विज्ञापन

एक कचौरी दो समोसा, शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा; भोपाल की सड़कों पर उतरे हजारों शिक्षक अभ्यर्थी, कई हिरासत में

भोपाल की सड़कों पर हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा. 'एक कचौरी दो समोसा, शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा?' जैसे नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने सीएम हाउस कूच की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया। अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि पदवृद्धि का आदेश जारी होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा.

एक कचौरी दो समोसा, शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा; भोपाल की सड़कों पर उतरे हजारों शिक्षक अभ्यर्थी, कई हिरासत में
भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन, CM हाउस कूच पर पुलिस ने रोका
NDTV
  • भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, CM हाउस कूच रोका गया; पदवृद्धि तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
  • वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती को लेकर आर-पार की लड़ाई
  • 'एक कचौरी दो समोसा, शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा' के नारों से गूंजा भोपाल
भोपाल:

मध्य प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता नजर आ रहा है. गुरुवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल की सड़कों पर उतर आए और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से आश्वासन मिलने के बावजूद रिक्त पदों में वृद्धि नहीं की गई. रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और देर रात तक चले आंदोलन के बाद कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया. वहीं 'एक कचौरी दो समोसा, शिक्षा मंत्री का क्या भरोसा?' जैसे नारे देखने व सुनने को मिले.

सीएम हाउस कूच की कोशिश, रोशनपुरा पर रोका गया मार्च

वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को भोपाल में बड़े प्रदर्शन का आयोजन किया. प्रदर्शनकारी पहले डीपीआई कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और इसके बाद रैली निकालते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगे.

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात पुलिस बल

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात पुलिस बल
Photo Credit: NDTV

अभ्यर्थियों ने चेतक ब्रिज और रोशनपुरा क्षेत्र में धरना देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्थिति को देखते हुए पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे पर बैरिकेडिंग कर दी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया.

इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही. देर रात तक अभ्यर्थी मौके पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे.

एक साल से ज्यादा समय से जारी है आंदोलन

आंदोलनकारी शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि वे 17 नवंबर 2025 से लगातार अपनी मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षा के परिणाम आने से पहले भी उन्होंने लगातार सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने कहा कि 6 जनवरी को भोपाल में शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन हुआ था, जिसमें हजारों युवा शामिल हुए थे. उस दौरान सरकार की ओर से पद बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया.

विरोध प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी

विरोध प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी
Photo Credit: NDTV

'पद बढ़ाओ या लिखित जवाब दो'

प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि उन्हें 50 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों के आरक्षण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भर्ती में पदों की संख्या तय करते समय इस व्यवस्था को ध्यान में रखा जाना चाहिए था. नरेंद्र राजपूत ने कहा कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट प्रावधान है कि पदों की संख्या बढ़ाई या घटाई जा सकती है. ऐसे में सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह पद क्यों नहीं बढ़ा रही है. उन्होंने कहा, 'यदि शिक्षा मंत्री लिखित रूप में कह दें कि पद बढ़ाना संभव नहीं है तो हम यहां से चले जाएंगे. लेकिन युवाओं का भविष्य दांव पर लगाकर केवल आश्वासन देना उचित नहीं है.'

देर रात तक प्रदर्शन, कई अभ्यर्थी हिरासत में

रोशनपुरा चौराहे पर देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा. जब कुछ अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर खजूरी सड़क थाने भेजा गया. हालांकि, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि पदवृद्धि का लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा. ऐसे में अब हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.

देर रात प्रदर्शन करते हुए अभ्यर्थी

देर रात प्रदर्शन करते हुए अभ्यर्थी
Photo Credit: NDTV

आंदोलनकारी बोले, जरूरत पड़ी तो अभ्यर्थियों से भर देंगे भोपाल

आंदोलन के दौरान अभ्यर्थी नेता ईशान श्रीवास्तव ने सभी चयनित और प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों से भोपाल पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की. वहीं नरेंद्र राजपूत ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे प्रदेश से अभ्यर्थियों को भोपाल बुलाकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा.

क्या है अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग?

अभ्यर्थियों का दावा है कि शिक्षा विभाग में 1.15 लाख से अधिक स्वीकृत पद हैं, जबकि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में करीब 15 हजार पदों पर ही नियुक्ति की जा रही है. प्रदर्शनकारियों ने वर्ग-2 भर्ती में प्रत्येक विषय में 3,000 अतिरिक्त पद जोड़ने और वर्ग-3 भर्ती में कुल 25 हजार पद सृजित करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे हजारों योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा और स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी.

राहुल गांधी भी उठा चुके हैं मुद्दा

शिक्षक भर्ती विवाद राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 29 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार करने और वर्ग-2 व वर्ग-3 के पद बढ़ाने का अनुरोध किया था. राहुल गांधी ने पत्र में कहा था कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एक लाख से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं, जबकि जारी भर्ती प्रक्रिया में सीमित पदों पर भर्ती की जा रही है. उन्होंने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने की भी मांग की थी.

यह भी पढ़ें : हरदा में शिक्षकों का हंगामा: TET अनिवार्यता खत्म करने की मांग तेज, कलेक्टर को द‍िया ज्ञापन

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
MP Teacher Recruitment Protest, Teachers Protest, Teacher Vacancy MP, Bhopal, Teacher Candidates Protest
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com