विज्ञापन

IAS केके पाठक कौन हैं? जिनकी वापसी की खबरों से बिहार शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

KK Pathak IAS Bihar: बिहार के तेज तर्रार और बेहद कड़क अफसर केके पाठक की वापसी की अटकलें इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज हैं. केके पाठक ने शिक्षा विभाग में रहते हुए कई ऐसे काम किए, जिनकी खूब चर्चा हुई.

IAS केके पाठक कौन हैं? जिनकी वापसी की खबरों से बिहार शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
केके पाठक की बिहार वापसी को लेकर अटकलें

BPSC से लेकर तमाम भर्ती परीक्षाओं को लेकर बिहार में पिछले कुछ महीनों से खूब बवाल हुआ. शिक्षा विभाग को लेकर भी सवाल उठे और सरकार की भी किरकिरी हुई. इसी बीच कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से फैलने लगी, जिसने शिक्षा विभाग से लेकर भर्ती से जुड़े तमाम लोगों में हड़कंप मचा दिया. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि केके पाठक की शिक्षा विभाग में वापसी हो सकती है. केके पाठक बिहार के एक ऐसे अधिकारी हैं, जो अपने कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं और यही वजह है कि उन्हें लेकर खूब विवाद भी हुए. आइए जानते हैं कि केके पाठक कौन हैं और उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में क्या बड़े बदलाव किए थे. 

कौन हैं केके पाठक?

केके अधिकारी 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. इकोनॉमिक्स में डिग्री और फिर एमफिल करने वाले केके पाठक की शुरुआती पढ़ाई यूपी से हुई और फिर उन्होंने सिविल सर्विस एग्जाम दिया. इसके बाद बिहार कैडर मिला और कटिहार में पहली तैनाती मिली. डीएम बनने के बाद उन्होंने कई अहम जिलों में काम किया और खूब सुर्खियां बटोरीं. उनका नाम सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया था, जब उन्होंने एक अस्पताल का उद्घाटन सफाईकर्मी के हाथों करवा दिया था, जबकि सांसद के फंड से इसे बनवाया गया था. 

कई अहम पदों पर किया काम

विवादों में आने के बाद उन्हें लालू यादव सरकार के दौर में किनारे लगाने की कोशिश हुई, लेकिन नीतीश की वापसी के साथ ही केके पाठक फिर से अपने पुराने कड़क रवैये में आ गए. पहले उन्हें बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) का डायरेक्टर बनाया गया, वहीं इसके बाद वो बिहार आवास बोर्ड के सीएमडी के पद पर भी तैनात रहे. नीतीश कुमार सरकार ने उन्हें शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी और 2023 में  शिक्षा विभाग में अपर मुख्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी.  

शिक्षा विभाग में मचाया खूब हडकंप

केके पाठक ने अपने कड़क फैसलों से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया था. फिर चाहे स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी की बात हो या फिर विभागीय अनुशासन की, वो किसी भी चीज में ढील नहीं देते थे. उनके कुछ विवादित फैसलों की वजह से उनकी खूब आलोचना भी हुई, इनमें कुछ मिनट की देरी से आने पर शिक्षकों का वेतन काटने से लेकर त्योहारों पर मिलने वाली छुट्टियों को कैंसिल करने जैसे फैसले शामिल थे. हालांकि उन्होंने राज्य में लाखों शिक्षकों की बहाली को लेकर कई जरूरी कदम भी उठाए थे. 

वापसी को लेकर अटकलें

अब बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार है, ऐसे में इस कड़क मिजाज के अधिकारी की वापसी फिलहाल मुश्किल मानी जा रही है, लेकिन कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर इस तरह के दावे किए जा रहे थे. कुछ लोग केके पाठक की वापसी के पक्ष में दिख रहे हैं, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए, उन्हें शिक्षा विभाग में जिम्मेदारी देने से बचना चाहिए. फिलहाल केके पाठक केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय के विशेष सचिव के पद पर हैं. 

यह भी पढ़ें | बॉर्डर से बोर्डरूम तक का सफर, भारतीय सेना के 62 अधिकारियों को IIM-A में मिल रही मैनेजमेंट ट्रेनिंग

यह भी पढ़ें | 'काम बराबर, फिर सौतेला व्यवहार क्यों?' इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद छलका दिव्यांग शिक्षामित्र का दर्द

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
KK Pathak IAS, Ias Kk Pathak Bihar, IAS KK Pathak News, Bihar News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com