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This Article is From Jan 30, 2018

पीएम मोदी के बयान के विरोध में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पकोड़े बनाकर लोगों में बांटे

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हाल ही में कहा था कि क्या 'पकौड़े' बेचकर 200 रुपये प्रति दिन कमाने वाले किसी व्यक्ति को बेरोजगार माना जा सकता है.

पीएम मोदी के बयान के विरोध में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पकोड़े बनाकर लोगों में बांटे
पकोड़े बनाते एनएसयूआई के कार्यकर्ता
नई दिल्ली: देश के युवाओं में लगातार बढ़ती बेरोजगारी को लेकर गुस्सा है. ऐसे में केंद्र सरकार की खिल्ली उड़ाते हुए बेंगलुरु में एनएसयूआई  के कार्यकर्ताओं ने पकौड़े का स्टॉल लगाया है. इन लोगों ने शहर में कई जगह पकौड़े बनाकर बांटे भी हैं.  इनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पकौड़ा बेचने को रोज़गार बताकर नौकरी तलाश रहे लोगों का मज़ाक उड़ाया है. गौरतलब है कि पीएम मोदी ने हाल ही में कहा था कि क्या 'पकौड़े' बेचकर 200 रुपये प्रति दिन कमाने वाले किसी व्यक्ति को बेरोजगार माना जा सकता है. उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा था.  पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए था कि अगर पकौड़े बेचना नौकरी है तो फिर भीख मांगने को रोज़गार के विकल्प के तौर देखना चाहिए. 

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वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी पीएम मोदी के इस बयान की आलोचना की थी और कहा,  "जिसने कहा कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा वो आज पकौड़े की बात करने लगे हैं. वो नहीं समझते कि लोग चाय और पकौड़े इसलिए बेच रहे हैं क्योंकि नौकरियां नहीं हैं."उन्होंने कहा, "उन्होंने जो वादे किए है उनपर अवश्य कायम रहना चाहिए। इसलिए ध्यान खींचने के लिए वे रोजगार को लेकर कुछ कर सकते हैं."

वीडियो : बेरोजगारों की सुध कौन लेगा

जबकि गुजरात में पाटीदार आंदोलन के नेता और विधायक हार्दिक पटेल ने भी पीएम मोदी पर तंज कसते हुए था कि केवल एक 'चायवाला' ही बेरोजगार युवाओं को पकौड़े बेचने की सलाह दे सकता है. 

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