Why counting rotis is bad: लंच से लेकर डिनर तक में भारतीय रोटी खाना पसंद करते हैं. अक्सर आपने देखा होगा कि घर में जितने सदस्य होते हैं, उन्हें ध्यान में रखकर या गिनकर रोटियां बनाई जाती हैं. अक्सर किचन से आवाज आती है कितनी रोटी बना दूं, कितनी रोटियां खाओगे. क्या आपके घर में भी ऐसा ही होता है. दरअसल बहुत से लोग आज के समय में गिनकर रोटियां खाते हैं. शहरी लोगों के लिए देखा जाए, तो ये तरीका सही भी है, क्योंकि बची हुई रोटियों को फेंकने से अच्छा है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि गिनकर रोटी बनाना अशुभ माना गया है. जी हां आपने सही सुना. तो चलिए जानते हैं आखिर क्यों नहीं रोटियां गिनकर बनानी चाहिए.

रोटियां गिनकर क्यों नहीं बनानी चाहिए- (Why counting rotis is bad)
1. टेंशन-
खाना एक पवित्र चीज़ होती है, जो पोषण और समृद्धि का प्रतीक है. रोटियों को गिनकर बनाना अशुभ माना जाता है. ये संकेत देती है कि हमारे पास चीजों की कमी है और यह सोच हमारे जीवन में गरीबी, टेंशन को बुलावा देती है. इसलिए कभी भी रोटियों को गिनकर नहीं बनाना चाहिए.
2. सूर्य देव का अपमान-
माना जाता है कि गेहूं का संबंध सूर्य देव से होता है और जब हम रोटियां गिनकर बनाते हैं, तो ये सूर्य देव का अपमान माना जाता है.
3. निगेटिव एनर्जी-
किचन को घर का दिल कहा जाता है. इसलिए खाना बनाते समय खुश रहना चाहिए. माना जाता है कि अगर आप गिनकर या टेंशन में रोटियां बनाते हैं, तो इससे खाने वाले को भी निगेटिव एनर्जी महसूस होगी.
4. रोटियों की कमी-
अगर आप गिनकर रोटियां बनाते हैं और किसी ने ज्यादा खा ली, तो रोटियां घट जाती है. या किसी को ज्यादा भूख लगी है, तो गिनती की वजह से भूखा रह सकता है.
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