स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई वजह, क्यों कम नहीं हो रहे Coronavirus के मामले...

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन का पालन ठीक से नहीं होने के कारण मामले बढ़ रहे हैं.

नई दिल्ली:

देश में कोरनावायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. भारत में कोरनावायरस (COVID-19) से अबतक 35 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमितों की संख्या 1397 पहुंच गई है. बीते 24 घंटे में कोरोना के 146 नए मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन का पालन ठीक से नहीं होने के कारण मामले बढ़ रहे हैं. इनके साथ ही संक्रमण के खतरे वाले इलाके (हॉटस्पॉट) भी बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के कुल 1251 मामले हो गए हैं, जबकि इनकी मौत का आंकड़ा 32 तक पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल, गुजरात और मध्यप्रदेश में एक एक संक्रमित मरीज की मौत हुई है.

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उन्होंने संक्रमण के मामलों में इजाफा नहीं रुकने के पीछे संक्रमण के नए मामलों से संबद्ध इलाकों में लॉकडाउन के पालन में जनता के सहयोग में कमी और संक्रमण की समय से पहचान में देरी होने को प्रमुख वजह बताया है. उन्होंने कहा कि जिस इलाके से संक्रमण का एक भी मामला सामने आता है, उसे पृथक हॉटस्पॉट के रूप चिन्हित कर उस इलाके में रोकथाम के उपाय तेज कर दिए जाते हैं. अग्रवाल ने संक्रमण के मामले रोकने के लिए लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करने को ही एकमात्र उपाय बताते हुए कहा कि इसकी रोकथाम के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है.

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उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने तुर्की, दक्षिण कोरिया और वियतनाम के आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क स्थापित किया है. अग्रवाल ने बताया कि मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण के बारे में प्रमाणिक जानकारी लोगों को अवगत कराने के लिए ऑनलाइन परामर्श केंद्र भी शुरू करने की पहल की है. इसे अगले 24 घंटों में शुरू कर दिया जाएगा. 

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उन्होंने बताया कि देश में कोरोना के संक्रमण की स्थिति का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक हुई. इसमें राज्य सरकारों द्वारा बनाए गए कोविड-19 अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग बढ़ाने की जररूत पर बल दिया गया. साथ ही राज्यों को ऐसे प्रवासी मजदूरों का परीक्षण कराने को कहा गया है, जिनमें संक्रमण के लक्षण दिखाई दें. 

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इस दौरान गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि लॉकडाउन के पालन को लेकर मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर निरंतर निगरानी कर रहा है. उन्होंने आवश्यक वस्तुओं एवं अन्य अनिवार्य सेवाओं की स्थिति को संतोषजनक बताते हुए कहा कि प्रवासी कामगारों के अपने गृह राज्यों के लिये रवाना होने से उत्पन्न स्थिति भी नियंत्रण में है. श्रीवास्तव ने कहा कि इनके लिये देश भर में 21064 राहत शिविर बनाये गये हैं. जिनमें 6.66 लाख प्रवासी श्रमिकों, बेघरों और अन्य गरीबों को आश्रय एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. श्रीवास्तव ने बताया कि निर्धन तबके के लोगों को भोजन की तलाश में लॉकडाउन के दौरान निकलने से रोकने के लिये राज्य सरकारों एवं सामाजिक संगठनों के द्वारा पूरे देश में लगभग 23 लाख जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)