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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पेश महाभियोग प्रस्ताव खारिज, TMC की अगुआई में विपक्ष ने किया था पेश

कुछ दिनों पहले TMC की अगुआई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था. भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश करने का यह पहला मामला था. 

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पेश महाभियोग प्रस्ताव खारिज, TMC की अगुआई में विपक्ष ने किया था पेश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार.

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 130 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित उस प्रस्ताव नोटिस को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जिसमें ज्ञानेश कुमार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त पद से हटाने की मांग की गई थी. मालूम हो कि कुछ दिनों पहले TMC की अगुआई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था. भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश करने का यह पहला मामला था. 

12 मार्च को तृणमूल कांग्रेस ने 10 पन्नों से ज्यादा की नोटिस में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने जाने के 7 कारणों का जिक्र किया गया था. इन 7 बिंदुओं में बिहार की SIR प्रक्रिया का ज़िक्र किया गया है. लोगों के वोटिंग के अधिकार को छीनने की बात भी की गई है. साथ ही कुछ राजनीतिक दलों के प्रति पक्षपात करने का आरोप भी लगाया गया है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का जिक्र भी किया गया था.

इस प्रस्ताव पर राज्यसभा के सभापति ने गंभीर विचार-विमर्श किया. सभी जरूरी पहलुओं और मुद्दों का मूल्यांकन करने के बाद, सभापति ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इसको स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

दरअसल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस को सोमवार को अस्वीकार कर दिया. लोकसभा सचिवालय ने यह जानकारी दी. 

लोकसभा सचिवालय ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 324(5), मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) अधिनियम, 2023 की धारा 11(2) और न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत लोकसभा के 130 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित 12 मार्च, 2026 के एक प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा गया था जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की गई थी.

सचिवालय ने कहा, 'प्रस्ताव के नोटिस पर उचित विचार करने और उसमें शामिल सभी प्रासंगिक पहलुओं और मुद्दों के सावधानीपूर्वक और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन के बाद, लोकसभा अध्यक्ष ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 की धारा 3 के तहत उन्हें प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्रस्ताव के उक्त नोटिस को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.'

राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि उच्च सदन के सभापति सीपी राधाकृष्ण ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए नोटिस को अस्वीकार कर दिया है.

यह भी पढ़ें - 10 पन्ने का नोटिस, 193 सांसदों के हस्ताक्षर, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नोटिस

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