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क्या गरीब होना गुनाह है; ₹10 के फटे नोट पर विवाद, थप्पड़ और फिर समीर की मौत, अब FIR में जुड़ी नई धारा

पूर्वी दिल्ली में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव समीर हुसैन की मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. फटे 10 रुपये के नोट को लेकर हुए विवाद के बाद समीर ने कथित तौर पर जहर खा लिया था. पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ी है.

क्या गरीब होना गुनाह है; ₹10 के फटे नोट पर विवाद, थप्पड़ और फिर समीर की मौत, अब FIR में जुड़ी नई धारा
दिल्ली में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव की मौत, वीडियो ने उठाए कई सवाल
अल्टर्ड बाय NDTV (समीर के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
  • फटे ₹10 के नोट से शुरू हुआ विवाद, 24वें जन्मदिन से पहले डिलीवरी बॉय की मौत
  • डिलीवरी बॉय बोला- ‘मेरी इज्जत सरेआम मिट्टी में मिला दी’, फिर खाया जहर
  • समीर की मौत के बाद FIR में जुड़ी आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा
नई दिल्ली:

पूर्वी दिल्ली से एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव ने कथित मारपीट और सार्वजनिक अपमान से आहत होकर जहर खा लिया. 24वें जन्मदिन से एक दिन पहले उसकी मौत हो गई. मृतक ने जहर खाने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसकी आत्मसम्मान को सड़क पर कुचल दिया गया. फटे 10 रुपये के नोट को बदलने की मांग से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आखिरकार एक युवा की जान चली गई.

4 अक्टूबर को हुआ था विवाद

NDTV को प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान समीर हुसैन के रूप में हुई है, जो 21 अक्टूबर को 24 वर्ष का होने वाला था. पुलिस के मुताबिक 4 अक्टूबर की रात वह पूर्वी विनोद नगर इलाके में एक कॉफी की डिलीवरी करने गया था. बताया गया है कि ऑर्डर करीब 150 रुपये का था. समीर के द्वारा शेयर किए गए वायरल वीडियो के अनुसार ग्राहक ने भुगतान के लिए करीब 15 मिनट इंतजार कराया. जब पैसे दिए गए तो उनमें 10 रुपये का एक फटा हुआ नोट था. समीर ने कथित तौर पर ग्राहक से विनम्रता से नोट बदलने या ऑर्डर रद्द करने का अनुरोध किया.

'नोट बदलने को कहा तो शुरू हुआ विवाद'

वीडियो में समीर ने बताया कि उसने सिर्फ इतना कहा था कि फटा हुआ नोट बदल दिया जाए. आरोप है कि इस बात पर ग्राहक नाराज हो गया और उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगा. समीर का दावा था कि उसे कई बार थप्पड़ मारे गए. उसने कहा कि मारपीट से ज्यादा उसे इस बात ने आहत किया कि उसकी आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ाया गया. वीडियो में उसने सवाल किया, 'क्या गरीब होना गुनाह है?'

जहर खाने से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो

जहर खाने से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में समीर ने खुद को मेहनत से कमाने वाला व्यक्ति बताया. उसने कहा कि उसके पास कोई वाहन नहीं था और वह साइकिल से डिलीवरी करता था. वीडियो में उसने कहा कि वह कम खा लेगा, लेकिन अपनी मेहनत की कमाई से ही खाएगा. समीर ने यह भी कहा कि उसे भरोसा नहीं है कि उसे न्याय मिलेगा क्योंकि उसके पास पैसा नहीं है. उसने डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जब किसी डिलीवरी बॉय के साथ हिंसा होती है तो उसके समर्थन में कौन खड़ा होता है.

5 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती

पुलिस के अनुसार 4 अक्टूबर की रात 11:03 बजे पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी, जिसमें समीर ने अपने साथ मारपीट की जानकारी दी थी. 5 अक्टूबर को उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसी दिन कल्याणपुरी थाने में मामला दर्ज किया गया. बाद में पुलिस को सूचना मिली कि समीर ने जहरीला पदार्थ खा लिया है. उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया. करीब 15 दिनों तक उपचार के बाद 20 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई.

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार समीर के चाचा मोहम्मद समीर ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान पहले रामपाल सिंह ने समीर को थप्पड़ मारे और बाद में उसका पोता राकेश उर्फ बंटी वहां पहुंचा और लोहे की रॉड से हमला किया. परिवार का आरोप है कि घटना के बाद कुछ लोग आरोपियों के घर भी गए, लेकिन वहां से उन्हें कथित तौर पर धमकियां मिलीं.

वहीं समीर की मां कलीमा ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उनके बेटे का अपमान किया गया. उनके अनुसार आरोपियों ने कहा था कि उनके राजनीतिक संबंध हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.

उन्होंने कहा, 'जब मेरे बेटे ने फटा नोट बदलने के लिए कहा तो उससे कहा गया कि तुम गरीब हो, मैं तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं, मेरा कुछ नहीं होगा, मेरे राजनीतिक संबंध हैं. क्या गरीब होना कोई अपराध है?' उन्होंने आगे कहा कि 'मैं सरकार से कहना चाहती हूं कि मैंने अपना जवान बेटा खो दिया. वह 21 अक्टूबर को 24 साल का होने वाला था.'.

दो आरोपी गिरफ्तार, बढ़ाई गई धारा

पुलिस ने इस मामले में राकेश उर्फ बंटी (30) और रामपाल सिंह (65) को गिरफ्तार कर लिया है. समीर की मौत के बाद एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, यानी आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) की धारा भी जोड़ दी गई है.

जांच जारी

पुलिस अब उस वीडियो, मारपीट की परिस्थितियों, कथित अपमान और आत्महत्या के बीच संबंधों की जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना के बाद समीर पर किसी तरह का दबाव या धमकी तो नहीं बनाई गई थी.

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