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This Article is From Jul 05, 2023

केरल में मूसलाधार बारिश जारी, कई इलाकों में जनजीवन ठप

दिन में तेज बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ गए, जिससे कई मकान और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, बिजली की तारें टूट गईं और घंटों तक यातायात बाधित रहा. पथनमथिट्टा जिले में 130 साल से अधिक पुराना सीएसआई गिरजाघर भारी बारिश में नष्ट हो गया.

केरल में मूसलाधार बारिश जारी, कई इलाकों में जनजीवन ठप
प्रतीकात्मक तस्वीर

तिरुवनंतपुरम: केरल में चार जुलाई की रात से हो रही तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिसके चलते जन जीवन ठप हो गया है .इसके अलावा नदियों और बांधों में जल स्तर बढ़ गया है, पेड़ों के उखड़ने से मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और तटीय क्षेत्रों में कई लोग विस्थापित हुए हैं.

बुधवार को तेज बारिश जारी रहने के कारण, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इडुक्की जिले के लिए ‘रेड अलर्ट' और कोल्लम और तिरुवनंतपुरम को छोड़कर राज्य के शेष जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट' जारी किया था. आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिन में बारिश की तीव्रता कम होने का अनुमान है. इसके बावजूद आईएमडी ने बृहस्पतिवार के लिए राज्य के छह जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट' जारी किया.

दिन में तेज बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ गए, जिससे कई मकान और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, बिजली की तारें टूट गईं और घंटों तक यातायात बाधित रहा. पथनमथिट्टा जिले में 130 साल से अधिक पुराना सीएसआई गिरजाघर भारी बारिश में नष्ट हो गया और त्रिशूर जिले के कुछ इलाकों में अचानक आई आंधी से बड़े पेड़ गिर गये और बिजली की तारें टूट गईं. 

जिला प्रशासन ने कहा कि कन्नूर में, भारी बारिश के कारण केंद्रीय कारागार के पीछे की दीवार का 20 मीटर का हिस्सा आज सुबह ढह गया. घटना के बारे में जानकारी मिलने पर जेल और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. कन्नूर जिला प्रशासन ने कहा कि जिले में कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गये और कई परिवार विस्थापित हो गये. प्रशासन ने कहा कि दो लोग घायल हो गए.

भारी बारिश और उसके परिणामस्वरूप आई बाढ़ के कारण अस्थायी रूप से अपने घरों से विस्थापित हुए व्यक्तियों और परिवारों के पुनर्वास के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में राहत शिविर स्थापित किये गये हैं. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने फेसबुक पर कहा कि फिलहाल पथनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कासरगोड जिलों में कुल 47 शिविर हैं और 879 लोगों को वहां स्थानांतरित किया गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि भारी बारिश जारी है, इसलिए अचानक बाढ़, भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है और इसलिए लोगों और सरकारी एजेंसियों को सतर्क रहना चाहिए. राज्य के कई हिस्सों में बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे विभिन्न बांधों में जल स्तर बढ़ गया है.

मंगलवार को राज्य में भारी बारिश के कारण जिला अधिकारियों समेत राजस्व अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा की गई. इसके बाद राजस्व मंत्री के. राजन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लोगों से सतर्क रहने की अपील की और साथ ही कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है.

कोझीकोड जिले के थमारासेरी तालुक में मंगलवार को खतरे के निशान से ऊपर बह रही एक नदी में 68-वर्षीय एक व्यक्ति बह गया और दमकलकर्मी और बचावकर्मी उसकी तलाश कर रहे हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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