यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने नौ साल के कार्यकाल में अमेरिका की कई यात्राएं कर चुके हैं, लेकिन वह अब पहली बार राजकीय यात्रा के लिए रवाना हुए हैं, और अमेरिका की ओर से सिर्फ करीबी और सहयोगी मुल्कों के नेताओं को दिया जाने वाला राजकीय यात्रा के निमंत्रण का सम्मान मिलने के बाद एक मुद्दा और है, जिसके लिए आवाज़ उठनी शुरू हो गई है. और वह है, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता. दुनिया का मौजूदा माहौल ऐसा है कि अगर संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीय संगठन बना रहना चाहता है, तो उसे UNSC में अधिक स्थायी सदस्यों को शामिल करने की ज़रूरत है.
दुनिया के सामने मौजूद वर्तमान चुनौतियों से निपटने में बेहद विभाजनकारी रही सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की मांग करने के प्रयासों में भारत सबसे आगे रहा है. भारत ने ज़ोर देकर कहा है कि UNSC अपने मौजूदा स्वरूप में आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती है, और अगर भारत जैसी विकासशील शक्तियों को स्थायी सदस्यता नहीं दी जाती है, तो UNSC की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लग जाएगा.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस समय 5 स्थायी सदस्य हैं, चीन, फ्रांस, रूस, UK और USA. इन पांच स्थायी सदस्यों के अलावा UNSC में 10 गैर-स्थायी सदस्य चुने जाते हैं, जो दो साल तक सदस्य रहते हैं. भारत ने पिछले साल दिसंबर में परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया है. गौरतलब है कि सिर्फ़ स्थायी सदस्यों के पास ही किसी भी प्रस्ताव पर वीटो करने (इंकार करने) का अधिकार होता है, जो बहुमत के बिना भी प्रभावी होता है.

आज NDTV आपको बता रहा है वे 5 वजहें, जिनके चलते भारत को यह अहम सदस्यता मिलनी ही चाहिए.
- भारत की दुनिया में आज एक नई साख है, जिसके चलते अगर संयुक्त राष्ट्र अपनी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता बनाए रखना चाहता है, तो उसे भारत जैसे मुल्कों को स्थायी सदस्यता देनी होगी.
- भारत दुनिया की 17 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है...
- भारत इस वक्त दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और हाल ही में उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य ब्रिटेन को अर्थव्यवस्था के मामले में पीछे छोड़ा है.
- दुनिया के बहुत-से देश भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में देखना चाहते हैं. दरअसल, मौजूदा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों में चीन के अलावा सभी देश - अमेरिका, रूस, ब्रिटेन तथा फ्रांस - भारत को UNSC की स्थायी सदस्यता दिए जाने के पक्ष में हैं.
- संयुक्त राष्ट्र में भारत का योगदान बहुत ज़्यादा रहा है. संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में अब तक भारत के 2,00,000 से ज़्यादा जवान शिरकत कर चुके हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं