कोसी बैराज की फाइल तस्वीर
- सुपौल जिले में 200 फूस के घर कोसी की बाढ़ में बहे
- राज्य सरकार ने इंजीनियरों से 24 घंटे निगरानी करने को कहा
- सरकार ने कहा, सभी बांध सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं
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पटना:
जोरदार वर्षा के कारण कोसी नदी में उफान आने से बिहार में सुपौल जिले के करीब 50 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य के आधा दर्जन जिलों के सैकड़ों गांवों पर कोसी नदी की बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
जिले के एक अधिकारी ने कहा, "सुपौल जिले में घोघरिया पंचायत के करीब 200 फूस के घर कोसी की बाढ़ में बह गए हैं।" राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "विगत दो दिनों से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। कई जिलों के सैकड़ों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।"
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बिहार और नेपाल में भारी वर्षा होने से कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ने के साथ सुपौल जिले के गांवों में फिर बाढ़ का डर सताने लगा है। राज्य सरकार ने इंजीनियरों को सतर्क कर दिया है और उन्हें 24 घंटे निगरानी करने को कहा है।
बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने कहा कि सभी बांध सुरक्षित हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोसी का वह पूर्वी बांध बिल्कुल सुरक्षित है, जिसके टूटने से साल 2008 में उत्तर बिहार के पांच जिलों में बाढ़ आई थी। सिंह ने कहा कि बांध को मजबूत किया गया है और दरारों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। नेपाल में कोसी नदी पर बने बांध के टूटने और नदी की धारा बदलने से बिहार में साल 2008 में 30 लाख लोग बेघर हो गए थे। बताया जाता है कि करीब 50 वर्षों में वह सबसे भयावह बाढ़ थी।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
जिले के एक अधिकारी ने कहा, "सुपौल जिले में घोघरिया पंचायत के करीब 200 फूस के घर कोसी की बाढ़ में बह गए हैं।" राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "विगत दो दिनों से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। कई जिलों के सैकड़ों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।"
विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बिहार और नेपाल में भारी वर्षा होने से कोसी और अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ने के साथ सुपौल जिले के गांवों में फिर बाढ़ का डर सताने लगा है। राज्य सरकार ने इंजीनियरों को सतर्क कर दिया है और उन्हें 24 घंटे निगरानी करने को कहा है।
बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने कहा कि सभी बांध सुरक्षित हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोसी का वह पूर्वी बांध बिल्कुल सुरक्षित है, जिसके टूटने से साल 2008 में उत्तर बिहार के पांच जिलों में बाढ़ आई थी। सिंह ने कहा कि बांध को मजबूत किया गया है और दरारों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। नेपाल में कोसी नदी पर बने बांध के टूटने और नदी की धारा बदलने से बिहार में साल 2008 में 30 लाख लोग बेघर हो गए थे। बताया जाता है कि करीब 50 वर्षों में वह सबसे भयावह बाढ़ थी।
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