25 लाख दीयों से जगमगाई रामनगरी, तस्वीरों में देखें 500 साल बाद दीवाली पर कैसे चमक रही अयोध्या
अयोध्या में सरयू नदी के तट पर बुधवार को आठवें दीपोत्सव के अवसर पर दो विश्व रिकॉर्ड बने. एक साथ सबसे अधिक लोगों द्वारा आरती करने और सबसे अधिक दीये जलाने के दो ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाए गए.
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अक्टूबर 31, 2024 02:06 IST
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Published On अक्टूबर 31, 2024 02:06 IST
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Last Updated On अक्टूबर 31, 2024 02:06 IST
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अयोध्या में दीपोत्सव पर बना विश्व कीर्तिमान , योगी ने किया अभिनंदनइस साल 22 जनवरी को रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहला दीपोत्सव था, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कैबिनेट मंत्रियों और केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ समारोह का नेतृत्व कर रहे थे.
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अयोध्या में दीपोत्सव पर बना विश्व कीर्तिमान , योगी ने किया अभिनंदनपटेल ने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन और सरयू आरती समिति सबसे अधिक 1,121 लोगों द्वारा आरती करने के लिए ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' के खिताब धारक हैं. आप सभी को बधाई हो.''
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अयोध्या में दीपोत्सव पर बना विश्व कीर्तिमान , योगी ने किया अभिनंदनदूसरे विश्व रिकॉर्ड के बारे में गिनीज निर्णायक दल ने कहा, 'कुल 25,12,585 दीये जलाकर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, सबसे अधिक दीयों के एक साथ प्रज्वलन के लिए नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के खिताब धारक हैं.'
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अयोध्या में दीपोत्सव पर बना विश्व कीर्तिमान , योगी ने किया अभिनंदनउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस समारोह का नेतृत्व किया. उन्होंने अपने मंत्रियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर कुछ दीये जलाये और दीपोत्सव की शुरुआत की. इस साल की शुरुआत में 22 जनवरी को रामलला मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से यह पहला दीपोत्सव है.
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अयोध्या में दीपोत्सव पर बना विश्व कीर्तिमान , योगी ने किया अभिनंदनस साल की शुरुआत में 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद आठवें दीपोत्सव में भाग लेते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘यह एक पहला ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि 500 वर्षों के बाद भगवान राम अब दीपावली के लिए अयोध्या में अपने निवास में हैं. यह तो बस शुरुआत है और इस शुरुआत को अपने तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचना है. इसलिए 2047 तक जब देश अपनी आजादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा, तो काशी और मथुरा को भी अयोध्या की तरह चमकना चाहिए.''