- मायावती ने अपने दोनों भतीजों आकाश आनंद और ईशान आनंद को बसपा में कोई भूमिका नहीं देने का फैसला किया है
- उनकी भतीजी दीपिका आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी देने की योजना है जो फिलहाल कानून की पढ़ाई कर रही हैं
- आकाश को पहले राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया था और उनकी शादी के बाद पार्टी में अंतर्कलह की स्थिति उत्पन्न हुई थी
उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती इन दिनों यूपी में आ रहे चुनाव से ज्यादा बसपा की अंतर्कलह के चलते ज्यादा चर्चा में हैं. अब उन्होंने एक और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए कहा है कि वह अपने दोनों भतीजों आकाश आनंद और छोटे भाई ईशान आनंद को बसपा में मौका नहीं देंगी. उनका कहना है कि मेरे आनंद कुमार चाहें तो वह अपनी बेटी दीपिका आनंद को साथ लेकर बसपा में कुछ जिम्मेदारी दे सकते हैं. मायावती ने ही एक्स पर लिखी पोस्ट में बताया कि उनकी भतीजी दीपिका आनंद फिलहाल कानून की पढ़ाई कर रही हैं. उनकी इस पोस्ट के बाद से ही हर कोई दीपिका आनंद के बारे में जानना चाहता है.
मायावती के सबसे छोटे भाई आनंद कुमार हैं. मायावती ने लंबे समय तक परिवार को राजनीति से दूर ही रखा था. फिर बीते कुछ सालों में आनंद कुमार को साथ लिया और उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारी दी थी. राजनीति के उतार-चढ़ाव के बीच भी अपने भाई को उन्होंने दूर नहीं किया है. यही नहीं उनके बेटे आकाश आनंद को भी राष्ट्रीय समन्वयक बना दिया. आकाश आनंद को खूब लाइमलाइट मिली. फिर उनकी शादी पार्टी नेता अशोक सिद्धार्थ की बेटी प्रज्ञा से हुई. कुछ समय तक सब सही चला, लेकिन यहीं से रिश्ते बिगड़ने लगे. आकाश आनंद का शायद ज्यादा लाइमलाइट में आना उनके खिलाफ चला गया. पार्टी में अंतर्कलह मची और मायावती का कोपभाजन वह बन गए.
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फिर मायावती ने आनंद कुमार के ही दूसरे बेटे ईशान को भी आगे बढ़ाया. अंत में दोनों से ही मोहभंग हो गया और अब उनकी ही बेटी दीपिका आनंद को महत्व देने की तैयारी है. अब तक दीपिका आनंद कभी सार्वजनिक रूप से दिखी नहीं हैं. राजनीति में भी उनकी कोई दिलचस्पी नहीं देखी गई है, लेकिन मायावती के ऐलान के बाद माना जा रहा है कि कभी भी दीपिका को अहम पद मिल सकता है. हालांकि एक तस्वीर जरूर सामने आई है, जो आकाश आनंद की शादी के दौरान की है. इस तस्वीर में वह बुआ मायावती के पीछे खड़ी नजर आती हैं.
पढ़ें: मायावती की प्रतिज्ञा- सभी भतीजे बसपा से बाहर ही रहेंगे, सिर्फ भतीजी दीपिका आनंद को ही एंट्री का हक
दीपिका के भरोसे जेन जी को जोड़ेंगी मायावती?
बता दें कि मायावती ने जेन जी को महत्व देने की बात कही है. ऐसे में भतीजी दीपिका आनंद की लीडरशिप में जेन जी को जोड़ने का अभियान चल सकता है. मायावती ने एक्स पर लिखा, 'बसपा द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लंबे समय से जारी है. अब यूपी, उत्तराखंड एवं पंजाब विधानसभा चुनाव आदि में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल जारी है.'
भाई आनंद कुमार को साथ रखना भी मजबूरी बताया
मायावती ने भाई आकाश आनंद की एंट्री को भी मजबूरी बताया. उन्होंने कहा कि मेरे अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को और अन्ततः सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को अपने साथ रखने की भी ज़रूरत पड़ी है. जो यह मेरी देखभाल करने के साथ-साथ मेरी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम ज़िम्मेदारियों को भी काफी लम्बे समय से निभा रहे हैंय लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठायें तो यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में सही नहीं होगा. इसीलिए अब इनके ख़ासकर किसी भी बेटे को बसपा में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा। यदि आनंद कुमार को मेरी मदद के लिए किसी और सदस्य की भी ज़रूरत पड़ती है तो फिर वह वर्तमान राजनैतिक हालात में केवल अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनन्द को साथ ले सकते हैं.
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