
मतदान के लिए लाइन में लगे लोग...
नई दिल्ली:
देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में मतदान अब शुरू हो गया है. पहले चरण के लिए मतदान जारी है. यूपी में सात चरणों में मतदान है और 8 मार्च को अंतिम मतदान है. 11 मार्च को सूबे में किसकी सरकार यह साफ हो जाएगा. राज्य में कुल 403 विधानसभा सीटें जिसके लिए मतदान हो रहा है. पहले चरण में 15 जिलों की 73 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. सुबह सात बजे से ही लोग लाइन में लग गए हैं.
इस चरण में दिग्गजों की लिस्ट में सबसे आगे हैं देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह. इसके अलावा आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार राहुल यादव चुनाव लड़ रहे हैं. पंकज सिंह दिल्ली से सटी नोएडा सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं. एडीआर के आंकड़ों के अनुसार इस चरण में 143 प्रत्याशी दागी हैं और 302 प्रत्याशी करोड़पति हैं.
पहले चरण के मतदान में दिग्गजों की सूची कुछ इस प्रकार है...
1. पंकज सिंह (बीजेपी, नोएडा सीट)
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह यूपी की नोएडा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. पंकज सिंह एक दशक से भी ज्यादा समय से बीजेपी से जुड़े हैं. पार्टी ने उन्हें पहली बार विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है.

उन्हें टिकट दिए जाने पर कई लोगों ने बीजेपी पर भी परिवारवाद करने का आरोप लगाया. पंकज सिंह पार्टी में अहम पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं. वे दो बार पार्टी महासचिव रहे हैं और एक बार बीजेपी युवा मोर्चा के प्रमुख भी रहे है.
2. राहुल यादव (समाजवादी पार्टी, सिकंदराबाद सीट, बुलंदशहर)
राहुल यादव समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुलंदशहर की सिकंदराबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. राहुल बिहार में सत्ताधारी दल आरजेडी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार हैं.
लालू यादव इनके प्रचार के लिए यूपी में भी आए. बताया जाता है कि राहुल यादव का होटल का बिजनेस है और ये लालू प्रसाद यादव के साले के दामाद हैं. वैसे राहुल यादव की पहचान यहीं नहीं रुकती. समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रमुख और वर्तमान संरक्षक मुलायम सिंह यादव के भतीजे जितेंद्र यादव के बेटे हैं राहुल.
राज्य में समाजवादी पार्टी और परिवार के रसूख के चलते जितेंद्र सिंह विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं. राहुल यादव की मां शीला यादव जिला पंचायत की तीसरी बार सदस्य निर्वाचित हुई हैं.
3. लक्ष्मीकांत वाजपेयी (बीजेपी, मेरठ सीट)
लक्ष्मीकांत वाजपेयी बीजेपी के उत्तर प्रदेश के प्रमुख रह चुके हैं. वाजपेयी के प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल के बाद ही राज्य में वर्तमान प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य को यह जिम्मेदारी दी गई है.

कहा जाता है कि पार्टी ने जातिगत रणनीति के तहत ही यह बदलाव किया था. इनके समाजवादी पार्टी के रफीक अंसारी हैं. इस सीट पर मुकाबला काफी कड़ा होने की संभावना है.
4. मृगांका सिंह (बीजेपी, कैराना सीट) सांसद की बेटी का भाई से मुकाबला
मृगांका सिंह बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की बेटी हैं. सांसद हुकुम सिंह ने मेरठ के कैराना से से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया था. आरोप लगाया था कि हिंदुओं को मजबूर कर यहां से पलायन करवाया जा रहा है. इस पर मीडिया में कई तरह की खबरें आईं. राजनीतिक दलों ने बीजेपी में सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप भी लगाया.
हुकुम सिंह के सांसद बनने के बाद इस सीट पर उप-चुनाव हुआ था, जिसमें मृगांका के चचेरे भाई अनिल चौहान को बीजेपी की तरफ से टिकट मिला था. लेकिन, वे सपा के नाहिद हसन से चुनाव हार गए थे. बीजेपी ने जहां इस बार मृगांका को टिकट दिया तो अनिल चौहान नाराज हो गए और रालोद में चले गए. अब इस सीट पर भाई-बहन के बीच में ही लड़ाई मानी जा रही है.
5. संगीत सोम (बीजेपी, सरधना सीट, मेरठ)
मुजफ्फरनगर दंगों के बाद प्रशासन को खुलेआम चुनौती देकर संगीत सोम चर्चा में आए थे. बिहार चुनाव के समय संगीत सोम पर स्लॉटर हाउस चलाने का भी आरोप लगा था.
जाट वोटों पर पकड़ के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपनी रैली में सम्मानित किया था. इस पर अभी तक विपक्षी दल उनपर हमला करते हैं.
6. अतुल प्रधान (सपा, सरधना सीट, मेरठ)
समाजवादी पार्टी में अतुल प्रधान सीएम अखिलेश यादव के करीबी बताए जाते हैं. उनकी जाट वोटों पर अच्छी पकड़ मानी जाती है. सीएम उन्हें जिताऊ कैंडिडेट मान रहे हैं, जबकि अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने सपा से टिकट नहीं दिया था.
7. सुरेश राणा (बीजेपी, थाना भवन सीट, मेरठ)
सुरेश राणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर बीजेपी के नेता माने जाते हैं. मुजफ्फरनगर दंगों के बाद हुई पॉलिटिकल कॉन्ट्रोवर्सी में उनका नाम चर्चा में रहा था.
इसके पहले हुई मोदी की रैली में उन्हें भी सम्मानित किया गया था.
इस चरण में दिग्गजों की लिस्ट में सबसे आगे हैं देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह. इसके अलावा आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार राहुल यादव चुनाव लड़ रहे हैं. पंकज सिंह दिल्ली से सटी नोएडा सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं. एडीआर के आंकड़ों के अनुसार इस चरण में 143 प्रत्याशी दागी हैं और 302 प्रत्याशी करोड़पति हैं.
पहले चरण के मतदान में दिग्गजों की सूची कुछ इस प्रकार है...
1. पंकज सिंह (बीजेपी, नोएडा सीट)
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह यूपी की नोएडा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. पंकज सिंह एक दशक से भी ज्यादा समय से बीजेपी से जुड़े हैं. पार्टी ने उन्हें पहली बार विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है.

उन्हें टिकट दिए जाने पर कई लोगों ने बीजेपी पर भी परिवारवाद करने का आरोप लगाया. पंकज सिंह पार्टी में अहम पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं. वे दो बार पार्टी महासचिव रहे हैं और एक बार बीजेपी युवा मोर्चा के प्रमुख भी रहे है.
2. राहुल यादव (समाजवादी पार्टी, सिकंदराबाद सीट, बुलंदशहर)
राहुल यादव समाजवादी पार्टी के टिकट पर बुलंदशहर की सिकंदराबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. राहुल बिहार में सत्ताधारी दल आरजेडी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार हैं.

राज्य में समाजवादी पार्टी और परिवार के रसूख के चलते जितेंद्र सिंह विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं. राहुल यादव की मां शीला यादव जिला पंचायत की तीसरी बार सदस्य निर्वाचित हुई हैं.
3. लक्ष्मीकांत वाजपेयी (बीजेपी, मेरठ सीट)
लक्ष्मीकांत वाजपेयी बीजेपी के उत्तर प्रदेश के प्रमुख रह चुके हैं. वाजपेयी के प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल के बाद ही राज्य में वर्तमान प्रमुख केशव प्रसाद मौर्य को यह जिम्मेदारी दी गई है.

कहा जाता है कि पार्टी ने जातिगत रणनीति के तहत ही यह बदलाव किया था. इनके समाजवादी पार्टी के रफीक अंसारी हैं. इस सीट पर मुकाबला काफी कड़ा होने की संभावना है.
4. मृगांका सिंह (बीजेपी, कैराना सीट) सांसद की बेटी का भाई से मुकाबला
मृगांका सिंह बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की बेटी हैं. सांसद हुकुम सिंह ने मेरठ के कैराना से से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा उठाया था. आरोप लगाया था कि हिंदुओं को मजबूर कर यहां से पलायन करवाया जा रहा है. इस पर मीडिया में कई तरह की खबरें आईं. राजनीतिक दलों ने बीजेपी में सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप भी लगाया.

5. संगीत सोम (बीजेपी, सरधना सीट, मेरठ)
मुजफ्फरनगर दंगों के बाद प्रशासन को खुलेआम चुनौती देकर संगीत सोम चर्चा में आए थे. बिहार चुनाव के समय संगीत सोम पर स्लॉटर हाउस चलाने का भी आरोप लगा था.

6. अतुल प्रधान (सपा, सरधना सीट, मेरठ)
समाजवादी पार्टी में अतुल प्रधान सीएम अखिलेश यादव के करीबी बताए जाते हैं. उनकी जाट वोटों पर अच्छी पकड़ मानी जाती है. सीएम उन्हें जिताऊ कैंडिडेट मान रहे हैं, जबकि अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने सपा से टिकट नहीं दिया था.
7. सुरेश राणा (बीजेपी, थाना भवन सीट, मेरठ)
सुरेश राणा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कद्दावर बीजेपी के नेता माने जाते हैं. मुजफ्फरनगर दंगों के बाद हुई पॉलिटिकल कॉन्ट्रोवर्सी में उनका नाम चर्चा में रहा था.

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