिडफील्ड की अहम खिलाड़ी रही है। लगातार प्रयास के बावजूद रितु से बातचीत नहीं हो सकी। रितु की अनुपस्थिति में कप्तानी की जिम्मेदारी एक अन्य सीनियर खिलाड़ी रानी रामपाल को दी जा सकती है। हालांकि हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने इस मुद्दे को दबाने का प्रयास किया और खिलाड़ी के व्यवहार को 'अपरिपक्व' करार किया।
बत्रा ने कहा, 'यह सचमुच रितु की अपरिपक्वता है क्योंकि टीम अभी तक घोषित नहीं हुई है। यह अधिकारिक रूप से 12 जुलाई को घोषित की जाएगी जब मैं सार्वजनिक रूप से सील किया हुआ लिफाफा खोलूंगा।' उन्होंने कहा, 'हां, टीम प्रबंधन ने टीम की कप्तान और उप कप्तान दोनों के बारे में मुझे अपनी सिफारिशें दी हैं। 11 जुलाई को हॉकी इंडिया के कार्यकारी बोर्ड की बैठक के दौरान ही इस पर फैसला किया जाएगा।'
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