अमरनाथ गुफा (फाइल फोटो)
जम्मू:
हर साल अमरनाथ गुफा दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की तादाद लाखों में होती है. यही वजह है कि दक्षिण कश्मीर में हिमालय स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बीते तीन सालों में करीब आठ लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए. जम्मू-कश्मीर विधानसभा को बुधवार को यह जानकारी दी गई.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक मियां अल्ताफ अहमद के प्रश्न के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने बताया कि वर्ष 2015 में सर्वाधिक 3,52,771 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, वर्ष 2016 में यह संख्या घटकर 2,20,490 हो गई. वर्ष 2016 में हिज्ब आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांत हालात बन गए थे.
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पवित्र गुफा के दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़कर 2,60,003 हो गई. पिछले वर्ष जुलाई में अनंतनाग जिले में अमरनाथ तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकी हमले में सात तीर्थयात्री मारे गए थे जबकि 15 अन्य घायल हो गए थे.
लगभग दो माह तक चलने वाली यह सालाना यात्रा आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ होती है. मंत्री ने बताया कि यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों को विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं.
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 1,97,000 तीर्थयात्रियों का कश्मीर में ओपीडी में उपचार हुआ. वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 1,24,000 था जबकि वर्ष 2015 में यह संख्या 1,74,000 थी.
VIDEO: श्रद्धालु पहूंचा रहे पर्यावरण को नुकसान (इनपुट भाषा से)
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक मियां अल्ताफ अहमद के प्रश्न के लिखित जवाब में स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने बताया कि वर्ष 2015 में सर्वाधिक 3,52,771 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए, वर्ष 2016 में यह संख्या घटकर 2,20,490 हो गई. वर्ष 2016 में हिज्ब आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में अशांत हालात बन गए थे.
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पवित्र गुफा के दर्शन के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़कर 2,60,003 हो गई. पिछले वर्ष जुलाई में अनंतनाग जिले में अमरनाथ तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर आतंकी हमले में सात तीर्थयात्री मारे गए थे जबकि 15 अन्य घायल हो गए थे.
लगभग दो माह तक चलने वाली यह सालाना यात्रा आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ होती है. मंत्री ने बताया कि यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों को विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं.
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उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 1,97,000 तीर्थयात्रियों का कश्मीर में ओपीडी में उपचार हुआ. वर्ष 2016 में यह आंकड़ा 1,24,000 था जबकि वर्ष 2015 में यह संख्या 1,74,000 थी.
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