- बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बीमार होने की अफवाह फैलाई जा रही है
- मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद और उनके लोग उनकी सेहत को लेकर गलत खबरें फैलाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं
- आकाश आनंद ने पार्टी प्रभारी आलोक कुमार से मेरी सेहत के बारे में पूछा था लेकिन बाद में फोन काट दिया था
बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को मीडिया से बात की. इस दौरान उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन और शिक्षक भर्ती को लेकर बात की, लेकिन पूरा फोकस फिर से आकाश आनंद पर ही रहा. भतीजे आकाश को वह पार्टी से बाहर कर चुकी हैं, लेकिन आज फिर उन पर हमला बोला. मायावती ने आरोप लगाया कि मेरे बीमार होने की अफवाह फैलाई जा रही है और इसीलिए मैं खुद मीडिया के सामने आई हूं. उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा हाल ही में पार्टी के हित में कुछ कड़े फैसले लिए गए हैं. उनसे फायदा ही हो रहा है और कोई नुकसान नहीं है.
फिर खुद ही मीडिया के सामने आने को लेकर भी बात की. मायावती ने कहा, 'पार्टी के लोगों और मीडिया के लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि बहनजी कई लंबे चौड़े मामलों को भी ट्विटर पर ही निपटाती रही हैं. ऐसे में मैं मीडिया पर क्यों आई हूं. कहा गया कि मैं बीमार हूं और इसीलिए ट्वीट कर रही हूं. इसलिए मैं खुद मीडिया में आई हूं.' इस तरह मायावती ने साफ कर दिया आकाश आनंद पर अब भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ है. उनका सीधा आरोप था कि मेरे बीमार होने की अफवाह आकाश आनंद और उनके लोगों ने फैलाई है.
उन्होंने कहा,'मेरे निवास स्थान पर पार्टी प्रभारी आलोक कुमार के पास रात को 10 बजे के करीब आकाश आनंद का फोन आया. आकाश ने आलोक कुमार से पूछा कि क्या बहनजी बीमार चल रही हैं? उनका स्वास्थ्य कैसा है. इस पर आलोक कुमार ने कहा कि वह तो बिलकुल ठीक हैं और अपने काम कर रही हैं. मायावती ने कहा कि इसके बाद आकाश आनंद ने कहा कि बहनजी को मत बताना और फोन रख दिया. उसका इरादा सही भी हो सकता है और गलत भी. अब भी वह अपने दिमाग से काम नहीं कर रहा है बल्कि अब भी अशोक सिद्धार्थ के ही दिमाग से काम कर रहा है.'
यूपी और उत्तराखंड में पार्टी का काम मायावती खुद देखेंगी
मायावती ने इस दौरान एक और बड़े फैसले की जानकारी दी. उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर बसपा के संगठन को तीन सेक्टरों में बांटा गया है. इसके तहत सेक्टर नंबर एक यूपी और उत्तराखंड को मिलाकर बना है. उनका कहना है कि यूपी और उत्तराखंड में संगठन के कामकाज की निगरानी वह खुद करेंगी. इसके अलावा देश के अन्य राज्यों को दो अन्य सेक्टरों में बांटा गया है. कई नेताओं को सेक्टर प्रभारी भी बनाया गया है. इनकी रिपोर्ट मैं लखनऊ से लेती रहूंगी. इसके अतिरिक्त फोन पर भी बात करती रहूंगी. इन दोनों सेक्टरों के केंद्रीय प्रभारी दिल्ली में रिपोर्ट देते रहेंगे. हर डेढ़ महीने पर इनकी बैठकें होंगी, जो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार लेंगे. इनकी पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष मुझे देंगे.
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