- सरदार सिंह के समाथ मेरी बॉन्डिंग बहुत अच्छी : श्रीजेश
- 'कप्तान के तौर पर मैदान के बाहर मेरा काम थोड़ा ज्यादा होगा'
- 'रियो में क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई करना पहला लक्ष्य'
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नई दिल्ली:
केरल के गोलकीपर कप्तान पीआर श्रीजेश 2012 ओलिंपिक के दौरान एक एक्स्ट्रा गोलकीपर के तौर पर इस्तेमाल किए गए थे। उस वक्त उनकी गोलकीपिंग तकनीक में भी खामियां निकाली जाती थीं, लेकिन तब से लेकर पिछले चार साल में उन्होंने जबरदस्त मेहनत की और अपने प्रदर्शन से टीम को कई बार कामयाबी का सफर तय करवाया। श्रीजेश टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर रियो में भारतीय हॉकी टीम की नुमाइंदगी करेंगे। कप्तान चुने जाने के बाद उन्होंने NDTV संवाददाता विमल मोहन से खास बात की।
सवाल: आप कभी एक्स्ट्रा की तरह टीम में होते थे और तब आपकी टीम में जगह भी मुश्किल से बनती थी। ये आपके करियर का सबसे बड़ा लम्हा है?
श्रीजेश : ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुझे पूरी तरह यकीन करने में थोड़ा वक्त लगेगा कि मैं कप्तान बन गया हूं। जब मैंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेलना शुरू किया तो सपना होता था कि मैं ओलिंपिक खेल पाऊं। कप्तान बनने के बारे में सोचना तो बहुत बड़ी बात थी। 2012 में हमारी टीम के साथ जो हादसा हुआ उसके बाद से टीम की सूरत बहुत बदल गई। पूरी टीम के लिए ये दर्दनाक रहा है और अब पूरी टीम इससे प्रेरणा लेती रही है। इससे हमें एक्स्ट्रा पावर और प्रेरणा मिलती है।
सवाल: एशियाड और चैंपियंस ट्रॉफी में आपकी वजह से टीम को ऐतिहासिक कामयाबी मिली। टीम में आपको बतौर कप्तान स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए?
श्रीजेश : मेरा पहला काम गोलकीपिंग करना है। टीम को मोटिवेट करना और टीम से बात करना, डिफेंस को ऑर्गेनाइज करना और गोलकीपिंग में अपना रिकॉर्ड क्लीन चिट रखना मेरी पहली जिम्मेदारी है। एक कप्तान के तौर पर मैदान के बाहर मेरा काम थोड़ा ज्यादा होगा।
सवाल: सरदार सिंह लंबे समय के बाद कप्तान पद से हटाए गए हैं। टीम में हमेशा की तरह नॉर्थ-साउथ डिवाइड (उत्तर और दक्षिण के खिलाड़ियों के बीच तकरार) की मुश्किल तो नहीं होगी?
श्रीजेश : पिछले तीन साल से ये टीम एक साथ रही है। सबके साथ हमारी अलग बॉन्डिंग है। सबकी कमी और ताक़त के बारे में पता है। ये भी पता है कि कौन क्या सोचता है। सरदार के साथ मेरी बॉन्डिंग बहुत अच्छी है। पिछले दो साल से वो कप्तान और मैं उपकप्तान रहा। वो दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हमें पूरी टीम को अलग-अलग काम सही तरीके से बांटना होगा। एक कप्तान के तौर पर मैं वही काम करूंगा।
सवाल : टीम किस लक्ष्य के साथ रियो के मैदान पर उतरेगी?
श्रीजेश : देखिए...टीम का पहला लक्ष्य होगा कि हम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई करें। उसके बाद हम टॉप 6 टीमों में जगह बनाने की रणनीति के साथ मैदान पर उतरेंगे। जिस तरीके से हाल में टीम का प्रदर्शन रहा है हमारी टीम टॉप 3 में आने का दम रखती है।
सवाल: आप कभी एक्स्ट्रा की तरह टीम में होते थे और तब आपकी टीम में जगह भी मुश्किल से बनती थी। ये आपके करियर का सबसे बड़ा लम्हा है?
श्रीजेश : ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुझे पूरी तरह यकीन करने में थोड़ा वक्त लगेगा कि मैं कप्तान बन गया हूं। जब मैंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेलना शुरू किया तो सपना होता था कि मैं ओलिंपिक खेल पाऊं। कप्तान बनने के बारे में सोचना तो बहुत बड़ी बात थी। 2012 में हमारी टीम के साथ जो हादसा हुआ उसके बाद से टीम की सूरत बहुत बदल गई। पूरी टीम के लिए ये दर्दनाक रहा है और अब पूरी टीम इससे प्रेरणा लेती रही है। इससे हमें एक्स्ट्रा पावर और प्रेरणा मिलती है।
सवाल: एशियाड और चैंपियंस ट्रॉफी में आपकी वजह से टीम को ऐतिहासिक कामयाबी मिली। टीम में आपको बतौर कप्तान स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए?
श्रीजेश : मेरा पहला काम गोलकीपिंग करना है। टीम को मोटिवेट करना और टीम से बात करना, डिफेंस को ऑर्गेनाइज करना और गोलकीपिंग में अपना रिकॉर्ड क्लीन चिट रखना मेरी पहली जिम्मेदारी है। एक कप्तान के तौर पर मैदान के बाहर मेरा काम थोड़ा ज्यादा होगा।
सवाल: सरदार सिंह लंबे समय के बाद कप्तान पद से हटाए गए हैं। टीम में हमेशा की तरह नॉर्थ-साउथ डिवाइड (उत्तर और दक्षिण के खिलाड़ियों के बीच तकरार) की मुश्किल तो नहीं होगी?
श्रीजेश : पिछले तीन साल से ये टीम एक साथ रही है। सबके साथ हमारी अलग बॉन्डिंग है। सबकी कमी और ताक़त के बारे में पता है। ये भी पता है कि कौन क्या सोचता है। सरदार के साथ मेरी बॉन्डिंग बहुत अच्छी है। पिछले दो साल से वो कप्तान और मैं उपकप्तान रहा। वो दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। हमें पूरी टीम को अलग-अलग काम सही तरीके से बांटना होगा। एक कप्तान के तौर पर मैं वही काम करूंगा।
सवाल : टीम किस लक्ष्य के साथ रियो के मैदान पर उतरेगी?
श्रीजेश : देखिए...टीम का पहला लक्ष्य होगा कि हम क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई करें। उसके बाद हम टॉप 6 टीमों में जगह बनाने की रणनीति के साथ मैदान पर उतरेंगे। जिस तरीके से हाल में टीम का प्रदर्शन रहा है हमारी टीम टॉप 3 में आने का दम रखती है।
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पीआर श्रीजेश, भारतीय हॉकी टीम, रियो ओलिंपिक 2016, सरदार सिंह, PR Sreejesh, Indian Hockey Team, Rio Olympics 2016, Sardar Singh