
किसान आंदोलन पर आप नेता कुमार विश्वास ने किया ट्वीट.
नई दिल्ली:
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में हुई मौत पर आम आदमी पार्टी (आप) नेता ने केंद्र और एमपी सरकार पर हमला किया है. कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा है, ' भगवान का सौदा करता है, इंसान की क़ीमत क्या जाने? जो 'धान' की क़ीमत दे न सका, वो 'जान' की कीमत क्या जाने?' इससे पहले कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा था, 'तीन नहीं 70 साल कहिए, 60 वर्ष कांग्रेस ने किसान के साथ जो किया उससे बुरा पिछले सालों में हुआ.सत्ता किसान का शोषण करती है विपक्ष उसकी भावनाओं का.'
घनश्याम की मौत की खबर उसके गांव तक पहुंचते ही लोग नाराज हो गए और सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घनश्याम मंदिर जा रहा था और पुलिस ने पकड़कर उसकी पिटाई की. मौके पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर लोग सड़क से हटे.
इसके अलावा, भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित फंदा कस्बे की सड़क पर सीहोर टोल प्लाजा पर सुबह से ही किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया. किसानों ने यहां चक्काजाम कर दिया. पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया तो किसान भड़क उठे और खेतों में जाकर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे.
आंदोलनकारी किसानों ने एक ट्रक, एक जीप में आग लगा दी, और कई वाहनों में तोड़फोड़ की. दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाई.
भोपाल उत्तर के पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने संवाददाताओं को बताया कि आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
राज्य में किसान कर्ज माफी और फसल के उचित दाम की मांग को लेकर एक जून से आंदोलन पर हैं. मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में पांच किसानों की जान चली गई. नीमच, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, हरदा आदि जिलों में भी किसानों ने हिंसक प्रदर्शन किया.
भगवान का सौदा करता है,
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) June 10, 2017
इंसान की क़ीमत क्या जाने?
जो 'धान' की क़ीमत दे न सका,
वो 'जान' की क़ीमत क्या जाने?
3 नहीं 70 साल कहिए.60 वर्ष कॉंग्रेस ने किसान के साथ जो किया उससे बुरा पिछले सालों में हुआ.सत्ता किसान का शोषण करती है विपक्ष उसकी भावनाओं का
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) June 8, 2017
मध्य प्रदेश में जारी किसान आंदोलन में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है. यह आंदोलन 10 दिन से जारी है. गुस्साए किसानों ने एक ट्रक में आग लगा दी, और कई वाहनों में तोड़फोड़ की. मंदसौर के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया, "गुरुवार को दलौदा पुलिस चौकी क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस से झड़प हो गई थी, जिसमें घनश्याम धाकड़ (30) घायल हो गया था. उसे उपचार के लिए इंदौर ले जाया गया, जहां उसकी देर रात मौत हो गई."किसान मूर्ख नहीं है,
— Manpreet (@bajwamanpreet1) June 8, 2017
किसान धूल में नहाती हुई चिड़िया देख कर बता देता है कि शाम को बारिश होने का जुगाड़ है!@DrKumarVishwas#3साल_किसान_बेहाल pic.twitter.com/tM0rymGtun
घनश्याम की मौत की खबर उसके गांव तक पहुंचते ही लोग नाराज हो गए और सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घनश्याम मंदिर जा रहा था और पुलिस ने पकड़कर उसकी पिटाई की. मौके पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर लोग सड़क से हटे.
इसके अलावा, भोपाल-इंदौर मार्ग पर स्थित फंदा कस्बे की सड़क पर सीहोर टोल प्लाजा पर सुबह से ही किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया. किसानों ने यहां चक्काजाम कर दिया. पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया तो किसान भड़क उठे और खेतों में जाकर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे.
आंदोलनकारी किसानों ने एक ट्रक, एक जीप में आग लगा दी, और कई वाहनों में तोड़फोड़ की. दमकल की गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग बुझाई.
भोपाल उत्तर के पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने संवाददाताओं को बताया कि आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए.
राज्य में किसान कर्ज माफी और फसल के उचित दाम की मांग को लेकर एक जून से आंदोलन पर हैं. मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में पांच किसानों की जान चली गई. नीमच, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, हरदा आदि जिलों में भी किसानों ने हिंसक प्रदर्शन किया.
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