हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई में अच्छा हो, अपनी चीजों का ध्यान रखे और समझदार-जिम्मेदार बने. इसके लिए माता-पिता बच्चों को बार-बार समझाते हैं, उन्हें सही-गलत बताते हैं और कई बार छोटी-छोटी बातों पर डांट भी देते हैं. लेकिन बच्चों को सिर्फ समझाने से ही आदतें नहीं आतीं. वे अपने आसपास के लोगों को देखकर भी बहुत कुछ सीखते हैं. फेमस साइकोलॉजिस्ट श्वेता गांधी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने 5 जापानी पेरेंटिंग सीक्रेट बताए हैं. श्वेता गांधी कहती हैं, आप इन 5 जापानी तरीकों को फॉलो कर अपने बच्चे को समझदार और जिम्मेदार बना सकते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
नंबर 1- बच्चे का रोज का रूटीन तय करें
साइकोलॉजिस्ट बच्चों के लिए एक रूटीन फिक्स करने की सलाह देती हैं. वे बताती हैं, जापानी पेरेंट्स अपने बच्चों के लिए सब कुछ फिक्स रखते हैं. जैसे- उन्हें किस समय खाना खाना है, किस समय पढ़ना है, कब बाहर जाना है, कब खेलना है, कब सोना है, सब कुछ पहले ही तय रहता है. इससे बच्चे को पता होता है कि उसे कब क्या करना है, पेरेंट्स को बार-बार बच्चे को चीजें याद दिलाने की जरूरत नहीं पड़ती है. इससे बच्चा अनुशासन सिखता है, साथ ही अपने काम की जिम्मेदारी भी खुद लेने लगता है. ऐसे में आप भी अपने बच्चे के लिए एक रूटीन तय कर सकते हैं.
नंबर 2- बच्चे को सिर्फ सलाह न दें, खुद करके दिखाएंश्वेता गांधी बताती हैं, बच्चे माता-पिता को देखकर सबसे ज्यादा सीखते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा चीजें सही तरीके से करे, तो आपको खुद उसका उदाहरण बनना होगा. जैसे- अगर आप चाहते हैं कि बच्चा अपना कमरा साफ रखे, तो पहले आप भी अपनी चीजों को सही जगह पर रखें. अगर आप चाहते हैं कि बच्चा दूसरों से प्यार से बात करे, तो आपको भी उसके सामने घर के दूसरे लोगों से प्यार से बात करनी होगी.
नंबर 3- छोटी उम्र से छोटे काम देंसाइकोलॉजिस्ट कहती हैं, जापान में पेरेंट्स छोटी उम्र से ही बच्चों को छोटे-छोटे काम करने के लिए देते हैं. ऐसे में आप भी अपने बच्चे को हर काम में मदद करने के बजाय कुछ छोटे काम खुद करने दें. जैसे- खेलने के बाद बच्चे को अपने खिलौने खुद वापस रखने दें, स्कूल का बैग खुद तैयार करने दें, खाना खाने के बाद अपनी प्लेट खुद किचन में रखने के लिए कहें.
श्वेता गांधी के अनुसार, इससे बच्चा छोटी उम्र से ही अपने काम खुद करना सीखता है और आगे चलकर उसे बड़े काम करने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती है.
नंबर 4- बच्चे की हर बात पर गुस्सा न करेंबच्चे खेलते हैं, गलती करते हैं और कई बार ऐसी बातें भी करते हैं जो माता-पिता को पसंद नहीं आतीं. ऐसे समय पर तुरंत चिल्लाने या बहुत ज्यादा गुस्सा करने के बजाय शांत रहकर बात करना बेहतर है. जैसे अगर आपका बच्चा कोई गलती कर देता है, गलती से कोई चीज तोड़ देता है, तो उसपर तुरंत चिल्लाएं नहीं. पहले खुद शांत रहें, फिर उसे समझाएं कि क्या गलत हुआ और अगली बार उसे क्या करना चाहिए. इस तरीके से बच्चा चीजें जल्दी सीखता है और आगे समझदारी से चीजें करता है.
नंबर 5- दूसरों का ध्यान रखना सिखाएंइन सब से अलग साइकोलॉजिस्ट कहती हैं, बच्चे को यह भी समझना चाहिए कि उसके काम से दूसरे लोगों पर क्या असर पड़ता है. बच्चे को दूसरों का सम्मान करना सिखाएं, जरूरत पड़ने पर किसी की मदद करना सिखाएं. इससे बच्चे में दूसरों की भावनाओं और जरूरतों को समझने की आदत बनती है.
यहां देखें वीडियो-
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