- छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी सेवाओं में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी है.
- मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के तहत युवाओं के लिए 5 वर्षों में 500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.
- नई निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 से प्रदेश में कृषि और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा.
छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है. सबसे बड़ा फैसला सरकारी सेवाओं में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का है.
इसके अलावा युवाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का स्टार्टअप और कौशल विकास मिशन, नई निर्यात नीति, नवा रायपुर में अत्याधुनिक स्किल ट्रेनिंग संस्थान की स्थापना और दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण जैसे कई अहम निर्णय लिए गए हैं. इन फैसलों का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना, उद्यमिता को प्रोत्साहन देना और प्रदेश के विकास को नई गति देना है.
सरकारी नौकरी के लिए आयु सीमा बढ़ी
कैबिनेट बैठक में राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों, निगम-मंडल तथा स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इस निर्णय के बाद कर्मचारियों को पदोन्नति और बेहतर अवसरों के लिए अधिक समय मिलेगा. लंबे समय से इस मांग को लेकर चर्चा चल रही थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है.
युवाओं के लिए शुरू होगा मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन
प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन' को मंजूरी दी. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. योजना के तहत राज्य के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे. साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर भी बनाए जाएंगे.
सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है. NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि उन्हें सीधे रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें.
निर्यात बढ़ाने के लिए नई नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दे दी है. इस नीति का मकसद राज्य में मजबूत निर्यात व्यवस्था विकसित करना और व्यापार को नई दिशा देना है. इसके तहत बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा, जिससे प्रदेश के उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच सकें.
नीति के माध्यम से कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी.
नवा रायपुर में बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
कौशल विकास को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया. इसके लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी.
करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. यहां हर साल दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में लगभग 1,000 और अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 3,000 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण का फोकस उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल विकसित करने पर रहेगा.
दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का रास्ता साफ
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है. इसके तहत ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास चार हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी. इसके बदले भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) को ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि दी जाएगी.
सरकार के अनुसार दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है. इस निर्णय के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे न्यायिक व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित तथा सुगम बनाया जा सकेगा.
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