Parenting Tips: सर्दियों में बच्चों को रात में ठंड से बचाने के लिए कंबल-रजाई ओढ़ाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है. इससे बच्चों को नींद तो अच्छी आती ही है, साथ में सर्दी-जुकाम होने का खतरा भी काफी ज्यादा कम हो जाता है. लेकिन कई बच्चे रात में बार‑बार कंबल फेंक देते हैं, जिससे उन्हें ठंड लगने या बार‑बार नींद खुलने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. ऐसे में अक्सर माता-पिता की नींद इस चिंता में उड़ जाती है कि उनका बच्चा बार-बार कंबल हटा रहा है. रात भर बच्चे को वापस ढंकना न केवल थका देने वाला होता है, बल्कि बच्चों के बीमार होने का खतरा भी बना रहता है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस स्थिति में पैरेंट्स को क्या करना चाहिए. इसकी जानकारी पीडियाट्रिशियन डॉक्टर रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर कर दी है. आइए जानते हैं...
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1. कमरे का तापमान
डॉक्टर रवि बताते हैं कि अगर बच्चा बार-बार कंबल फेंक देता है तो पैरेंट्स को कमरे का तापमान जरूर चेक करना चाहिए. बच्चों की अच्छी नींद के लिए कमरे का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास होना चाहिए.
2. ओवरहीटअगर बच्चा बार-बार रात में कंबल फेंक देता है तो पैरेंट्स चेक करें कि कहीं बच्चा ओवरहीट तो नहीं हो रहा. दरअसल, यदि बच्चे का शरीर काफी ज्यादा गर्म रहेगा तो वो कंबल-रजाई नहीं ओढ़ेगा और सही से सो भी नहीं पाएगा.
क्या करें पैरेंट्स?बच्चों को सुलाते समय पैरेंट्स को कभी भी भारी‑भरकम ऊनी कपड़े नहीं पहनाने चाहिए. ऐसे कपड़े बच्चों की नींद में दिक्कत का कारण बनते हैं और उन्हें असहज महसूस कराते हैं. इसके अलावा, मोटे और गर्म कपड़ों की वजह से ओवरहीटिंग का खतरा भी बढ़ जाता है, जो छोटे बच्चों के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है. अच्छी और गहरी नींद के लिए जरूरी है कि बच्चों को हमेशा हल्के, आरामदायक और सांस लेने वाले कपड़े पहनाए जाएं. इससे न केवल उनका शरीर सही तापमान पर रहता है, बल्कि उन्हें ठंड भी नहीं लगती और उनकी स्लीप क्वालिटी भी काफी बेहतर हो जाती है. इसके अलावा कंबल का चुनाव भी बेहद जरूरी होता है. बच्चों को हमेशा हल्का कंबल या रजाई ही ओढ़ानी चाहिए, ताकि वे आसानी से करवट ले सकें और नींद में बार‑बार परेशान न हों. भारी कंबल से बच्चों को घुटन महसूस हो सकती है और वे इसे तुरंत फेंक देते हैं, जिससे ठंड लगने का खतरा बढ़ जाता है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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