UP Teacher Recruitment : यूपी में नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती के खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर पिछले कई दिनों से डटे अभ्यर्थियों पर बुधवार देर रात पुलिस प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें वहां से हटा दिया. इसके बावजूद युवाओं का हौसला कम होता नजर नहीं आ रहा है. गुरुवार को प्रस्तावित महाधरने में शामिल होने के लिए धरना स्थल की ओर बढ़ रहे सैकड़ों प्रतियोगी छात्रों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते में ही रोक दिया है.
मांग पर अड़े अभ्यार्थीधरना स्थल से करीब सौ मीटर पहले ही छात्रों का जमावड़ा लग गया है. अभ्यार्थी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोबारा धरना शुरू करने की मांग पर अड़े हुए हैं. बुधवार देर रात हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद पूरे इलाके का माहौल गरमा गया है. 05 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने और आमरण अनशन पर बैठे टीजीटी-पीजीटी और डीएलएड अभ्यर्थियों को हटाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने धरना स्थल को पूरी तरह घेरकर वहां रखे तख्त, लाउडस्पीकर और अन्य सामानों को ट्रकों में लदवा दिया.
पुलिस पर जबरदस्ती उठाने का आरोपआमरण अनशन कर रहे कई अभ्यर्थियों को एंबुलेंस के जरिए अलग-अलग दिशाओं में भेज दिया गया. जबकि कुछ अन्य को हिरासत में लेकर धरना स्थल खाली कराया गया. इस दौरान पूरा सिविल लाइन इलाका विशेषकर गिरजाघर से लेकर कॉफी हाउस तक का क्षेत्र, पुलिस छावनी में तब्दील रहा. अभ्यर्थियों ने इस कार्रवाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और पुलिस पर जबरदस्ती उठाने का आरोप लगाया.
163 धारा लागूवहीं प्रयागराज में एक सितम्बर से बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के कारण किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े और धरने की अनुमति नहीं है इसी वजह से छात्रों को रोका जा रहा है. हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. डीएलएड मोर्चा और युवा मंच के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षक भर्ती के करीब साठ हजार खाली पदों को तुरंत भरने की मांग की जा रही है.
मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैंइसके साथ ही टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थी भी अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में खाली पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती निकालने की मांग कर रहे हैं. देर रात की इस कार्रवाई के बाद भी प्रदेश भर से आए युवाओं का जोश ठंडा नहीं पड़ा है. अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं. जगह-जगह रोके जाने के बावजूद छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं और भर्ती का विज्ञापन जारी होने तक अपना आंदोलन जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
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