- दमोह में पदस्थ वाणिज्यिक कर अधिकारी के घर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों की संपत्ति मिली
- जबलपुर से भोपाल और सागर तक प्लॉट, मकान और फ्लैट का जाल
- प्लॉट, बंगला, फ्लैट और बीमा निवेश; जांच में सामने आई संपत्तियों की लंबी सूची
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई के तहत लोकायुक्त ने मंगलवार सुबह वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के घर पर बड़ी छापामार कार्रवाई की. जबलपुर स्थित रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में की गई इस कार्रवाई में करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार अधिकारी की ज्ञात आय के मुकाबले 264.64 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.
सुबह 6 बजे से कई टीमों ने की कार्रवाई
NDTV से बात करते हुए उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्रवाई में उनके अलावा रेखा प्रजापति सहित लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमों ने भाग लिया. ये टीम सागर, जबलपुर और भोपाल में कार्रवाई हुई. टीमों में निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, राहुल गजभिये, शशि मस्कुले, जितेंद्र यादव और रजनी तिवारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे.

NDTV से बात करती हुईं नीतू त्रिपाठी, लोकायुक्त DSP
Photo Credit: NDTV
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त की कई टीमों ने एक साथ दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच शुरू की. छापा कार्रवाई देर तक जारी रही.

लोकायुक्त कार्रवाई की जानकारी देते हुए अधिकारी
Photo Credit: NDTV
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले को वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी. वर्तमान में मनीष जैन दमोह में पदस्थ हैं, जबकि उनका संबंध वाणिज्यिक कर विभाग जबलपुर से है. शिकायत मिलने के बाद निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया द्वारा सत्यापन किया गया. जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई.
परिवार के नाम पर करोड़ों की संपत्ति
जांच के दौरान मनीष कुमार जैन, उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमल चंद जैन और माता शशि जैन के नाम पर कई अचल संपत्तियां सामने आईं. लोकायुक्त के अनुसार जबलपुर में मनीष जैन के नाम 278.74 वर्ग मीटर भूमि मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 1.43 करोड़ रुपये से अधिक है. पत्नी निधि जैन के नाम पर भी कई भूखंड और संपत्तियां मिलीं, जिनमें लगभग 95 लाख रुपये मूल्य की भूमि, भोपाल में फ्लैट और अन्य प्लॉट शामिल हैं. जांच में यह भी सामने आया कि भोपाल में खरीदी गई भूमि पर बंगला निर्मित किया गया है. वहीं सागर जिले के बंडा क्षेत्र में माता-पिता के नाम से खरीदे गए प्लॉटों पर मकान भी बनाए गए हैं.
वाहन और बीमा निवेश भी सामने आए
लोकायुक्त जांच में यह भी पता चला कि परिवार के नाम पर मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस वाहन खरीदे गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 5.10 लाख रुपये है. इसके अलावा मनीष जैन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर विभिन्न बीमा पॉलिसियों में लगभग 33.93 लाख रुपये का निवेश पाया गया है.
आय से 264 प्रतिशत अधिक संपत्ति
लोकायुक्त के अनुसार अभी तक की जांच में मनीष कुमार जैन की कुल वैध आय 1,03,73,317 रुपये पाई गई है, जबकि उनके और परिवार के नाम पर कुल 3,78,25,707 रुपये का व्यय और संपत्ति सामने आई है. इस तरह अर्जित आय की तुलना में 264.64 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का मामला सामने आया है.
अब आगे क्या?
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार यह प्रारंभिक कार्रवाई है और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है. संपत्तियों के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और अन्य निवेशों की पड़ताल की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें : 3 करोड़ कोई लेने को तैयार नहीं: ऑटो चालक और PWD इंजीनियर के इनकार के बाद अब SIT कर रही जांच
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं