JSSC Protest & JPSC Controversy : झारखंड में JSSC और JPSC भर्ती एग्जाम में हुई गड़बड़ियों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन दिन पर दिन बड़ा होता जा रहा है. अब धीरे-धीरे राजनीतिक रंग भी लेने लगा है. रांची में कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच अब कई राजनीतिक दलों के नेताओं की आवाजाही और समर्थन की चर्चा भी तेज हो गई है. यहां तक की राजनैतिक बयान बाजी भी शुरू हो गई है. विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार युवाओं की अनदेखी कर रहा है. इसको लेकर आज एनडीटीवी ने छात्रों से बातचीत की जिसमें उन्होंने अपनी बात खुलकर रखी है. आइए जानते हैं JSSC और JPSC परीक्षा को लेकर स्टूडेंट्स और देवेंद्र नाथ महतो ने क्या कुछ कहा और उनकी डिमांड क्या है.
CID नहीं CBI जांच हो
एनडीटीवी के शो में शामिल हुए आंदोलनकारी छात्रों ने कहा कि, हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है. हम छात्र हैं, सालोंसाल मेहनत करते हैं, हमें रोजगार चाहिए. आज हम रोड पर हैं, हम भूखे हैं, बारिश में भीग रहे हैं, ऐसे में सरकार को जागना चाहिए.
सिर्फ जांच चल रही. इसका ही भरोसा हमेशा दिलाया जाता है. अब तक कोई परिणाम निकलकर नहीं आया है. छात्रों ने सीआईडी की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सीआईडी जो जांच करती है, उसमें दोषियों को पकड़ा नहीं जाता है, बल्कि सबूत को मिटाया जाता है. यह अभी से नहीं बल्कि पिछले 26 सालों से चल रहा है. छात्रों ने कहा कि हमें सीआईडी पर भरोसा नहीं है, इस मामले की जांच सीबीआई को देनी चाहिए.
बस... हम चाहते हैं फेयर तरीके से एग्जाम हो
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं है. उनका मेन मोटिव भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए. बस हम चाहते हैं फेयर तरीके से एग्जाम हो और जो लोग मेहनत करते हैं उनकी तैयारी सफल हो. उन्हें रोजगार मिले.
2 किलो मीटर पर सीएम आवास....लेकिन नहीं ली सुध
साथ ही छात्रों ने यह भी कहा कि धरनास्थल से करीब 2 किमी की दूरी पर सीएम आवास है, वो हमसे मिल सकते थे या अपना प्रतिनिधि भेज सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया. उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
सराकर दबाव बना रही है
वहीं, छात्रों की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने एनडीटीव से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार और प्रशासन की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है. उन्हें भूख हड़ताल खत्म करने के लिए कहा जा रहा है. इसको लेकर हमने कह दिया है कि 26 साल से युवा इस भ्रष्ट सिस्टम का शिकार हैं. इसलिए आप आइए इन लोगों से बात करिए.
5 जुलाई से लड़ रहे लड़ाई
महतो ने आगे कहा कि वो छोत्रों की मांग को लेकर 5 जुलाई से लड़ाई लड़ रहे हैं. 25 जुलाई को रात्रि सत्याग्रह भी किया और 2 अगस्त से अन्न-जल त्याग दिया. महतो ने आगा कहा कि पीडीपीएल ब्लैकलिस्टेड एजेंसी ने इस परीक्षा को कराया था. ओएमआर पेपर हम सबूत के तौर पर लाए थे, वो भी सही पाया गया. जांच से बहुत गड़बड़ी साबित हो चुकी है. लेकिन उस हिसाब से कार्वाई नहीं की गई. अभी तक एग्जाम नहीं कराया गया. इसलिए मुझे इस छटा शरीर में जल और अन्न का त्याग कर छात्रों के साथ खड़ा होना पड़ रहा है. सरकार का रवैया छात्रों को लेकर ठीक नहीं है.
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