
उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत (फाइल फोटो)
देहरादून:
यूपी में योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड में सीएम त्रिवेंद्र रावत लगातार अपने-अपने प्रदेशों में नए-नए कदम उठा रहे हैं. उत्तराखंड में बीजेपी सरकार बनते ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भ्रष्टाचार और अपराध पर नो टॉलरेंस के निर्देश दिए. अब वहां अवैध खनन पर भी नो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है. उत्तराखंड में कोसी नदी खनन क्षेत्र में गत 24 मार्च को कथित खनन माफिया द्वारा वनकर्मी की हत्या किए जाने को ‘अत्यंत निंदनीय’ बताते हुए राज्य सरकार ने आज विधानसभा में कहा कि वह भ्रष्टाचार और अपराध के साथ ही अवैध खनन पर भी ‘नो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगी और आने वाले समय में प्रदेश में इसके परिणाम दिखायी देने लगेंगे.
विपक्षी कांग्रेस सदस्य प्रीतम सिंह द्वारा इस संबंध में लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि इस गंभीर घटना पर त्वरित कार्रवाई करने में सरकार ने कोई कोताही नहीं की और मामले के दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा.
प्राथमिकी में दर्ज किए गए घटना से संबंधित विवरण को ‘मानवता को शर्मसार’ करने वाला बताते हुए मंत्री ने कहा कि मामले में आरोपी बनाए गए एक नामजद जसवंत सिंह उर्फ जस्सी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों को भी जल्द ही गिरफ्त में ले लिया जाएगा. इस संबंध में उन्होंने यह भी कहा कि घटना के आरोपी प्रयासरत थे कि वे किसी का संरक्षण लेलें लेकिन इस मामले में तत्काल कार्रवाई हुई.
पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को उसी दिन एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और अब उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति के मददेनजर चार लाख रुपये और देने की घोषणा की है. उन्होंने मृतक की पत्नी को भी मानकों के आधार पर सरकारी नौकरी में सेवायोजित करने पर भी विचार करने की बात कही. उन्होंने कहा कि घटना की नैतिक जिम्मेदारी भी तय की जा रही है और भ्रष्टाचार तथा अपराध की तरह राज्य सरकार अवैध खनन पर भी ‘नो टालरेंस’ की नीति अपनाएगी. (इनपुट्स भाषा से भी)
विपक्षी कांग्रेस सदस्य प्रीतम सिंह द्वारा इस संबंध में लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि इस गंभीर घटना पर त्वरित कार्रवाई करने में सरकार ने कोई कोताही नहीं की और मामले के दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा.
प्राथमिकी में दर्ज किए गए घटना से संबंधित विवरण को ‘मानवता को शर्मसार’ करने वाला बताते हुए मंत्री ने कहा कि मामले में आरोपी बनाए गए एक नामजद जसवंत सिंह उर्फ जस्सी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है जबकि अन्य नामजद अभियुक्तों को भी जल्द ही गिरफ्त में ले लिया जाएगा. इस संबंध में उन्होंने यह भी कहा कि घटना के आरोपी प्रयासरत थे कि वे किसी का संरक्षण लेलें लेकिन इस मामले में तत्काल कार्रवाई हुई.
पंत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को उसी दिन एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई और अब उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति के मददेनजर चार लाख रुपये और देने की घोषणा की है. उन्होंने मृतक की पत्नी को भी मानकों के आधार पर सरकारी नौकरी में सेवायोजित करने पर भी विचार करने की बात कही. उन्होंने कहा कि घटना की नैतिक जिम्मेदारी भी तय की जा रही है और भ्रष्टाचार तथा अपराध की तरह राज्य सरकार अवैध खनन पर भी ‘नो टालरेंस’ की नीति अपनाएगी. (इनपुट्स भाषा से भी)
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